अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित: शुरू होने के बाद टलीं परीक्षाएं, अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक

कल्पना कीजिए — आपका बच्चा सुबह स्कूल की ड्रेस पहनकर परीक्षा देने गया, और शाम को खबर आई कि परीक्षा ही टल गई है। राजस्थान के लाखों अभिभावकों और छात्रों के साथ 15 अक्टूबर को ठीक यही हुआ। राज्य में अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित करने का आदेश शिक्षा विभाग ने गुरुवार देर शाम जारी कर दिया, जबकि परीक्षाएं उसी दिन सुबह शुरू हो चुकी थीं। अब कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक होंगी। इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह है — पंचायती राज चुनाव।

यह खबर इसलिए भी बड़ी है क्योंकि एक ही दिन में परीक्षा शुरू होना और फिर टल जाना शिक्षा विभाग के इतिहास में दुर्लभ घटना है। दिनभर स्कूलों में असमंजस बना रहा — शिक्षक पूछ रहे थे कि पेपर कराएं या नहीं, और अभिभावक फोन करके पूछ रहे थे कि बच्चे को कल स्कूल भेजें या नहीं। शाम करीब 6 बजे आदेश आते ही सारी स्थिति साफ हो गई।

अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित: नया शेड्यूल एक नजर में

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षाओं और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) की तारीखें बदल दी गई हैं। शिविरा पंचांग सत्र 2026-27 के अनुसार ये परीक्षाएं पहले 15 से 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित थीं, लेकिन अब नया कार्यक्रम इस प्रकार होगा:

विवरणपुराना कार्यक्रमनया कार्यक्रम
कक्षा 1 से 8 अर्धवार्षिक परीक्षा15 से 29 अक्टूबर 202625 नवंबर से 7 दिसंबर 2026
कक्षा 9 से 12 समान परीक्षा25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 (पहले से तय)25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 (कोई बदलाव नहीं)
CBA दक्षता आकलन (SA-2)15 अक्टूबर से प्रस्तावित25 नवंबर से 7 दिसंबर के साथ
आदेश जारी होने की तारीख—15 अक्टूबर 2026, देर शाम

यानी अब प्रदेशभर में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की अर्धवार्षिक परीक्षाएं एक ही अवधि में होंगी — ऐसा पहली बार हो रहा है। पहले कक्षा 9 से 12 की समान परीक्षा का कार्यक्रम 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक पहले ही जारी हो चुका था, और अब कक्षा 1 से 8 की परीक्षाएं भी उसी खिड़की में समा गई हैं।

पंचायत चुनाव बना वजह: 20 अक्टूबर से स्कूल होंगे हैंडओवर

अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित होने की असली वजह पंचायती राज चुनाव है। राजस्थान के लगभग हर गांव में पंचायत चुनाव होने जा रहा है और ये चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। ज्यादातर मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) स्कूल भवनों में ही बनाए जाते हैं। आदेश के अनुसार, बूथ वाली स्कूलों को 20 अक्टूबर से चुनाव कार्य के लिए हैंडओवर करना होगा।

ऐसे में इन स्कूलों में परीक्षाएं नियमित रूप से कराना संभव नहीं था। चुनाव ड्यूटी में शिक्षकों की तैनाती, मतदान दलों का ठहरना, ईवीएम की सुरक्षा — इन सबके बीच परीक्षा का शांतिपूर्ण आयोजन व्यावहारिक रूप से नामुमकिन था। शिक्षा विभाग ने इसी लिहाज से परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव का फैसला लिया। उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर है — संवेदनशील इलाकों में नाकाबंदी और सुरक्षा के विशेष निर्देश भी जारी हो चुके हैं। (संबंधित खबर: पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस अलर्ट)

दिनभर रहा असमंजस, शाम को आया आदेश

15 अक्टूबर की सुबह जब परीक्षाएं शुरू हुईं, तब तक शेड्यूल बदलने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी। कई स्कूलों में पहले दिन के पेपर की तैयारियां चल रही थीं। दोपहर तक यह खबर फैलने लगी कि परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है, लेकिन बिना लिखित आदेश के कोई स्कूल अपने स्तर पर फैसला नहीं ले पा रहा था। अभिभावकों के फोन स्कूलों में बजते रहे।

आखिरकार देर शाम करीब 6 बजे माध्यमिक शिक्षा निदेशक का आदेश जारी हुआ और सारी अटकलों पर विराम लग गया। आदेश में साफ लिखा था — कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षा और CBA दक्षता आधारित आकलन प्रथम (SA-2) अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होंगे। इस तरह परीक्षा शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद उसे स्थगित करने का यह फैसला शिक्षा विभाग के लिए भी असहज स्थिति थी, लेकिन चुनावी मजबूरी के आगे दूसरा विकल्प नहीं था।

