राजस्थान के गांवों की सरकार चुनने की प्रक्रिया में बुधवार, 28 अक्टूबर को एक और बड़ा पड़ाव पूरा हो गया। पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान में शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने तक कुल 64.32 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 22 जिलों में फैले इस चरण में सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह दिखा और शाम तक मतदान का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता गया। हालांकि अंतिम आंकड़ा अभी आना बाकी है, लेकिन 6 बजे तक का यह प्रतिशत ही बता रहा है कि ग्रामीण मतदाताओं ने इस बार भी लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस चरण में मतदाताओं ने एक साथ दो वोट डाले — एक जिला परिषद सदस्य के लिए और दूसरा पंचायत समिति सदस्य के लिए। कुल 352 जिला परिषद वार्डों और 2,197 पंचायत समिति वार्डों के लिए यह मतदान हुआ। यानी एक ही दिन, एक ही बूथ पर गांव की दो स्तरीय सरकार की तस्वीर तय हो गई, जिसके नतीजे सीधे तौर पर जिले और ब्लॉक स्तर की विकास योजनाओं की दिशा तय करेंगे।
पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान: सुबह धीमी शुरुआत, दोपहर बाद तेज रफ्तार
मतदान की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई। पहले तीन घंटों में रफ्तार धीमी रही — सुबह 10 बजे तक सिर्फ 13.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन इसके बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ा, बूथों पर कतारें लंबी होती गईं। दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा 34.92 प्रतिशत पर पहुंच गया, यानी तीन घंटे में करीब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दोपहर 3 बजे तक 49.27 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे।
आखिरी तीन घंटे सबसे निर्णायक साबित हुए। शाम 6 बजे मतदान बंद होने तक कुल 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यानी दोपहर 3 बजे के बाद भी करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं ने बूथों का रुख किया। यह पैटर्न ग्रामीण चुनावों में अक्सर दिखता है — सुबह खेत-खलिहान के काम निपटाकर लोग दोपहर बाद मतदान के लिए निकलते हैं।
| समय | मतदान प्रतिशत |
|---|---|
| सुबह 10 बजे | 13.68% |
| दोपहर 1 बजे | 34.92% |
| दोपहर 3 बजे | 49.27% |
| शाम 6 बजे (मतदान समाप्ति) | 64.32% |
कहां सबसे ज्यादा, कहां सबसे कम मतदान
जिलेवार और समितिवार आंकड़ों में भी दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर जिले की बाटाडू पंचायत समिति में दर्ज किया गया, जहां 78.30 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। इसके उलट पाली जिले की देसूरी पंचायत समिति में सबसे कम 49.11 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों के बीच करीब 29 प्रतिशत का अंतर है, जो बताता है कि अलग-अलग इलाकों में मतदान को लेकर उत्साह और परिस्थितियां कितनी अलग थीं।
जयपुर जिले में दूसरे चरण का मतदान पांच पंचायत समितियों — आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर — में हुआ। जिले में कुल 413 मतदान केंद्र बनाए गए थे और 3,78,364 मतदाता 277 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए पंजीकृत थे। सुबह 10 बजे तक जयपुर जिले में 15.02 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें जालसू 16.45 प्रतिशत के साथ आगे था, उसके बाद शाहपुरा में 16.29 प्रतिशत और अमरसर में 15.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
EVM की गड़बड़ी से कुछ बूथों पर देरी, लेकिन प्रक्रिया शांतिपूर्ण
इतने बड़े पैमाने पर मतदान में कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं, लेकिन वे मतदान को पटरी से उतार नहीं पाईं। जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति में दो बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में गड़बड़ी के कारण मतदान प्रभावित हुआ। अजमेर में भी दो बूथों पर करीब आधे घंटे की देरी से मतदान शुरू हो सका। झुंझुनूं के सिंघाना पंचायत समिति के मुरादपुर गांव में बूथ संख्या 71 पर पहली वोट के बाद ही EVM खराब हो गई, जिसे तुरंत बदलकर मतदान फिर से शुरू कराया गया।
प्रशासन का कहना है कि इन गड़बड़ियों को जल्दी सुलझा लिया गया और कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी भी जिले से बड़ी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई, जो इतने व्यापक चुनाव के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
नेताओं और बुजुर्ग मतदाताओं ने दिया भागीदारी का संदेश
इस चरण में जनप्रतिनिधियों ने भी बढ़-चढ़कर मतदान किया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि राज्य के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले में वोट डाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी मतदान से पहले लोगों से अपील की थी कि वे पहले मतदान करें, फिर जलपान।
लेकिन दिन की सबसे प्रेरक तस्वीर सीकर जिले के नीम का थाना क्षेत्र के गणेश्वर गांव से आई, जहां 95 वर्षीय माली देवी को उनके परिजन मतदान केंद्र तक लेकर आए। उम्र और शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उनका वोट डालना यह संदेश देता है कि मतदान सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही जिम्मेदारी है।
आगे क्या होगा: अंतिम आंकड़ा और सरपंच चुनाव की प्रक्रिया
शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद अब सबकी नजर अंतिम आंकड़े पर है, क्योंकि 64.32 प्रतिशत का आंकड़ा 6 बजे तक का है और अंतिम गणना के बाद इसमें मामूली बदलाव संभव है। इसके साथ ही दूसरे चरण की प्रक्रिया का अगला हिस्सा भी शुरू हो जाएगा। जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों के तहत आने वाली 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया 29 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसके लिए नामांकन भी उसी दिन दाखिल किए जाएंगे।
मतदाताओं के लिए अगला कदम यही है कि वे अपने क्षेत्र के चुनाव कार्यक्रम पर नजर रखें — खासकर जहां सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव होने हैं, वहां नामांकन और मतदान की तारीखों की जानकारी स्थानीय प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक सूचनाओं से लेते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में कितना मतदान हुआ?
28 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने तक 64.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ा अभी आना बाकी है।
दूसरे चरण में सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान कहां हुआ?
सबसे ज्यादा मतदान बाड़मेर की बाटाडू पंचायत समिति में 78.30 प्रतिशत और सबसे कम पाली की देसूरी पंचायत समिति में 49.11 प्रतिशत दर्ज किया गया।
दूसरे चरण में कितने वार्डों के लिए मतदान हुआ?
22 जिलों में 352 जिला परिषद वार्डों और 2,197 पंचायत समिति वार्डों के लिए मतदान हुआ। हर मतदाता ने दो वोट डाले।
मतदान के दौरान EVM से जुड़ी दिक्कतें कहां आईं?
जोधपुर की तिवरी पंचायत समिति के दो बूथों, अजमेर के दो बूथों और झुंझुनूं के मुरादपुर गांव के बूथ संख्या 71 पर EVM में गड़बड़ी आई, जिसे तुरंत ठीक करके मतदान जारी रखा गया।
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