पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान: 28 अक्टूबर को जयपुर में 3,78,364 मतदाता डालेंगे वोट, 20 नवंबर को आएगा परिणाम

कल, यानी 28 अक्टूबर को राजस्थान में पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान होने जा रहा है, और जयपुर जिले के लाखों मतदाताओं के लिए यह दिन गांव की सरकार चुनने का दिन होगा। जयपुर की पांच पंचायत समितियों और जिला परिषद के वार्डों में एक साथ वोट पड़ेंगे, जिनमें कुल 3,78,364 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। प्रचार का शोर आज थम रहा है, मतदान दल आज ही जयपुर के भवानी निकेतन परिसर से अपने-अपने केंद्रों के लिए रवाना हो रहे हैं, और मतदान के तुरंत बाद ईवीएम को सुरक्षित जयपुर लाया जाएगा।

इस चरण की सबसे बड़ी बात इसका पैमाना है। सिर्फ जयपुर में ही 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां जिला परिषद और पंचायत समिति दोनों के प्रत्याशियों के लिए वोट डाले जाएंगे। प्रदेश भर में देखें तो सात जिला परिषदों और 122 पंचायत समितियों के हजारों वार्डों में 8,000 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। यानी गांव-गांव में यह चुनाव सीधे तौर पर विकास, पानी, सड़क और पंचायत के कामकाज से जुड़ा हुआ है, इसलिए मतदाताओं की दिलचस्पी भी स्वाभाविक रूप से ज्यादा है।

जयपुर में कहां-कहां होगा पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान

जयपुर जिले में दूसरे चरण का मतदान पांच पंचायत समितियों में होगा — अमरसर, आमेर, जालसू, रामपुरा-डाबड़ी और शाहपुरा। इन पांचों समितियों के कुल 81 वार्डों के लिए 247 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके साथ ही जयपुर जिला परिषद के 11 वार्डों — वार्ड संख्या 11 से 14 और 51 से 57 — के लिए भी मतदान होगा, जिनमें 30 उम्मीदवार मैदान में हैं।

मतदाताओं के लिहाज से जयपुर का आंकड़ा काफी बड़ा है। कुल 3,78,364 मतदाताओं में 1,97,323 पुरुष, 1,81,040 महिला और एक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी मतदाताओं के लिए 413 मतदान केंद्र तैयार किए हैं, ताकि किसी भी केंद्र पर बेवजह भीड़ न लगे और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। मतदान दलों की रवानगी 27 अक्टूबर को जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन परिसर से हो रही है, जहां से दल अपने-अपने केंद्रों तक पहुंचेंगे और वहां व्यवस्थाएं संभालेंगे।

प्रदेश भर में पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान का गणित कितना बड़ा है

जयपुर के आंकड़े तो अहम हैं ही, लेकिन पूरे प्रदेश का गणित इस चरण को और बड़ा बना देता है। दूसरे चरण में सात जिला परिषदों की 275 वार्डों के लिए 984 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, 122 पंचायत समितियों की 2,178 वार्डों के लिए 7,273 उम्मीदवार मैदान में हैं। अगर दोनों को जोड़ें तो इस चरण में कुल 8,257 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाताओं के हाथ में है।

यह संख्या इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्य ही आगे चलकर जिले और ब्लॉक स्तर की विकास योजनाओं पर फैसले लेते हैं। गांव की सड़क से लेकर पेयजल योजना तक, मनरेगा के कामों से लेकर पंचायत के बजट तक — इन सब पर इन सदस्यों की भूमिका सीधी होती है। इसलिए दूसरे चरण का मतदान सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि अगले पांच साल के ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला कदम है।

27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक: पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान का पूरा कार्यक्रम

इस चरण का कार्यक्रम एक ही दिन में खत्म नहीं होता। मतदान के बाद सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव की प्रक्रिया भी इसी क्रम में आगे बढ़ेगी, और जिला परिषद व पंचायत समिति के परिणामों के लिए मतदाताओं को 20 नवंबर तक इंतजार करना होगा। पूरा कार्यक्रम एक नजर में इस प्रकार है:

तारीख क्या होगा
27 अक्टूबर 2026 जयपुर में भवानी निकेतन से मतदान दलों की रवानगी, प्रचार थमेगा
28 अक्टूबर 2026 जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मतदान, इसके बाद ईवीएम सुरक्षित जयपुर लाई जाएंगी
29 अक्टूबर 2026 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के लिए नामांकन, जांच, नाम वापसी और अंतिम सूची का प्रकाशन
30 अक्टूबर 2026 सरपंच और वार्ड पंच के लिए सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान, उसी रात मतगणना और परिणाम
31 अक्टूबर 2026 उपसरपंच का चुनाव
20 नवंबर 2026 जिला परिषद और पंचायत समिति के वोटों की गिनती और अंतिम परिणाम की घोषणा

