अजमेर संभाग के मरीजों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। अजमेर के सरकारी अस्पताल में अब हृदय रोग, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच सरकारी अस्पताल में ही हो सकेगी। अस्पताल के लिए 13 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मिल गई है। सबसे बड़ा फायदा ये है कि एमआरआई और सिटी स्कैन जैसी महंगी जांचें भी अब जल्द ही अस्पताल में ही उपलब्ध होंगी, जिन्हें पीपीपी मोड पर चलाया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से डीएमएफटी फंड से यह राशि स्वीकृत हुई है। इसके अलावा सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये और अस्पताल के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक सुधार कार्यों के लिए 9.12 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की गई है। कुल मिलाकर अजमेर के अस्पताल को स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ी वित्तीय ताकत मिली है।
कहां-कहां खर्च होंगे 13 करोड़: पूरा हिसाब
| विभाग | स्वीकृत राशि | क्या मिलेगा |
|---|---|---|
| हृदय रोग विभाग | 1.25 करोड़ रुपये | 2 इकोकार्डियोग्राफी मशीनें |
| गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग | 1.40 करोड़ रुपये | एंडोस्कोपी, एंटरोस्कोपी, एंडोस्कोप |
| नया सर्जिकल ब्लॉक | 3.00 करोड़ रुपये | मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक |
| सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (अतिरिक्त) | 5.00 करोड़ रुपये | सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार |
| अस्पताल जीर्णोद्धार एवं सुधार | 9.12 करोड़ रुपये | बुनियादी ढांचे की मरम्मत |
हृदय और पेट की बीमारियों के मरीजों को सीधा लाभ
हृदय रोग विभाग के लिए 1.25 करोड़ रुपये की लागत से दो इकोकार्डियोग्राफी मशीनें खरीदी जाएंगी। इकोकार्डियोग्राफी से दिल की बनावट और कामकाज की सटीक जानकारी मिलती है, जिससे हृदय रोग की पहचान समय पर हो सकेगी। मरीजों को समय पर जांच की सुविधा मिलने से उपचार प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी बनेगी।
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के लिए 1.40 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। इसमें 80 लाख रुपये की एंडोस्कोपी प्रणाली, 45 लाख रुपये की एंटरोस्कोपी और 15 लाख रुपये की एंडोस्कोप शामिल हैं। इन उपकरणों से पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधाएं मजबूत होंगी। अब तक ऐसी जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों या निजी केंद्रों की ओर देखना पड़ता था।
3 करोड़ के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर से बदलेगी सर्जरी की तस्वीर
अस्पताल के नए सर्जिकल ब्लॉक में 3 करोड़ रुपये की लागत से मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। मॉड्यूलर ओटी आधुनिक चिकित्सा व्यवस्थाओं के अनुरूप होते हैं — इनमें संक्रमण नियंत्रण, लैमिनार एयर फ्लो और सटीक उपकरण व्यवस्था जैसे आधुनिक मानक होते हैं। इससे शल्य चिकित्सा संबंधी सुविधाओं का विस्तार होगा और जटिल ऑपरेशन भी अब अस्पताल में ही संभव हो सकेंगे।
सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए पूर्व में जारी राशि के अतिरिक्त अलग से 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही अस्पताल के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक सुधार कार्यों के लिए 9.12 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
डीएमएफटी फंड क्या है और पीपीपी मोड कैसे काम करेगा
डीएमएफटी यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट का फंड खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए इस्तेमाल होता है। अजमेर जैसे जिले में इस फंड से स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करना मरीजों के हित में बड़ा कदम है।
एमआरआई और सिटी स्कैन मशीने पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर चलेंगी। राज्य सरकार ने इन मशीनों के पीपीपी मोड पर संचालन की अनुमति दे दी है। इसका मतलब है कि सरकारी अस्पताल परिसर में ही ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी — मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर महंगी जांच के लिए नहीं भागना पड़ेगा।
अजमेर संभाग के मरीजों के लिए असली मतलब
इस घोषणा का सबसे व्यावहारिक असर ये है कि अजमेर सहित पूरे संभाग के मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही बेहतर जांच और उपचार की सुविधाएं मिलेंगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अब जयपुर या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में जांच की फीस निजी केंद्रों के मुकाबले बेहद कम होती है।
हृदय रोग, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और शल्य चिकित्सा से संबंधित सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को समय पर निदान और उपचार मिलेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर अजमेर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: अजमेर अस्पताल में 13 करोड़ के उपकरणों की घोषणा कब हुई?
जवाब: 15 अक्टूबर 2026 को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से डीएमएफटी फंड से 13 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मिली है।
सवाल: किन-किन विभागों को नए उपकरण मिलेंगे?
जवाब: हृदय रोग विभाग को 1.25 करोड़ की 2 इकोकार्डियोग्राफी मशीनें, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग को 1.40 करोड़ के एंडोस्कोपी उपकरण, और नए सर्जिकल ब्लॉक में 3 करोड़ का मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनेगा।
सवाल: एमआरआई और सिटी स्कैन की सुविधा कैसे मिलेगी?
जवाब: एमआरआई और सिटी स्कैन मशीने पीपीपी मोड पर अस्पताल में ही चलेंगी, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों पर महंगी जांच के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
सवाल: सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और जीर्णोद्धार के लिए कितनी राशि मिली?
जवाब: सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये और अस्पताल के जीर्णोद्धार एवं सुधार कार्यों के लिए 9.12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।