रांची से राजस्थान के लिए एक साथ दो खुशखबरियां आई हैं। 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 में राजस्थान पुलिस तीरंदाजी स्वर्ण का दोहरा धमाका हुआ है — रिकर्व महिला वर्ग में अमनदीप कौर और कंपाउंड पुरुष वर्ग में रजत चौहान ने स्वर्ण पदक जीते हैं। रविवार को व्यक्तिगत एलिमिनेशन राउंड के बाद छह वर्गों के पदक विजेताओं की घोषणा हुई। यह प्रतियोगिता झारखंड पुलिस की मेजबानी में रांची में हो रही है और इसका समापन 26 अक्टूबर को होगा।
राजस्थान पुलिस तीरंदाजी स्वर्ण: दो पदक, दो अलग अंदाज़
दोनों स्वर्ण की खास बात यह है कि वे एक ही तरह के मुकाबले में नहीं आए। अमनदीप कौर ने रिकर्व वर्ग में जीत दर्ज की, जबकि रजत चौहान कंपाउंड वर्ग में अव्वल रहे। तीरंदाजी में ये दोनों वर्ग धनुष की बनावट और निशाने के अंदाज़ में एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। एक दल का दो अलग-अलग वर्गों में स्वर्ण जीतना उसकी चौड़ाई और गहराई दोनों को दिखाता है।
स्वर्ण पदकों की दौड़ में राजस्थान किसी से पीछे नहीं रहा। असम राइफल्स ने भी दो स्वर्ण जीते, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस और आईटीबीपी को एक-एक स्वर्ण मिला। यानी राजस्थान देशभर के केंद्रीय बलों के बीच संयुक्त रूप से सबसे आगे खड़ा है।
पदक तालिका: छह वर्गों में किसे क्या मिला
| वर्ग | स्वर्ण | रजत | कांस्य |
|---|---|---|---|
| रिकर्व महिला | अमनदीप कौर (राजस्थान पुलिस) | सुमन चौधरी (उत्तर प्रदेश पुलिस) | सोनाली बसुमतारी (आईटीबीपी) |
| रिकर्व पुरुष | अकोइजाम अमरजीत (असम राइफल्स) | दिव्यांश चौधरी (सीआईएसएफ) | नीरज (आईटीबीपी) |
| कंपाउंड महिला | समैना बसुमतारी (असम राइफल्स) | आकांक्षा (सीआईएसएफ) | मैनाव नारजरी (बीएसएफ) |
| कंपाउंड पुरुष | रजत चौहान (राजस्थान पुलिस) | हर्ष बालियान (उत्तर प्रदेश पुलिस) | भगवान दास (सीआरपीएफ) |
| इंडियन राउंड महिला | नमिता वर्मा (उत्तर प्रदेश पुलिस) | पुष्पा (एसएसबी) | दीपिका पांडेय (उत्तर प्रदेश पुलिस) |
| इंडियन राउंड पुरुष | गौरव संजय राव चांदने (आईटीबीपी) | सुनील कुमार (बीएसएफ) | सौरभ मौर्य (उत्तर प्रदेश पुलिस) |
इस तालिका से साफ दिखता है कि कोई एक बल सारे पदक नहीं ले गया। हर वर्ग में अलग-अलग बलों के खिलाड़ी पोडियम पर पहुंचे — यहां वर्दी का रंग नहीं, निशाने की सटीकता बोलती है।
अमनदीप कौर: रिकर्व महिला वर्ग में स्वर्ण
रिकर्व महिला व्यक्तिगत एलिमिनेशन मुकाबले में राजस्थान पुलिस की अमनदीप कौर ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश पुलिस की सुमन चौधरी को रजत और आईटीबीपी की सोनाली बसुमतारी को कांस्य पदक मिला। रिकर्व को तीरंदाजी का सबसे पारंपरिक और ओलंपिक वाला रूप माना जाता है, इसलिए इसमें स्वर्ण का वजन और बढ़ जाता है।
रिकर्व में तीरंदाज को बिना किसी आधुनिक सहारे के, अपने हाथ की ताकत और आंख की सटीकता के भरोसे निशाना लगाना होता है। हवा की दिशा, दूरी का अंदाज़ा और दिल की धड़कन तक हर छोटी चीज़ नतीजे को बदल सकती है। एलिमिनेशन में एक खराब राउंड बाहर कर सकता है, इसलिए अमनदीप कौर का स्वर्ण दबाव में टिके रहने की मिसाल है।
राजस्थान में तीरंदाजी की जड़ें गहरी हो रही हैं — हाल ही में हनुमानगढ़ में हुई 70वीं राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में उदयपुर की अकादमी ने तीन पदक जीते थे, और अमनदीप की जीत उसी परंपरा की अगली कड़ी है।
रजत चौहान: कंपाउंड पुरुष वर्ग में दूसरा स्वर्ण
