राजस्थान उपसरपंच चुनाव: 3314 पंचायतों में वोटिंग के बीच डूंगरपुर में BLO की मौत, अलवर-भीलवाड़ा में बवाल

राजस्थान उपसरपंच चुनाव में रविवार का दिन भारी रहा

राजस्थान उपसरपंच चुनाव के दूसरे चरण में रविवार, 25 अक्टूबर को प्रदेश के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। दिन सामान्य शुरू हुआ, लेकिन दोपहर तक विवाद, पथराव और एक मौत की खबरें आने लगीं। डूंगरपुर में नामांकन के दौरान BLO की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में मौत हो गई, अलवर में मतगणना पर धरना चला, बीकानेर और भीलवाड़ा में पथराव हुआ।

यह चुनाव आम मतदाताओं के लिए नहीं था — उपसरपंच सिर्फ निर्वाचित वार्ड पंच चुनते हैं, इसलिए केंद्रों पर आम भीड़ नहीं थी। फिर भी शनिवार को आए पहले चरण के नतीजों के बाद कई गांवों में हार-जीत का छोटा अंतर ही तनाव की वजह बन गया।

डूंगरपुर में BLO अशोक बारिया की मौत

सबसे दुखद खबर डूंगरपुर के सीमलवाड़ा क्षेत्र से आई। डूका ग्राम पंचायत में नामांकन के दौरान BLO अशोक बारिया की तबीयत खराब हो गई। उन्हें सीमलवाड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

BLO चुनाव प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी होते हैं — मतदाता सूची से लेकर मतदान केंद्र की व्यवस्था तक उन्हीं के जिम्मे रहती है।

अलवर के कठूमर में मतगणना पर धरना

अलवर के कठूमर तहसील की गारू ग्राम पंचायत में रविवार सुबह शनिवार रात के सरपंच नतीजे पर सवाल उठे। पराजित उम्मीदवार हरदेवी के समर्थकों ने सरकारी स्कूल के बाहर धरना देकर दोबारा गिनती की मांग की।

हरदेवी के भांजे मनोज कुमार का कहना है कि उनकी मौसी शनिवार रात करीब 76 वोटों से हारी घोषित की गईं, जबकि आरती खंडेलवाल को विजेता बताया गया। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब वे केंद्र पहुंचे तो स्कूल के अंदर मतपत्रों का एक बंडल पड़ा मिला। आरोप है कि ये मतपत्र गिनती में शामिल ही नहीं हुए और इनमें से कुछ पर हरदेवी के पक्ष में वोट थे।

मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी श्याम सुंदर ने भरोसा दिया कि जांच में अनियमितता मिली तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने पुनर्गणना की मांग के लिखित आधार भी मांगे, और इसी दौरान ग्रामीणों से बहस भी हो गई। प्रशासन का रुख साफ है — बिना लिखित आधार और जांच के मतगणना दोबारा नहीं हो सकती।

बीकानेर और भीलवाड़ा में पथराव

बीकानेर जिले की छतरगढ़ पंचायत समिति की केला ग्राम पंचायत में शनिवार देर रात सरपंच चुनाव का नतीजा घोषित हुआ। जमीला की जीत के बाद रविवार सुबह कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पुलिस और प्रशासन के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।

भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र की गुड़ा ग्राम पंचायत में भी ऐसी ही घटना हुई। नवनिर्वाचित सरपंच अख्तरी के बेटे जुबेर की कार पर अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंके, जिससे कार के शीशे टूट गए और जुबेर की आंख में हल्की चोट आई। पुलिस के अनुसार इस घटना के पीछे उपसरपंच पद के उम्मीदवार को लेकर विवाद होने की आशंका है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दोनों पक्षों की ओर से अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।