ध्यान देने वाली बात यह है कि सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव से अलग तरीके से होगा। 29 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किए जाएंगे और उसी दिन शाम तक नामांकनों की जांच, नाम वापसी और अंतिम प्रत्याशियों की सूची का प्रकाशन भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा, और मतदान खत्म होते ही मतगणना शुरू हो जाएगी, जिसके नतीजे देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे।

मतदाताओं के लिए जरूरी बातें: वोट डालने से पहले क्या ध्यान रखें

अगर आप जयपुर की इन पांच पंचायत समितियों या जिला परिषद के 11 वार्डों में से किसी में मतदाता हैं, तो मतदान से पहले कुछ बातें जांच लेना फायदेमंद रहेगा। सबसे पहले यह पक्का करें कि आपका नाम मतदाता सूची में है और आपका मतदान केंद्र कौन सा है। केंद्र की जानकारी पहले से पता होने से मतदान के दिन भटकना नहीं पड़ेगा और लंबी कतार में भी कम समय लगेगा।

दूसरा, अपना मतदाता पहचान पत्र या मान्य पहचान दस्तावेज साथ लेकर जाएं। तीसरा, मतदान केंद्र पर शांति बनाए रखें और मतदान कर्मियों के निर्देशों का पालन करें — प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां पूरी करने का दावा किया है, और इसमें मतदाताओं का सहयोग सबसे बड़ी ताकत होता है। अगर किसी केंद्र पर कोई दिक्कत दिखे तो उसकी जानकारी तुरंत मतदान अधिकारी को दें, खुद कोई विवाद खड़ा न करें।

एक और व्यावहारिक बात यह है कि 28 अक्टूबर के मतदान के बाद ईवीएम को सुरक्षित जयपुर लाया जाएगा, लेकिन परिणाम उसी दिन नहीं आएंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति के परिणाम 20 नवंबर को घोषित होंगे, इसलिए मतदान के बाद अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।

क्यों अहम है गांव की सरकार का यह चुनाव

पंचायत चुनाव को अक्सर विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तुलना में छोटा समझ लिया जाता है, लेकिन असल में गांव के लोगों के रोजमर्रा के काम इसी चुनाव से सबसे ज्यादा जुड़े होते हैं। पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी स्थानीय जरूरतों पर इन्हीं सदस्यों की नजर रहती है।

इसीलिए इस चरण में उम्मीदवारों की संख्या भी इतनी बड़ी है — हजारों उम्मीदवारों का मैदान में होना यह बताता है कि गांव की राजनीति में लोगों की भागीदारी कितनी गहरी है। पहले चरण में 22 अक्टूबर को हुए मतदान के बाद अब दूसरे चरण की बारी है, और इसके बाद सरपंच-वार्ड पंच की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। आज जयपुर में हुई बीजेपी की पंचायत चुनाव बैठक भी इसी चुनावी माहौल का हिस्सा है, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। वहीं, 24 अक्टूबर को पंच-सरपंच चुनाव के लिए हुए मतदान ने पहले ही दिखा दिया था कि गांवों में इस चुनाव को लेकर कितना उत्साह है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचायत चुनाव दूसरा चरण मतदान कब होगा?

28 अक्टूबर 2026 को जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के लिए मतदान होगा। जयपुर जिले में पांच पंचायत समितियों और जिला परिषद के 11 वार्डों में वोट डाले जाएंगे।

जयपुर में कितने मतदाता वोट डालेंगे?

जयपुर में कुल 3,78,364 मतदाता हैं, जिनमें 1,97,323 पुरुष, 1,81,040 महिला और एक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इनके लिए 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

जिला परिषद और पंचायत समिति के परिणाम कब आएंगे?

वोटों की गिनती और अंतिम परिणाम 20 नवंबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। मतदान के बाद ईवीएम को सुरक्षित जयपुर लाया जाएगा।

सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव कब होगा?

112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के लिए 29 अक्टूबर को नामांकन और उसी दिन जांच व अंतिम सूची का काम होगा, 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा और उसी रात मतगणना के बाद परिणाम घोषित होंगे। उपसरपंच का चुनाव 31 अक्टूबर को होगा।

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