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी बातें

अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब आगे क्या होगा। यहां कुछ जरूरी बिंदु हैं जो हर अभिभावक और छात्र को जानने चाहिए:

1. तैयारी का अतिरिक्त समय मिला है: परीक्षा अब करीब 40 दिन बाद होगी। यह समय दोबारा रिवीजन के लिए सुनहरा मौका है। खासकर उन विषयों पर ध्यान दें जिनमें पहली छमाही में कमजोरी रही।

2. प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा के कड़े निर्देश: शिक्षा विभाग ने प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। निजी विद्यालयों में प्रश्न-पत्र नहीं रखे जा सकेंगे — निजी स्कूलों के प्रश्न-पत्र संबंधित पीईईओ या यूसीईईओ के पास सुरक्षित रखे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्रश्न-पत्र स्थानीय पुलिस थाने में भी रखे जा सकेंगे, और यह निर्णय लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को अधिकृत किया गया है।

3. परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी: परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के लिए विशेष उड़नदस्ते गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन उड़नदस्तों का गठन संभागीय संयुक्त निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य की ओर से किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता की संपूर्ण व्यवस्था जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में होगी।

4. स्कूलों से संपर्क बनाए रखें: नया विस्तृत टाइम टेबल (विषयवार तिथियां) स्कूलों के माध्यम से जारी होगा। अभिभावक अपने बच्चों के स्कूल से नियमित संपर्क में रहें ताकि किसी भी अपडेट से न चूकें।

गौरतलब है कि इससे पहले अर्धवार्षिक परीक्षा के संशोधित टाइम टेबल में 28 नवंबर को दो पेपर एक साथ रखे जाने की गड़बड़ी भी सामने आई थी, जिस पर अभिभावकों ने चिंता जताई थी। (पढ़ें: अर्धवार्षिक परीक्षा में 28 नवंबर को दो पेपर का टकराव) अब नए शेड्यूल के साथ उम्मीद है कि ऐसी विसंगतियां दूर होंगी।

क्यों अहम है यह फैसला?

यह फैसला सिर्फ तारीखों का बदलाव नहीं है — इसके कई दूरगामी असर हैं। पहला, प्रदेश के लाखों छात्र अब एक साथ एक ही खिड़की में परीक्षा देंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। दूसरा, पंचायत चुनाव जैसे बड़े लोकतांत्रिक आयोजन और परीक्षा — दोनों का टकराव टल गया, वरना मतदान केंद्रों वाले स्कूलों में अव्यवस्था तय थी। तीसरा, शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी और परीक्षा — दोनों की दोहरी जिम्मेदारी से राहत मिली।

शिक्षा विभाग के इस फैसले को छात्र हित में उठाया गया कदम माना जा रहा है। हालांकि यह भी सच है कि परीक्षा शुरू होने के बाद स्थगन से पहले दिन थोड़ी अव्यवस्था हुई, लेकिन चुनावी प्रक्रिया की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला अपरिहार्य था। हाल ही में छात्र हितों से जुड़े एक और फैसले में सरकारी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव फीस बंद की गई थी, जिससे छात्रों को राहत मिली थी। (पढ़ें: छात्रसंघ चुनाव फीस बंद)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: अर्धवार्षिक परीक्षा अब कब से होगी?

उत्तर: कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षाएं अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होंगी। पहले ये 15 से 29 अक्टूबर तक होनी थीं।

प्रश्न 2: अर्धवार्षिक परीक्षा स्थगित क्यों की गई?

उत्तर: पंचायती राज चुनाव के कारण। ज्यादातर पोलिंग बूथ स्कूलों में हैं और 20 अक्टूबर से स्कूलों को चुनाव कार्य के लिए हैंडओवर करना है, इसलिए परीक्षा कराना संभव नहीं था।

प्रश्न 3: क्या कक्षा 9 से 12 की परीक्षा की तारीखें भी बदली हैं?

उत्तर: नहीं। कक्षा 9 से 12 की समान परीक्षा का कार्यक्रम पहले ही 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक जारी हो चुका था, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कक्षा 1 से 12 तक सभी की परीक्षाएं एक ही अवधि में होंगी।

प्रश्न 4: आदेश किसने और कब जारी किया?

उत्तर: माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने 15 अक्टूबर 2026 की देर शाम (करीब 6 बजे) आदेश जारी कर परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन की जानकारी दी।

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