राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर: कोटा-उदयपुर में बारिश के आसार, दीपावली के बाद बढ़ेगी ठंड

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर से नया मोड़: बारिश के बाद दीपावली पर ठंड का तोहफा

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर से एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, और इस बार खबर सिर्फ बारिश की नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 26 से 29 अक्टूबर के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के साथ बीकानेर संभाग के कई जिलों में बादल छाएंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही रात और सुबह के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी। सीधा मतलब यह है कि दीपावली के बाद राजस्थान में ठंड का असली दौर शुरू हो जाएगा।

सबसे अहम बात यह है कि यह बदलाव एक साथ दो तरफ से आ रहा है। एक तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ अक्टूबर के आखिरी दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क ही रहेगा, लेकिन जिन जिलों में अलर्ट है, वहां के लोगों को दो-तीन दिन सतर्क रहना चाहिए।

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर: किस संभाग में कब क्या होगा

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर के पूर्वानुमान को संभागवार समझना सबसे आसान है, क्योंकि इस बार प्रदेश दो हिस्सों में बंटा दिखेगा — दक्षिण-पूर्व में बादल और बारिश, बाकी जगह धूप और शुष्क हवा।

संभाग / क्षेत्र 26-29 अक्टूबर का अनुमान खास बात
कोटा संभाग बादल, कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश नमी का सबसे ज्यादा असर
उदयपुर संभाग बादल, कहीं-कहीं हल्की बारिश सुबह-रात ठंड बढ़ेगी
बीकानेर संभाग (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर) बादल, कहीं-कहीं बारिश, 30-40 किमी/घंटा हवाएं गरज-चमक की आशंका
शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं) पश्चिमी विक्षोभ का असर, बादल और बूंदाबांदी तापमान में गिरावट
पूर्वी राजस्थान के बाकी हिस्से ज्यादातर शुष्क दिन में धूप बनी रहेगी
पश्चिमी राजस्थान के बाकी हिस्से मुख्य रूप से शुष्क दिन में गर्मी का अहसास

ध्यान रहे, यह भारी बारिश का अलर्ट नहीं है — बात हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं तक सीमित है। दीपावली की तैयारियां रुकेंगी नहीं, बस खुले में रखे सामान और दोपहिया यात्रा के लिए थोड़ी एहतियात बरतनी होगी।

ठंड क्यों बढ़ेगी: दो समुद्री प्रणालियों की नमी और नया पश्चिमी विक्षोभ

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों से राजस्थान की तरफ नमी आ रही है। इसी नमी के कारण दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग में बादल बन रहे हैं। पड़ोसी राज्य गुजरात में भी इसी बदलाव का असर बारिश के रूप में देखने को मिल रहा है।

इसके ऊपर अक्टूबर के आखिरी दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ वह सिस्टम है जो पश्चिम से आता है और उत्तर भारत में बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट लाता है। पिछले हफ्ते भी ऐसा ही एक विक्षोभ प्रदेश में सक्रिय हुआ था, जिसने कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि कराई थी। इस बार उसका असर अपेक्षाकृत हल्का रहने का अनुमान है, लेकिन न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री नीचे जाएगा और दीपावली के बाद सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ जाएगी। दिन का तापमान फिलहाल ज्यादा नहीं बदलेगा — दोपहर में धूप और गर्मी का अहसास बना रहेगा, रात को हल्के ऊनी कपड़ों की जरूरत पड़ने लगेगी।

बीते 24 घंटे में क्या हुआ: अलवर में अंधड़-ओले, कोटपूतली में सबसे ज्यादा बारिश

नए पूर्वानुमान को समझने के लिए बीते दिन का हाल जानना भी जरूरी है। 24 अक्टूबर को एक तरफ बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ — प्रदेश में सबसे गर्म दिन — तो दूसरी तरफ अलवर में दोपहर करीब 3 बजे 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चला और करीब एक घंटे तक बारिश के साथ कई जगह ओले गिरे। पेड़ों की डालियां टूटीं और टीन-टप्पर उड़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ। कोटपूतली-बहरोड़ में भी ओलावृष्टि की सूचना मिली थी।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सर्वाधिक बारिश कोटपूतली-जयपुर क्षेत्र में 25 मिलीमीटर दर्ज की गई। बसवा और दौसा में 9-9, थानागाजी में 8, अलवर और डीग में 5-5 तथा भरतपुर और सीकर में 4-4 मिलीमीटर बारिश हुई। न्यूनतम तापमान डूंगरपुर में 16.8 डिग्री रहा।

किसानों और आम लोगों के लिए क्या तैयारी करें

रबी की बुवाई के मौसम में हल्की बारिश मिट्टी की नमी के लिए अच्छी मानी जाती है, लेकिन तेज हवा और ओलावृष्टि खड़ी फसल और खुले में रखे अनाज के लिए नुकसानदेह हो सकती है। जिन जिलों में बारिश के आसार हैं, वहां किसान कटाई के बाद खुले में रखा अनाज ढककर रखें और पशुओं को तेज हवा के दौरान सुरक्षित जगह पर बांधें।

आम लोगों के लिए सलाह सीधी है। कोटा, उदयपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर या झुंझुनूं में रहते हैं तो बाहर निकलने से पहले आसमान पर एक नजर जरूर डाल लें। गरज-चमक के दौरान दोपहिया यात्रा टालना बेहतर है। दीपावली की सजावट खुले में रखी हो तो तेज हवा से पहले उसे मजबूती से बांध लें। घर के हल्के ऊनी कपड़े और रजाई निकालकर धूप दिखा लें — अचानक ठंड पड़ने पर ये तुरंत काम आएंगे। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह स्कूल या सैर के लिए हल्का स्वेटर जरूर पहनाएं, क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव के दिनों में सर्दी-जुकाम बढ़ जाता है।

अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो राजस्थान मौसम 25 अक्टूबर का हाल भी देख लें। 24 अक्टूबर के 11 जिलों के यलो अलर्ट से तुलना करने पर साफ दिखता है कि सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। ताजा आधिकारिक जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट पर भी नजर रखी जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर को कैसा रहेगा? 26 अक्टूबर से कोटा और उदयपुर संभाग में बादल और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। बीकानेर संभाग में 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।

दीपावली के बाद ठंड कितनी बढ़ेगी? न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट का अनुमान है। दीपावली के बाद सुबह और रात हल्की सर्दी महसूस होगी, जबकि दिन का तापमान फिलहाल ज्यादा नहीं बदलेगा।

क्या भारी बारिश या तूफान का अलर्ट है? नहीं, सिर्फ हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए? श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, सीकर और झुंझुनूं में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं। कोटा और उदयपुर संभाग में भी बादल और बारिश की संभावना है।

राजस्थान मौसम 26 अक्टूबर का यह पूर्वानुमान मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के 25 अक्टूबर को जारी ताजा अपडेट पर आधारित है। मौसम में बदलाव की गति तेज है, इसलिए अगले बुलेटिन पर भी नजर बनाए रखें।

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