357.5 — खेल की दुनिया में कुछ अंक इतने बड़े होते हैं कि वे खिलाड़ी का नाम इतिहास में दर्ज कर देते हैं। मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड इसी अंक के साथ जापान के एची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में बना है। शुक्रवार (23 अक्टूबर) को राजस्थान के सीकर की पैरा निशानेबाज ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन SH1 स्पर्धा में 357.5 का स्कोर करके विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया और प्रतियोगिता का अपना दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली इस जीत के साथ 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं। क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रहकर फाइनल में उन्होंने जो वापसी की, वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
फाइनल में 6वें स्थान से सोने तक की वापसी
मुकाबले की शुरुआत मोना के लिए आसान नहीं थी। क्वालिफिकेशन दौर में उन्होंने 566-17x का स्कोर किया और छठे स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि उनकी साथी अवनी लेखरा 580-24x के साथ शीर्ष पर थीं।
लेकिन फाइनल बिल्कुल अलग कहानी लेकर आया। एची प्रीफेक्चर जनरल शूटिंग गैलरी में मोना ने तीनों पोजिशनों — घुटने के बल (kneeling), पेट के बल (prone) और खड़े होकर (standing) — में शानदार प्रदर्शन किया:
- घुटने के बल (kneeling) सीरीज: 101.4
- पेट के बल (prone) के बाद कुल: 203.5
- पहली और दूसरी standing सीरीज के बाद: 256.5 और 307.3
- फाइनल स्कोर: 357.5 — नया विश्व रिकॉर्ड
दूसरे स्थान पर चीन की कुईपिंग झांग रहीं, जिन्होंने 353.7 का स्कोर किया — मोना से 3.8 अंक पीछे। दक्षिण कोरिया की मियोंग किम ने 344.4 स्कोर के साथ कांस्य जीता। अवनी लेखरा प्रोन पोजिशन के बाद शीर्ष दो में थीं, लेकिन standing सीरीज में पिछड़ गईं और 333.2 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड: रिकॉर्ड बुक में क्या बदला
मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड एक साथ दो रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा:
| रिकॉर्ड | पुराना स्कोर | धारक |
|---|---|---|
| विश्व रिकॉर्ड | 356.0 | स्वीडन की अन्ना बेंसन (नोवी साद वर्ल्ड कप, जुलाई 2026) |
| एशियाई रिकॉर्ड | 355.7 | दक्षिण कोरिया की ली युन-री (चांगवोन, सितंबर 2026) |
| नया विश्व + एशियाई रिकॉर्ड | 357.5 | मोना अग्रवाल (नागोया, 23 अक्टूबर 2026) |
महज 1.5 अंक का अंतर लग सकता है, लेकिन 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन जैसे खेल में जहां हर शॉट दशमलव में नापा जाता है, वहां पुराने विश्व रिकॉर्ड को तोड़ना असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।
पहला स्वर्ण और दो रिकॉर्ड की कहानी
यह मोना का इस प्रतियोगिता का दूसरा स्वर्ण था। खेलों के पहले दिन उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 के स्कोर के साथ स्वर्ण जीता था और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड बनाया था — उसमें भी अवनी लेखरा (249.6) के साथ भारतीय खिलाड़ियों का एक-दो फिनिश हुआ था।
इस तरह मोना ने एक ही प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और दो रिकॉर्ड अपने नाम किए — एक गेम्स रिकॉर्ड और एक विश्व रिकॉर्ड। 38 वर्षीय मोना पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं, और इस साल की शुरुआत में उन्होंने लॉस एंजिलिस 2028 पैरालंपिक के लिए भारत का पहला कोटा भी पक्का किया था।
सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मोना अग्रवाल को बधाई देते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अथक परिश्रम हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश और प्रदेश — दोनों के लिए गौरव का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कामना की कि मोना सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करती रहें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे की शान बढ़ाती रहें। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राजस्थान की प्रगति का आधार है और सरकार युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
SH1 वर्गीकरण क्या होता है
पैरा निशानेबाजी में SH1 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है, जिनके पैरों या हाथों में अक्षमता है, लेकिन वे बंदूक का वजन अपनी भुजाओं से बिना किसी स्टैंड या सहारे के संभाल सकते हैं। मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड इसी वर्ग में बनाया है — यहां तकनीक, संतुलन और मानसिक मजबूती की परीक्षा कहीं ज्यादा कठिन होती है।
मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड के बाद भारत का पदक अभियान
मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड के साथ ही शुक्रवार को भारत ने एशियन पैरा गेम्स में 100 पदकों का आंकड़ा पार कर लिया। खबर लिखे जाने तक भारत के खाते में 103 पदक थे (27 स्वर्ण, 33 रजत, 43 कांस्य) और भारत चौथे स्थान पर था। उसी दिन भाला फेंक में हानी ने 60.49 मीटर के थ्रो से विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण जीता, जबकि बैडमिंटन, तीरंदाजी और एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण बटोरे।
राजस्थान के लिए क्यों है खास यह जीत
सीकर की मोना अग्रवाल की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं है — यह राजस्थान की निशानेबाजी परंपरा का नया अध्याय है। मोना अग्रवाल विश्व रिकॉर्ड के साथ प्रदेश ने एक ही खेलों में निशानेबाजी के दो विश्वस्तरीय चेहरे दे दिए हैं — अवनी लेखरा और अब मोना। एशियन पैरा गेम्स 2026 में राजस्थान के खिलाड़ी लगातार चमक रहे हैं — अजमेर की सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य जीता, धौलपुर के प्रवीण शर्मा ने शॉट पुट में कांस्य अपने नाम किया, और बीकानेर की गर्विता चौधरी ने नेशनल बॉक्सिंग में स्वर्ण जीता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: मोना अग्रवाल ने कौन सा विश्व रिकॉर्ड तोड़ा?
उन्होंने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन SH1 स्पर्धा में 357.5 स्कोर करके विश्व रिकॉर्ड बनाया। पुराना रिकॉर्ड 356.0 स्वीडन की अन्ना बेंसन के नाम था।
प्रश्न 2: एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना ने कितने पदक जीते?
दो स्वर्ण पदक — पहला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में (250.0, गेम्स रिकॉर्ड) और दूसरा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन SH1 में (357.5, विश्व रिकॉर्ड)।
प्रश्न 3: 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन में कौन-कौन पदक विजेता रहे?
मोना अग्रवाल (भारत, स्वर्ण, 357.5), कुईपिंग झांग (चीन, रजत, 353.7) और मियोंग किम (दक्षिण कोरिया, कांस्य, 344.4)। अवनी लेखरा 333.2 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
प्रश्न 4: एशियन पैरा गेम्स 2026 कहां हो रहे हैं और भारत की स्थिति क्या है?
खेल जापान के एची-नागोया में हो रहे हैं। भारत ने 100 से ज्यादा पदक जीतकर चौथे स्थान पर कब्जा जमाया है और हांगझोउ 2023 के 111 पदकों के अपने रिकॉर्ड को तोड़ने की ओर बढ़ रहा है।
स्रोत: द स्टेट्समैन/आईएएनएस और दैनिक नवज्योति — 23 अक्टूबर 2026। मोना के पहले स्वर्ण की खबर यहां पढ़ें।