दूसरा स्वर्ण कंपाउंड पुरुष व्यक्तिगत एलिमिनेशन वर्ग में आया, जहां राजस्थान पुलिस के रजत चौहान पहले स्थान पर रहे। उत्तर प्रदेश पुलिस के हर्ष बालियान को रजत और सीआरपीएफ के भगवान दास को कांस्य पदक मिला। रजत चौहान की जीत ने साबित कर दिया कि राजस्थान की ताकत सिर्फ एक वर्ग या एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है।
कंपाउंड में धनुष पर लगी पुली और केबल तीर को ज्यादा गति और स्थिरता देते हैं, लेकिन यह आसान नहीं है। यहां निशाना इतना बारीक होता है कि मिलीमीटर का फर्क भी स्वर्ण और रजत के बीच की दूरी तय कर देता है। जीतने वाले की खासियत उसकी दोहराने की क्षमता होती है — एक ही सटीक शॉट को बार-बार, बिना बदले, लगाना। रजत चौहान ने एलिमिनेशन के दबाव में यही निरंतरता दिखाई, और नतीजा राजस्थान पुलिस तीरंदाजी स्वर्ण के रूप में सामने आया।
तीन वर्गों का फर्क: रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड
तीन वर्गों का फर्क इस तरह है। रिकर्व सबसे पुराना ओलंपिक रूप है — धनुष दोनों सिरों से बाहर की ओर मुड़ा होता है और पूरी ताकत हाथों से लगती है, इसलिए हवा और दूरी का असर सबसे ज्यादा महसूस होता है। कंपाउंड आधुनिक तकनीक वाला रूप है, जिसमें स्कोर आमतौर पर बहुत करीब होते हैं और एक छोटी चूक भी महंगी पड़ती है। इंडियन राउंड पारंपरिक भारतीय धनुष से खेला जाता है और देश की अपनी तीरंदाजी परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर जीवित रखता है। इस बार इंडियन राउंड के दोनों स्वर्ण उत्तर प्रदेश पुलिस की नमिता वर्मा और आईटीबीपी के गौरव संजय राव चांदने के खाते में गए।
एलिमिनेशन राउंड की परीक्षा भी समझने लायक है। सामान्य राउंड के उलट, एलिमिनेशन में हर शॉट का वजन बढ़ जाता है — हारने वाला बाहर, जीतने वाला आगे। जिस खिलाड़ी का मन शांत रहता है और जो पिछले शॉट को भूलकर अगले शॉट पर पूरा ध्यान लगा पाता है, वही आखिर में पोडियम पर खड़ा होता है।
राजस्थान के लिए आगे क्या
ऐसे आयोजनों से पुलिस बलों के बीच समन्वय और सौहार्द भी मजबूत होता है। राजस्थान के खेल प्रेमियों के लिए यह हफ्ता वैसे भी खास रहा है: बीकानेर में सादुल क्लब परिसर में करीब 7 करोड़ रुपये की हाईटेक शूटिंग रेंज तैयार हो रही है, और सीकर की मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता है। अब रांची से आई राजस्थान पुलिस तीरंदाजी स्वर्ण की दोहरी सफलता उसी सिलसिले को आगे बढ़ाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान पुलिस तीरंदाजी स्वर्ण में कितने पदक आए?
दो स्वर्ण — रिकर्व महिला वर्ग में अमनदीप कौर और कंपाउंड पुरुष वर्ग में रजत चौहान विजेता रहे।
15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता कहां हुई?
झारखंड पुलिस की मेजबानी में रांची में। एलिमिनेशन राउंड के पदक विजेताओं की घोषणा 25 अक्टूबर 2026 को हुई और समापन 26 अक्टूबर 2026 को होगा।
बाकी चार स्वर्ण किसे मिले?
रिकर्व पुरुष में असम राइफल्स के अकोइजाम अमरजीत, कंपाउंड महिला में असम राइफल्स की समैना बसुमतारी, इंडियन राउंड महिला में उत्तर प्रदेश पुलिस की नमिता वर्मा और इंडियन राउंड पुरुष में आईटीबीपी के गौरव संजय राव चांदने ने स्वर्ण जीते।
रिकर्व और कंपाउंड में क्या फर्क है?
रिकर्व पारंपरिक ओलंपिक रूप है जिसमें पूरी ताकत हाथों से लगती है, जबकि कंपाउंड आधुनिक तकनीक वाला रूप है जिसमें पुली और केबल से गति व स्थिरता मिलती है और स्कोर बहुत करीब होते हैं।
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