राजस्थान उपसरपंच चुनाव कैसे होता है

उपसरपंच का चुनाव आम चुनाव जैसा नहीं होता। इसमें गांव के आम मतदाता वोट नहीं डालते — सिर्फ वे वार्ड पंच मतदान करते हैं जो शनिवार के पहले चरण में चुनकर आए हैं। यही वजह है कि केंद्रों पर भीड़ कम रहती है, लेकिन दांव उतना ही बड़ा होता है: उपसरपंच सरपंच की अनुपस्थिति में पंचायत का कामकाज संभालता है।

इस बार के पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। कुल 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं।

पहले चरण में 80.09 प्रतिशत मतदान

शनिवार को हुए पहले चरण में पंच और सरपंच पदों के लिए 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में 80.09 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। मतदान सुबह सात से शाम छह बजे तक चला, फिर मतगणना शुरू हुई। सरपंच के 3,314 पदों के लिए 16,795 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि पंच के 28,682 पदों के लिए मतदान हुआ।

सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर की मांगटा में 91.42 प्रतिशत दर्ज किया गया, इसके बाद बीकानेर के पूगल में 90.55 प्रतिशत और बाड़मेर के रामसर में 90.03 प्रतिशत रहा। सबसे कम मतदान पाली की रानी स्टेशन में 56.82 प्रतिशत और सिरोही के कलंदरी में 57.31 प्रतिशत रहा। पहले चरण में भी कई जिलों से छिटपुट झड़पों और फर्जी मतदान के आरोपों की खबरें आई थीं — तनाव की जमीन शनिवार को ही तैयार हो गई थी।

पहले चरण की कुछ अलग कहानियां भी सामने आईं — बीकानेर की पार्वती तलाई में 36 कौमों ने बिना वोटिंग के पूरी पंचायत चुन ली, तो नागौर के बरणगांव में राजबाला बेनीवाल ने बड़ी जीत दर्ज की। लेकिन जहां जीत का अंतर कम रहा, वहीं विवाद भी उठे।

आंकड़ों में राजस्थान उपसरपंच चुनाव

उपसरपंच चुनाव वाली ग्राम पंचायतें 3,314
जिले 16
पहले चरण का मतदान प्रतिशत 80.09%
सरपंच पदों के उम्मीदवार 16,795
पंच पद 28,682
कुल ग्राम पंचायतें (पूरे चुनाव में) 14,403
सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर-मांगटा, 91.42%
सबसे कम मतदान पाली-रानी स्टेशन, 56.82%

आगे क्या होगा

उपसरपंच चुनाव के बाद अब पंचायत समिति प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अलवर के गारू गांव में पुनर्गणना की मांग पर प्रशासन का अगला कदम सबसे ज्यादा नजरों में रहेगा।

ग्रामीण राजस्थान के लिए यह चुनाव सिर्फ पदों का बंटवारा नहीं है — अगले पांच साल तक गांव की सड़क, पानी, सफाई और योजनाओं के फैसले इन्हीं पंचायतों से गुजरेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: राजस्थान उपसरपंच चुनाव में कौन वोट डालता है?
उत्तर: सिर्फ निर्वाचित वार्ड पंच। आम मतदाता उपसरपंच के चुनाव में मतदान नहीं करते, वे पंच और सरपंच चुनते हैं।

प्रश्न 2: 25 अक्टूबर को कितनी पंचायतों में उपसरपंच चुनाव हुआ?
उत्तर: 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में रविवार को उपसरपंच पदों के लिए चुनाव हुआ।

प्रश्न 3: डूंगरपुर में BLO की मौत कैसे हुई?
उत्तर: डूका ग्राम पंचायत में नामांकन के दौरान BLO अशोक बारिया की तबीयत बिगड़ी। सीमलवाड़ा अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

प्रश्न 4: अलवर के गारू गांव में विवाद किस बात पर हुआ?
उत्तर: हरदेवी के समर्थकों का आरोप है कि करीब 76 वोटों से हार के बाद स्कूल में मतपत्रों का एक बंडल मिला, जो गिनती में शामिल नहीं हुआ था। उन्होंने पुनर्गणना की मांग की है।

स्रोत: इस खबर के तथ्य द हिंदू की 25 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट पर आधारित हैं।

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