बीकानेर के सूडसर बालाजी मंदिर में इस साल शरद पूर्णिमा का मेला महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट ने कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण रात 12 बजे लगने वाला 11 क्विंटल खीर का भोग रहेगा, जिसे ग्रहण करने के लिए आसपास के गांवों और दूर-दराज के इलाकों से हजारों भक्त रात में ही सूडसर धाम पहुंचते हैं। इस बार मेला 26 अक्टूबर (सोमवार) को आयोजित होगा, लेकिन धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक दिन पहले, यानी 25 अक्टूबर से ही हो जाएगी।
शरद पूर्णिमा हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र दिनों में गिनी जाती है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की रोशनी में अमृत बरसता है, इसलिए खीर का विशेष महत्व होता है। ट्रस्ट की ओर से सभी भक्तों से अपील की गई है कि वे मेले में पधारकर बालाजी महाराज के दर्शन करें और प्रसाद का लाभ लें।
सूडसर बालाजी शरद पूर्णिमा मेला 2026: पूरा कार्यक्रम एक नजर में
मंदिर ट्रस्ट ने 26 अक्टूबर के मेले का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। दिनभर श्रृंगार, भोग, भंडारा और ज्योत के कार्यक्रम चलेंगे, जबकि शाम को भव्य जागरण का आयोजन होगा।
| समय | कार्यक्रम |
| 25 अक्टूबर, सुबह 9 बजे | मेले की शुरुआत, श्री रामचरितमानस अखंड पाठ प्रारंभ |
| 26 अक्टूबर, सुबह 9 बजे | अखंड पाठ का समापन |
| 26 अक्टूबर, सुबह से | बालाजी महाराज का भव्य श्रृंगार (दिन भर चलेगा) |
| 26 अक्टूबर, दिन में | सवामणी प्रसाद (दाल बाटी चूरमा) का भोग और वितरण |
| 26 अक्टूबर, दिन में | ट्रस्ट की ओर से विशाल भंडारा |
| 26 अक्टूबर, दोपहर 12 बजे | विशेष ज्योत |
| 26 अक्टूबर, शाम 7 बजे | भव्य जागरण (बाल के लाल मित्र मंडल, बीकानेर) |
| 26 अक्टूबर, रात 12 बजे | 11 क्विंटल खीर प्रसाद का भोग (मुख्य आकर्षण) |
अखंड पाठ का आयोजन दुलचासर निवासी मोतीलाल जी हुकमचंद जी मूंधड़ा परिवार की ओर से कराया जा रहा है। श्री रामचरितमानस का यह पाठ 25 अक्टूबर की सुबह 9 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर की सुबह 9 बजे संपन्न होगा।
दो दिन चलेगा आस्था का उत्सव
मेले के पहले दिन यानी 25 अक्टूबर को सुबह 9 बजे अखंड पाठ की शुरुआत के साथ ही धाम में धार्मिक माहौल बन जाएगा। रामचरितमानस के पाठ की गूंज पूरे दिन और रात मंदिर परिसर में रहेगी।
26 अक्टूबर को सुबह से ही बालाजी महाराज का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जो दिन भर चलता रहेगा। श्रृंगार के बाद भक्तों और ट्रस्ट की ओर से सवामणी प्रसाद के रूप में दाल बाटी चूरमे का भोग लगाया जाएगा और फिर प्रसाद का वितरण होगा। दोपहर 12 बजे और रात 12 बजे मंदिर में विशेष ज्योत होगी। शाम 7 बजे से भव्य जागरण शुरू होगा, जिसका संयोजन बीकानेर के बाल के लाल मित्र मंडल ने किया है। जागरण में प्रसिद्ध कलाकार मुन्ना सरकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
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शरद पूर्णिमा पर खीर का विशेष महत्व
शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों में औषधीय गुण होते हैं। कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने से उसमें अमृत का वास होता है। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाने और उसे चंद्रमा की रोशनी में रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
सूडसर बालाजी मंदिर में इस परंपरा को विशाल पैमाने पर निभाया जाता है। रात ठीक 12 बजे जब 11 क्विंटल खीर का भोग लगता है, तो मंदिर परिसर में हजारों भक्त एक साथ मौजूद होते हैं। कई भक्त सिर्फ इस प्रसाद को ग्रहण करने के लिए ही रात को धाम पहुंचते हैं।
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सूडसर बालाजी शरद पूर्णिमा मेला: दर्शनार्थियों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप भी इस मेले में शामिल होने का मन बना रहे हैं, तो कुछ बातें पहले से जान लेना फायदेमंद रहेगा।
कब पहुंचें: मेला 26 अक्टूबर को है, लेकिन भीड़ को देखते हुए 25 अक्टूबर की शाम तक पहुंचना बेहतर रहेगा।
रात का कार्यक्रम सबसे खास: खीर प्रसाद का भोग रात 12 बजे लगेगा। प्रसाद ग्रहण करना हो तो रात 10 बजे तक मंदिर परिसर में पहुंच जाएं।
भोजन की चिंता न करें: ट्रस्ट दिन में और बाल के लाल मित्र मंडल शाम को भंडारा आयोजित करेगा। सवामणी प्रसाद का वितरण भी होगा।
बुजुर्गों और बच्चों का ख्याल: रात में बड़ी भीड़ उमड़ती है। बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले परिवार बैठने की व्यवस्था पहले से देख लें और जरूरी दवाएं साथ रखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: सूडसर बालाजी मंदिर में शरद पूर्णिमा मेला कब है?
उत्तर: मेला 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को आयोजित होगा। धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत 25 अक्टूबर सुबह 9 बजे अखंड पाठ से होगी।
प्रश्न 2: 11 क्विंटल खीर का भोग कब लगेगा?
उत्तर: रात ठीक 12 बजे 11 क्विंटल खीर प्रसाद का भोग लगेगा। यही मेले का मुख्य आकर्षण है, जिसके लिए दूर-दूर से हजारों भक्त सूडसर धाम पहुंचते हैं।
प्रश्न 3: मेले में जागरण का आयोजन कौन कर रहा है?
उत्तर: 26 अक्टूबर शाम 7 बजे से भव्य जागरण होगा, जिसका संयोजन बीकानेर के बाल के लाल मित्र मंडल ने किया है। इसमें प्रसिद्ध कलाकार मुन्ना सरकार प्रस्तुतियां देंगे।
प्रश्न 4: क्या मेले में भोजन की व्यवस्था रहेगी?
उत्तर: हां, ट्रस्ट दिन में विशाल भंडारे का आयोजन करेगा और शाम को बाल के लाल मित्र मंडल की ओर से भी भंडारा होगा। इसके अलावा सवामणी प्रसाद (दाल बाटी चूरमा) का वितरण भी होगा।
सूडसर बालाजी मंदिर का शरद पूर्णिमा मेला मारवाड़ की आस्था और लोक परंपरा का जीवंत उत्सव है। अखंड पाठ की गूंज, दिन भर चलता श्रृंगार, शाम का जागरण और आधी रात को लगने वाला 11 क्विंटल खीर का भोग — ये सब मिलकर इसे बीकानेर संभाग के सबसे खास धार्मिक आयोजनों में से एक बनाते हैं। शामिल होना हो तो 25-26 अक्टूबर की तारीखें अभी से नोट कर लें।
स्रोत: मंदिर ट्रस्ट की घोषणा (बीकानेर, 14 अक्टूबर 2026)