उपसरपंच चुनाव 1 नवंबर को राजस्थान के गांवों के लिए एक निर्णायक दिन लेकर आया है। पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाने के बाद आज 22 जिलों की 3626 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच का चयन होगा। इस चुनाव में आम मतदाता सीधे वोट नहीं डालेंगे, बल्कि हर पंचायत के नवनिर्वाचित वार्ड पंच अपने बीच से उपसरपंच चुनेंगे। उपसरपंच ही वह दूसरा चेहरा होगा जो अगले पांच साल तक सरपंच के साथ मिलकर पंचायत की कमान संभालेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार आज सुबह पंचायत की बैठक होगी, फिर उपसरपंच पद के लिए नामांकन और उनकी जांच होगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच मतदान कराया जाएगा और तुरंत मतगणना करके परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। यानी आज शाम तक ही साफ हो जाएगा कि 3626 गांवों में सरपंच के बाद दूसरा सबसे अहम पद किसके पास गया है।
आज उपसरपंच चुनाव की पूरी समय-सारणी क्या है
उपसरपंच का चुनाव सरपंच चुनाव से अलग तरीके से होता है। सरपंच को गांव के सभी मतदाता चुनते हैं, लेकिन उपसरपंच को सिर्फ वार्ड पंच चुनते हैं। इसलिए आज की प्रक्रिया पंचायत भवन के अंदर, एक बैठक के रूप में पूरी होगी। सुबह की बैठक में नवनिर्वाचित वार्ड पंच जुटेंगे और उपसरपंच पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। जांच के बाद सही पाए गए पर्चे चुनाव मैदान में रहेंगे।
मतदान का समय दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच तय किया गया है, ताकि सभी वार्ड पंच वोट डाल सकें। मतदान खत्म होते ही उसी स्थान पर मतगणना शुरू हो जाएगी और परिणाम की घोषणा भी वहीं कर दी जाएगी। ग्रामीणों को उपसरपंच के नाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हर एक वार्ड पंच का वोट आज बेहद कीमती है, क्योंकि उन्हीं की संख्या हार-जीत तय करेगी।
दूसरे चरण में कैसा रहा था मतदान: 78.77 फीसदी वोट पड़े थे
आज के उपसरपंच चुनाव की जमीन 31 अक्टूबर को हुए दूसरे चरण के मतदान से तैयार हुई है। उस दिन 22 जिलों की 3626 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए वोट डाले गए थे और शाम 6 बजे तक प्रदेश में 78.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। दूसरे चरण में कुल 1 करोड़ 6 लाख 56 हजार 127 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें 55 लाख 19 हजार 336 पुरुष और 51 लाख 36 हजार 744 महिला मतदाता शामिल थे। मतदाताओं को 3626 सरपंच और 33,804 वार्ड पंच चुनने का मौका मिला था, जबकि सरपंच पद के लिए 21,839 उम्मीदवार मैदान में थे और 45 ग्राम पंचायतों में सरपंच पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
जिलों के हिसाब से सबसे ज्यादा 442 पंचायतें जोधपुर जिले में थीं। सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर की दूगेरो का तला पंचायत समिति क्षेत्र में 90.11 प्रतिशत और सबसे कम जालोर की आहोर पंचायत समिति में 60.94 प्रतिशत रहा। करीब 79 फीसदी मतदान का मतलब है कि हर पांच में से चार मतदाताओं ने अपने गांव की सरकार चुनने के लिए वोट डाला। पहले चरण में भी उपसरपंच चुनाव की प्रक्रिया इसी तरह पूरी हुई थी, जब 3314 पंचायतों में वार्ड पंचों ने उपसरपंच चुने थे।
| बिंदु | आंकड़ा / विवरण |
|---|---|
| आज उपसरपंच चुनाव वाली पंचायतें | 3626 ग्राम पंचायतें, 22 जिले |
| मतदान का समय | दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक |
| परिणाम | मतदान के तुरंत बाद, उसी दिन |
| दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत | 78.77 प्रतिशत |
