70वीं राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता: उदयपुर अकादमी के 3 पदक, श्रीपाल का राष्ट्रीय चयन में नाम

राजस्थान के खेल मानचित्र पर उदयपुर ने एक बार फिर अपनी छाप छोड़ी है। हनुमानगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के 70वें संस्करण में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा संचालित उदयपुर की बालक तीरंदाजी अकादमी के खिलाड़ियों ने कुल तीन पदक अपने नाम किए। इनमें सबसे चमकदार नाम रहा श्रीपाल का — जिन्होंने अंडर-19 इंडियन राउंड वर्ग में 30 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता और ओवरऑल श्रेणी में कांस्य भी हासिल किया। इस दोहरे प्रदर्शन के दम पर श्रीपाल का चयन राष्ट्रीय चयन स्पर्धा के लिए हो गया है। जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने इस उपलब्धि को उदयपुर और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है।

श्रीपाल का दोहरा प्रदर्शन: 30 मीटर में स्वर्ण, ओवरऑल में कांस्य

प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण उदयपुर अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी श्रीपाल रहे। इंडियन राउंड की 30 मीटर स्पर्धा में उन्होंने अद्भुत निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। निर्णायक दौर में उनकी सटीकता लगातार बनी रही और उन्होंने बेहतर स्कोर बनाए रखा।

लेकिन श्रीपाल की कहानी यहीं नहीं रुकी। पूरे टूर्नामेंट में निरंतर शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ओवरऑल श्रेणी में कांस्य पदक भी अपने नाम किया। एक ही प्रतियोगिता में स्वर्ण और कांस्य — यह उपलब्धि उन्हें इस वर्ष के संस्करण के सबसे चर्चित खिलाड़ियों की सूची में ला खड़ा करती है।

टीम स्पर्धा में रजत: श्रीपाल, नितिन और शुभम की तिकड़ी

व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ उदयपुर की टीम ने टीम स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। अंडर-19 इंडियन राउंड की टीम स्पर्धा में उदयपुर के खिलाड़ियों ने आपसी तालमेल, अनुशासन और सटीक निशानेबाजी का नमूना पेश करते हुए रजत पदक जीता।

इस विजेता टीम में उदयपुर अकादमी के तीन प्रतिभावान खिलाड़ी — श्रीपाल, नितिन और शुभम शर्मा — शामिल थे। डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि तीनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के हर दौर में एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। टीम स्पर्धा में पदक इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें व्यक्तिगत हुनर के साथ-साथ टीम भावना भी परखी जाती है।

तीनों खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में प्रशिक्षक चेतन मेहरा के नेतृत्व में भाग लिया। कोच मेहरा पिछले कई वर्षों से अकादमी में युवा तीरंदाजों को तराश रहे हैं, और इस सफलता का श्रेय उनके मार्गदर्शन को भी दिया जा रहा है।

राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का फॉर्मेट: इंडियन राउंड क्या है?

इंडियन राउंड तीरंदाजी का एक पारंपरिक फॉर्मेट है, जिसमें तीरंदाज विभिन्न दूरियों — आमतौर पर 30, 40 और 50 मीटर — से लक्ष्य पर निशाना लगाते हैं। युवा वर्गों में अक्सर 30 मीटर की दूरी से शुरुआत होती है, जो निशानेबाजी की बुनियादी सटीकता परखती है।

अंडर-19 वर्ग में उम्र 19 वर्ष से कम के खिलाड़ी होते हैं, यानी स्कूल और कॉलेज स्तर के सबसे प्रतिभाशाली युवा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में इसी वर्ग से वे खिलाड़ी उभरते हैं जो आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस वर्ष यह प्रतियोगिता का 70वां संस्करण था — राजस्थान में तीरंदाजी की सात दशक पुरानी परंपरा का प्रमाण।

उदयपुर की तीरंदाजी अकादमी: प्रतिभाओं की फैक्ट्री

उदयपुर में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा संचालित बालक तीरंदाजी अकादमी पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रतिभाएं दे रही है। अकादमी में युवा खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और अनुभवी कोचों का मार्गदर्शन मिलता है। श्रीपाल, नितिन और शुभम शर्मा जैसे खिलाड़ी इसी अकादमी की उपज हैं।

राज्य सरकार की खेल योजनाओं और अकादमी ढांचे की विस्तृत जानकारी के लिए आप राजस्थान खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर क्रीड़ा परिषद की योजनाओं को देख सकते हैं।

राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता — पदक सारांश एक नजर में

स्पर्धा पदक खिलाड़ी
अंडर-19 इंडियन राउंड, 30 मीटर (व्यक्तिगत) स्वर्ण श्रीपाल
अंडर-19 इंडियन राउंड, ओवरऑल (व्यक्तिगत) कांस्य श्रीपाल
अंडर-19 इंडियन राउंड, टीम स्पर्धा रजत श्रीपाल, नितिन, शुभम शर्मा

खेल अधिकारियों और प्रेमियों में खुशी की लहर

खिलाड़ियों की इस सफलता पर जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने सभी विजेताओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल प्रेमियों, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों और खेल विभाग के अधिकारियों में भी इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है।

यह सफलता राजस्थान के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है — चाहे वह क्रिकेट में रणजी टीम की कप्तानी संभालने वाले कार्तिक शर्मा हों, या टीम इंडिया के दरवाजे पर दस्तक देने वाले मानव सुथार। प्रदेश में खेलों का माहौल लगातार सुधर रहा है, और खेलो राजस्थान जैसे अभियानों से युवाओं को मंच भी मिल रहा है।

आगे की राह: राष्ट्रीय चयन स्पर्धा तक का सफर

श्रीपाल के लिए अब असली परीक्षा राष्ट्रीय चयन स्पर्धा में होगी, जहां देशभर के शीर्ष युवा तीरंदाज एक-दूसरे से भिड़ेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर चयन का मतलब है भारतीय तीरंदाजी टीम के दरवाजे तक पहुंचना — और वहां से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का रास्ता खुलता है। अकादमी प्रबंधन को उम्मीद है कि इस सफलता से और अधिक युवा तीरंदाजी की ओर आकर्षित होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: 70वीं राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता कहां आयोजित हुई?

उत्तर: यह प्रतियोगिता हनुमानगढ़ में आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशभर के युवा तीरंदाजों ने भाग लिया।

प्रश्न 2: उदयपुर अकादमी के खिलाड़ियों ने कितने पदक जीते?

उत्तर: उदयपुर की बालक तीरंदाजी अकादमी के खिलाड़ियों ने कुल तीन पदक जीते — एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य।

प्रश्न 3: श्रीपाल को कौन-कौन से पदक मिले?

उत्तर: श्रीपाल ने अंडर-19 इंडियन राउंड की 30 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक और ओवरऑल श्रेणी में कांस्य पदक जीता। टीम स्पर्धा में भी वे रजत जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।

प्रश्न 4: श्रीपाल का राष्ट्रीय चयन स्पर्धा के लिए चयन कैसे हुआ?

उत्तर: राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर श्रीपाल का चयन राष्ट्रीय चयन स्पर्धा के लिए किया गया है, जहां वे देशभर के श्रेष्ठ युवा तीरंदाजों से मुकाबला करेंगे।

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