Deeg Mahotsav 2026: 10 अक्टूबर को जल महल में ‘डीग के रंग’, 2000 दीपों का दीपदान — शोभायात्रा से कबड्डी तक, पूरा कार्यक्रम

राजस्थान के भरतपुर संभाग में स्थित डीग शहर इस साल अक्टूबर में एक बार फिर सजेगा। डीग महोत्सव का आयोजन 10 अक्टूबर 2026 को होगा, जिसमें सुबह शोभायात्रा से लेकर शाम को जल महल में रंगीन फव्वारों और 2000 दीपों के दीपदान तक का भव्य कार्यक्रम रखा गया है। जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक कर ली है और सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

डीग को राजस्थान के ‘जल महलों का शहर’ कहा जाता है। यहां के फव्वारे और पानी के महल 18वीं सदी से ही मशहूर हैं, और महोत्सव के दिन जब रंगीन फव्वारे चलेंगे और जल महल 2000 दीपों से जगमगाएगा, तो यह नजारा देखने लायक होगा। अगर आप अक्टूबर में राजस्थान घूमने की योजना बना रहे हैं, तो डीग महोत्सव आपके कार्यक्रम में जरूर होना चाहिए।

सुबह 8:30 से शुरू होगा जश्न: पूरा कार्यक्रम एक नजर में

महोत्सव का कार्यक्रम सुबह से शाम तक चलेगा। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में हुई बैठक में हर कार्यक्रम का समय और जिम्मेदारी तय कर दी गई है। पूरा टाइमटेबल इस प्रकार है:

समयकार्यक्रमस्थान
सुबह 8:30–9:30शोभायात्रा (प्रमुख बाजारों से)डीग शहर के प्रमुख बाजार
सुबह 10:00–11:00दमखम-कबड्डी प्रतियोगितामेला मैदान
सुबह 11:00–12:00मूंछ प्रतियोगितामेला मैदान
दोपहर 12:00–1:00रस्सा-कस्सी प्रतियोगितामेला मैदान
दोपहर 1:00–2:00राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगितामेला मैदान
दोपहर 2:00 बजे सेसाफा बांधने की प्रतियोगिताडीग महल
शाम 5:00 बजे से‘डीग के रंग’ — रंगीन फव्वारों का संचालनडीग महल
शाम 6:00 बजे से2000 दीपों का दीपदानजल महल
शाम 7:30 बजे सेलोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियांमेला मैदान

शोभायात्रा में स्थानीय विद्यालयों के बच्चे, स्थानीय गणमान्य नागरिक और पर्यटन विभाग द्वारा आमंत्रित लोक कलाकार शामिल होंगे। नगर परिषद को शोभायात्रा मार्ग की सफाई, रंगोली और आमजन के लिए पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग शोभायात्रा में कलश यात्रा आयोजित करेगा।

‘डीग के रंग’ और 2000 दीपों का दीपदान: शाम का मुख्य आकर्षण

महोत्सव की सबसे खास बात शाम का कार्यक्रम होगा। शाम 5 बजे से डीग महल में ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम के तहत रंगीन फव्वारों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए जल व्यवस्था की जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को दी गई है।

इसके बाद शाम 6 बजे से डीग महल के जल महल में 2000 दीपों का दीपदान किया जाएगा। पानी पर तैरते दीयों की रोशनी में जल महल का नजारा वाकई मनमोहक होगा। शाम 7:30 बजे से मेला मैदान में राजस्थान के लोक कलाकारों और अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। पर्यटन विभाग को लोक कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीग: जल महलों का शहर, जहां 500 फव्वारे चलते हैं

डीग की पहचान उसके ऐतिहासिक जल महल और फव्वारों से है। डीग पैलेस 18वीं सदी में भरतपुर रियासत के शासकों द्वारा बनवाया गया ग्रीष्मकालीन विश्राम स्थल था। इसकी नींव महाराजा बदन सिंह ने रखी थी और उनके पुत्र महाराजा सूरजमल ने इसे विस्तार दिया। मुगल और राजपूत स्थापत्य कला के संगम वाला यह महल परिसर चारबाग शैली के बगीचों से घिरा है।

परिसर में गोपाल भवन, सूरज भवन, केशव भवन, नंद भवन, हरदेव भवन और किशन भवन जैसे छह भवन हैं, जिनके नाम भगवान कृष्ण से जुड़े हैं। केशव भवन में पानी की ऐसी व्यवस्था है जो बारिश का अहसास कराती है। पूरे परिसर में लगभग 500 फव्वारे हैं, जो त्योहारों के अवसर पर चलाए जाते हैं। गोपाल सागर और रूप सागर नाम के दो विशाल जलाशय महल को ठंडा रखने में मदद करते हैं। डीग का प्रसिद्ध ‘नूरजहां का झूला’ भी यहीं स्थित है।

