अलवर राजपुर बड़ा पथराव: DSP समेत 4 पुलिसकर्मी घायल, 6 हिरासत में

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अलवर जिले के राजगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र के राजपुर बड़ा गांव में शनिवार को पंचायत चुनाव की प्रक्रिया हिंसक झड़प में बदल गई। अलवर राजपुर बड़ा पथराव में समझाइश करने पहुंचे पुलिस दल पर भीड़ ने पत्थर बरसा दिए, जिसमें डीएसपी देशराज कुलदीप समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को राजगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और पुलिस ने मौके पर भारी बल तैनात कर छह लोगों को हिरासत में ले लिया है।

इस बवाल के पीछे दो आरोप हैं — हारे प्रत्याशी का दावा है कि मतगणना में 319 वोट कम गिने गए, और ग्रामीणों का आरोप है कि मतपेटियों पर सील ही नहीं लगाई गई।

शनिवार सुबह गांव में कैसे भड़का बवाल

शुक्रवार शाम राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए मतदान खत्म हुआ था। परिणाम घोषित होने के बाद से ही हारने वाले प्रत्याशी के समर्थक विरोध जता रहे थे। शनिवार सुबह विरोध ने उग्र रूप ले लिया तो सूचना पर डीएसपी देशराज कुलदीप पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की।

समझाइश के दौरान ही भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस दल पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में डीएसपी देशराज कुलदीप और एक एएसआई के सिर में चोट लगी, जबकि कांस्टेबल धर्मेंद्र और मुरारी भी घायल हो गए। इसके बाद भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों और बाइकों में तोड़फोड़ की, तो हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

उपसरपंच चुनाव के दौरान हालात दोबारा तनावपूर्ण हो गए। जब पुलिस नव-निर्वाचित सरपंच को सुरक्षित बाहर ले जा रही थी और पंच मतदान के लिए अंदर जा रहे थे, तभी ग्रामीणों ने फिर विरोध शुरू कर दिया और पुलिस वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए।

319 वोटों के अंतर का आरोप: हारे प्रत्याशी का दावा

इस विवाद की जड़ मतगणना को लेकर लगाया गया आरोप है। सरपंच पद के प्रत्याशी रहे महेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि शुक्रवार शाम मतदान खत्म होने के बाद उन्हें करीब 4019 वोट पड़ने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मतगणना में उन्हें केवल 3700 वोट गिने जाने की बात बताई गई। उनके हिसाब से कुल 319 वोटों का अंतर है।

प्रत्याशी और उनके समर्थकों का कहना है कि उन्होंने इस अंतर को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई और सरपंच पद के विजेता की घोषणा कर दी गई। यह आरोप अभी प्रत्याशी पक्ष का दावा है — गिनती में सचमुच कोई गड़बड़ी हुई थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मतपेटियों पर सील न लगाने का आरोप और पुलिस का जवाब

दूसरा आरोप मतपेटियों की सील को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि मतदान खत्म होने के बाद मतपेटियों पर नियमानुसार सील नहीं लगाई गई। उनका यह भी आरोप है कि प्रशासन की ओर से दो युवक मतदान केंद्र के अंदर गए थे, जो करीब 25 मिनट तक अंदर रहने के बाद बाहर निकले। इसके बाद मतपेटियों पर सील न लगी होने का आरोप लगाते हुए मतदान केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।

पुलिस इस आरोप को निराधार बता रही है और उसका कहना है कि मतदान प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई थी। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं, इसलिए इस बिंदु पर भी जांच ही सच सामने ला सकेगी।

अलवर राजपुर बड़ा पथराव: कौन घायल, क्या कार्रवाई

तथ्य जानकारी
स्थान राजपुर बड़ा ग्राम पंचायत, राजगढ़ पंचायत समिति, अलवर
घटना का दिन शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
घायल पुलिसकर्मी डीएसपी देशराज कुलदीप, एक एएसआई, कांस्टेबल धर्मेंद्र और मुरारी
घायलों का इलाज राजगढ़ चिकित्सालय; डीएसपी का प्राथमिक उपचार राजपुर बड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में
हिरासत में लिए गए लोग 6
नुकसान पुलिस वाहनों और बाइकों में तोड़फोड़, शीशे टूटे
मौके पर स्थिति भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन की निगरानी जारी

अलवर के एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि पथराव में कुछ महिलाओं के शामिल होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एडिशनल एसपी दीपक शर्मा ने बताया कि क्षति संबंधी रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

गांव में अब क्या स्थिति है

घटना के बाद राजपुर बड़ा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

पंचायत चुनावों में पहले भी सामने आ चुका है तनाव

राजस्थान में पंचायत चुनावों के दौरान इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। राजस्थान उपसरपंच चुनाव के दौरान 25 अक्टूबर को 3314 पंचायतों में वोटिंग हुई थी, जिसमें डूंगरपुर में एक बीएलओ की मौत और अलवर-भीलवाड़ा में बवाल की खबरें आई थीं। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में 28 अक्टूबर को लाखों मतदाताओं ने वोट डाले थे और दूसरे चरण में 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

इन चुनावों में ज्यादातर जगह मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ गांवों में परिणामों को लेकर विवाद हिंसा तक पहुंच गया — राजपुर बड़ा की घटना उसी कड़ी की ताजा मिसाल है।

चुनाव परिणाम से असहमत हों तो सही रास्ता क्या है

परिणाम को लेकर असहमति होने पर सही तरीका सड़क पर विरोध नहीं, बल्कि तय कानूनी प्रक्रिया है। अपनी आपत्ति लिखित रूप में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी या जिला निर्वाचन कार्यालय के सामने रखनी चाहिए, और मतगणना के आंकड़ों में अंतर का दावा हो तो मतदान केंद्रवार आंकड़ों की प्रति मांगकर मिलान किया जा सकता है। पथराव या तोड़फोड़ से शिकायत मजबूत नहीं होती; उल्टा आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अलवर राजपुर बड़ा पथराव में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए?

अलवर राजपुर बड़ा पथराव में डीएसपी देशराज कुलदीप समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं — एक एएसआई और दो कांस्टेबल धर्मेंद्र और मुरारी। सभी का राजगढ़ चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।

राजपुर बड़ा में बवाल क्यों हुआ?

बवाल की दो वजहें बताई जा रही हैं — हारे प्रत्याशी महेंद्र कुमार शर्मा का आरोप है कि मतगणना में 319 वोट कम गिने गए, और ग्रामीणों का आरोप है कि मतदान के बाद मतपेटियों पर सील नहीं लगाई गई। पुलिस सील वाले आरोप को निराधार बता रही है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?

पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और क्षति संबंधी रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

क्या राजपुर बड़ा की स्थिति अब सामान्य है?

प्रशासन के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात है।

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