पंचायती राज चुनाव के ठीक बीच राजस्थान में एक गिरफ्तारी ने सियासी भूचाल ला दिया है। अजमेर जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद सरवाड़ थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार हंगामा किया और थाने के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। पूर्व मंत्री डॉ. रघु शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सामूहिक गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भारी जाप्ता तैनात कर दिया। हंसराज गुर्जर गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है — कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है तो पुलिस इसे विशुद्ध कानूनी कार्रवाई कह रही है।
हंसराज गुर्जर गिरफ्तारी: थाने के बाहर थमे कदम, धरने पर बैठे कार्यकर्ता
गुरुवार को जैसे ही हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी की खबर फैली, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सरवाड़ थाने पहुंच गए। डॉ. रघु शर्मा और पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ बढ़ती देख पुलिस ने थाने के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
मामला यहीं नहीं थमा। कार्यकर्ता थाने के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए और मांग करने लगे कि या तो प्रत्याशी को छोड़ा जाए या फिर हम सबको गिरफ्तार किया जाए। स्थिति को देखते हुए केकड़ी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील और पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे। एहतियातन केकड़ी, सावर और भिनाय के साथ सराना और पुलिस लाइन से भी जाप्ता बुला लिया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया।
गिरफ्तारी पर दो ध्रुवों की दो दलीलें
इस पूरे प्रकरण में दो पक्षों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल उलट हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दबाव में हुई है और इसका मकसद चुनाव मैदान से प्रत्याशी को दूर रखना है। डॉ. रघु शर्मा ने खुलकर कहा कि चुनाव के समय ऐसी गिरफ्तारी की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। शर्मा का दावा है कि शिकायतकर्ता पर खुद पेट्रोल पंप से रकम के गबन का आरोप है, और हंसराज गुर्जर ने इस कथित गबन की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, पर उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दूसरी ओर, पुलिस का रुख साफ है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मील के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सरवाड़ थाने में दर्ज मारपीट की प्राथमिकी के आधार पर ही गिरफ्तारी हुई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच सराना थाने के थाना अधिकारी को सौंप दी गई है।
पेट्रोल पंप से थाने तक — विवाद की जड़ में क्या है
अब सवाल यह है कि यह विवाद शुरू कहां से हुआ। पुलिस के मुताबिक, अजगरी निवासी छोटू गिरी ने सरवाड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिवादी के अनुसार, वह पिछले 15 से 17 वर्षों से एचएच एचपी पेट्रोल पंप पर हेल्पर के रूप में काम कर रहा था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मकान और लोन से जुड़े विवाद के बाद 5 अक्टूबर को पेट्रोल पंप मैनेजर सतीश मालू, हंसराज गुर्जर, हंसराज खारोल और एक अन्य व्यक्ति ने उसके साथ मारपीट की।
इसी शिकायत पर 13 अक्टूबर को सरवाड़ थाने में मामला दर्ज हुआ और उसके बाद प्रत्याशी की गिरफ्तारी कर ली गई। कांग्रेस का तर्क है कि अगर प्राथमिकी कई दिन पहले दर्ज हो गई थी तो नामांकन दाखिल करने के बाद ही अचानक गिरफ्तारी क्यों की गई। पुलिस की दलील है कि जांच की अपनी प्रक्रिया होती है और गिरफ्तारी उसी क्रम में हुई।
गहलोत से डोटासरा तक — कांग्रेस के बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया
हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही जयपुर पहुंची, कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नगरीय निकाय चुनावों में सत्ता का दुरुपयोग करने वाली भाजपा अब पंचायती राज चुनावों में भी वही हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि केकड़ी में अजमेर जिला परिषद के वार्ड 12 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी की गिरफ्तारी बेहद निंदनीय है।
गहलोत ने नामांकन के बाद हुई गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया और बताया कि उन्होंने अजमेर के एसपी से बात कर प्रत्याशी के साथ न्याय सुनिश्चित करने की मांग रखी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
पंचायत चुनाव के बीच क्यों बढ़ा टकराव
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की प्रक्रिया चल रही है और आदर्श आचार संहिता लागू है। चुनाव के बीच प्रत्याशी की गिरफ्तारी स्वाभाविक रूप से सियासी रंग ले लेती है। यही वजह है कि कांग्रेस इसे चुनावी साजिश बता रही है, जबकि पुलिस इसे सामान्य आपराधिक प्रक्रिया बता रही है।
उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनावों को लेकर पुलिस पहले से ही अलर्ट मोड में है — संवेदनशील इलाकों में नाकाबंदी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। पुलिस अलर्ट और नाकाबंदी के निर्देशों पर यहां पढ़ें ऐसे में प्रत्याशी से जुड़ी किसी भी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहती हैं। सरवाड़ का यह प्रकरण अब सत्ता और विपक्ष के बीच चुनावी टकराव का नया मोर्चा बन गया है — पुलिस जांच कर रही है और कांग्रेस धरने पर अड़ी है।
घटनाक्रम एक नजर में
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 5 अक्टूबर 2026 | पेट्रोल पंप विवाद के बाद मारपीट का आरोप (परिवादी छोटू गिरी) |
| 13 अक्टूबर 2026 | सरवाड़ थाने में मारपीट का मामला दर्ज |
| 15 अक्टूबर 2026 | कांग्रेस प्रत्याशी हंसराज गुर्जर की गिरफ्तारी |
| 15 अक्टूबर 2026 | रघु शर्मा के नेतृत्व में सरवाड़ थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन |
| 15 अक्टूबर 2026 | गहलोत, डोटासरा और टीकाराम जूली की प्रतिक्रिया |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: हंसराज गुर्जर गिरफ्तारी मामले में कौन गिरफ्तार हुए हैं?
उत्तर: हंसराज गुर्जर अजमेर जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी हैं, जिन्हें पंचायती राज चुनाव के बीच गिरफ्तार किया गया है।
प्रश्न 2: गिरफ्तारी का आधार क्या है?
उत्तर: पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सरवाड़ थाने में दर्ज मारपीट की प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तारी हुई है। यह मामला 5 अक्टूबर को पेट्रोल पंप पर हुए विवाद से जुड़ा है।
प्रश्न 3: कांग्रेस का क्या आरोप है?
उत्तर: कांग्रेस का कहना है कि गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव में हुई है और इसका उद्देश्य प्रत्याशी को चुनाव मैदान से दूर रखना है। पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने इसे साजिश करार दिया है।
प्रश्न 4: आगे क्या हो सकता है?
उत्तर: पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जिसकी जिम्मेदारी सराना थाने के थाना अधिकारी को सौंपी गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर अड़े हैं, ऐसे में अगले कुछ दिनों में मामला और गर्मा सकता है।
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