डीग भरतपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। महोत्सव के दिन यहां पहुंचकर आप एक ही दिन में इतिहास, संस्कृति और लोक कला तीनों का आनंद ले सकते हैं।

प्रशासन की तैयारी: कलेक्टर ने दिए विभागवार निर्देश

डीग महोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर देवेंद्र परमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, उपखंड अधिकारी डीग अमित कुमार मीना और सहायक निदेशक पर्यटन विभाग हिमांशु मेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • बिजली विभाग (जेवीवीएनएल) के अधिकारियों को शोभायात्रा मार्ग पर ढीले तारों को दुरुस्त करने के निर्देश।
  • जिला शिक्षा अधिकारी को शोभायात्रा में शारीरिक शिक्षकों की ड्यूटी और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया।
  • सभी खेल प्रतियोगिताओं के दौरान आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न दिए जाएंगे।
  • सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश।

प्रतियोगिताएं: कबड्डी से लेकर मूंछ प्रतियोगिता तक

डीग महोत्सव की खासियत इसकी देसी प्रतियोगिताएं हैं। दमखम-कबड्डी, रस्सा-कस्सी और मूंछ प्रतियोगिता जैसी स्पर्धाएं ग्रामीण राजस्थान की संस्कृति को जीवंत करती हैं। राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता में बच्चे और युवा पारंपरिक परिधानों में सजकर आएंगे, जबकि साफा बांधने की प्रतियोगिता राजस्थानी पगड़ी की कला को प्रदर्शित करेगी।

ये प्रतियोगिताएं सिर्फ मनोरंजन नहीं हैं — ये स्थानीय युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ने का माध्यम हैं। प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न मिलने से प्रतिभागियों का हौसला भी बढ़ता है। अगर आप डीग के आसपास रहते हैं और इनमें हिस्सा लेना चाहते हैं, तो स्थानीय प्रशासन से संपर्क करके पंजीकरण की जानकारी ले सकते हैं।

पर्यटकों के लिए जरूरी जानकारी

कब जाएं: 10 अक्टूबर 2026 को पूरे दिन का कार्यक्रम है। सुबह शोभायात्रा देखनी हो तो 8:30 बजे से पहले पहुंच जाएं, और शाम के फव्वारे-दीपदान के लिए 5 बजे तक डीग महल पहुंचना जरूरी है।

कैसे पहुंचें: डीग भरतपुर से करीब 35 किमी दूर है। भरतपुर रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। जयपुर से डीग की दूरी लगभग 200 किमी है।

क्या-क्या देखें: डीग महल परिसर के गोपाल भवन, केशव भवन और सूरज भवन, जल महल, नूरजहां का झूला, और डीग किला। महोत्सव के दिन फव्वारे चलेंगे, जो सामान्य दिनों में नहीं दिखते।

ध्यान रखें: अक्टूबर में दिन में धूप तेज हो सकती है — टोपी, पानी की बोतल साथ रखें। शाम के कार्यक्रम खुले में हैं, इसलिए हल्की जैकेट भी काम आ सकती है। भीड़ अधिक होने की संभावना है, इसलिए वाहन पार्किंग की जानकारी पहले से ले लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: डीग महोत्सव 2026 कब आयोजित होगा?
उत्तर: डीग महोत्सव का आयोजन 10 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 8:30 बजे शोभायात्रा से शुरू होकर रात को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक चलेगा।

प्रश्न: महोत्सव में मुख्य आकर्षण क्या होंगे?
उत्तर: शाम 5 बजे से डीग महल में ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम के तहत रंगीन फव्वारे, शाम 6 बजे जल महल में 2000 दीपों का दीपदान, और शाम 7:30 बजे से लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगे।

प्रश्न: डीग कहां स्थित है और वहां कैसे पहुंचा जा सकता है?
उत्तर: डीग राजस्थान के भरतपुर संभाग में स्थित है, भरतपुर से लगभग 35 किलोमीटर दूर। भरतपुर रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, वहां से टैक्सी या बस से डीग पहुंचा जा सकता है।

प्रश्न: क्या महोत्सव में आम लोग भाग ले सकते हैं? क्या कोई टिकट है?
उत्तर: हां, महोत्सव आम जनता के लिए है। शोभायात्रा, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम सभी के लिए खुले हैं। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को प्रमाण-पत्र और प्रतीक चिह्न भी दिए जाएंगे।

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