| दूसरे चरण में पंजीकृत मतदाता | 1,06,56,127 |
| चुने जाने वाले वार्ड पंच | 33,804 |
| सरपंच पद के उम्मीदवार | 21,839 (45 निर्विरोध) |
| चौथे चरण का मतदान | 14 नवंबर 2026 |
उपसरपंच का पद गांव के लिए इतना अहम क्यों है
अक्सर लोग सरपंच के नाम पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन पंचायत की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली में उपसरपंच की भूमिका कम नहीं होती। सरपंच के अनुपलब्ध रहने पर उपसरपंच ही पंचायत की बैठकों की अध्यक्षता करता है। विकास कार्यों की निगरानी और गांव के विवादों को सुलझाने में भी उपसरपंच की मौजूदगी मायने रखती है। इसलिए आज का चुनाव यह भी तय करेगा कि गांव में अगले पांच साल तक नेतृत्व की दूसरी पंक्ति कितनी मजबूत रहेगी।
दूसरे चरण के नतीजों ने कई गांवों में दिलचस्प तस्वीरें पेश की हैं। पिपलांत्री जैसे गांवों में सरपंच चुनाव के नतीजे ने दिखाया है कि मतदाता अब सिर्फ पुरानी पहचान के भरोसे वोट नहीं देता, बल्कि बदलाव की मांग भी करता है। उपसरपंच के चुनाव में भी यही समीकरण काम कर सकते हैं।
चौथे चरण की प्रक्रिया भी आज से शुरू, 14 नवंबर को मतदान
आज का दिन सिर्फ दूसरे चरण के उपसरपंच चुनाव तक सीमित नहीं है। पंचायत चुनाव के चौथे चरण की प्रक्रिया भी आज से शुरू हो रही है, जिसके लिए 4 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और मतदान 14 नवंबर को होगा। चार चरणों का कार्यक्रम इस तरह है: पहला चरण — 25 अक्टूबर को मतदान, 26 अक्टूबर को उपसरपंच चुनाव; दूसरा चरण — 31 अक्टूबर को मतदान, आज उपसरपंच चुनाव; तीसरा चरण — 6 नवंबर को मतदान, 7 नवंबर को उपसरपंच चुनाव; चौथा चरण — 14 नवंबर को मतदान, 17 नवंबर को उपसरपंच चुनाव। दूसरे चरण के मतदान प्रतिशत और जिला-वार आंकड़ों से यह भी साफ हुआ था कि ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव को लेकर उत्साह लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों और वार्ड पंचों के लिए आज की जरूरी बातें
अगर आप किसी ऐसी पंचायत से हैं जहां आज उपसरपंच का चुनाव हो रहा है, तो यह जानना उपयोगी रहेगा कि यह चुनाव वार्ड पंचों की बैठक में होता है, इसलिए आम मतदाता को आज मतदान केंद्र पर जाने की जरूरत नहीं है। परिणाम मतदान के तुरंत बाद घोषित होंगे, इसलिए अफवाहों के बजाय पंचायत भवन से मिली आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। चौथे चरण के उम्मीदवारों को नामांकन की आखिरी तारीख 4 नवंबर का खास ध्यान रखना चाहिए। इस खबर के स्रोत के रूप में एनडीटीवी राजस्थान की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट में आज की प्रक्रिया और समय-सारणी की पुष्टि की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज उपसरपंच का चुनाव किन पंचायतों में हो रहा है?
आज 22 जिलों की 3626 ग्राम पंचायतों में उपसरपंच का चुनाव हो रहा है, जहां दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को पंच और सरपंच के लिए मतदान हुआ था।
उपसरपंच को कौन चुनता है?
उपसरपंच को आम मतदाता सीधे नहीं चुनते। हर पंचायत के नवनिर्वाचित वार्ड पंच अपनी बैठक में वोट डालकर उपसरपंच का चयन करते हैं।
मतदान किस समय होगा और नतीजे कब आएंगे?
मतदान दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच होगा और तुरंत मतगणना करके परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे।
पंचायत चुनाव का चौथा चरण कब होगा?
चौथे चरण के लिए 4 नवंबर तक नामांकन और 14 नवंबर को मतदान होगा। तीसरे चरण का मतदान 6 नवंबर को और उपसरपंच चुनाव 7 नवंबर को होगा।