श्रीगंगानगर रावला बॉर्डर पर ड्रोन से गिराई RDX और हथियारों की खेप बरामद: BSF-ANTF की संयुक्त कार्रवाई में पंजाब के 2 तस्कर दबोचे

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। रावला थाना क्षेत्र के चक 12 केएनडी इलाके में बीएसएफ (BSF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने ड्रोन के जरिए सीमा पार से गिराई गई विस्फोटक सामग्री और हथियारों की बड़ी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई में पंजाब के रहने वाले दो संदिग्ध युवकों को भी हिरासत में लिया गया है, जो इस खेप की डिलीवरी लेने मौके पर पहुंचे थे। प्रारंभिक जानकारी में बरामद विस्फोटक को RDX बताया गया है, जिसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद होगी।

यह कार्रवाई 12-13 अक्टूबर की रात को हुई और 13 अक्टूबर को इसकी जानकारी सामने आई। बरामद सामग्री की मात्रा और किस्म को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इसे किसी बड़ी आतंकी साजिश की कड़ी मानकर जांच कर रही हैं।

बरामदगी की पूरी सूची: श्रीगंगानगर ड्रोन मामले में क्या-क्या मिला

श्रीगंगानगर ड्रोन RDX बरामदगी में सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार मौके से मिले पैकेटों में जो सामग्री मिली, वह बेहद खतरनाक श्रेणी की है। नीचे पूरी सूची दी गई है:

क्रमबरामद सामग्रीमात्रा/विवरण
1विस्फोटक सामग्री (प्रारंभिक जानकारी में RDX)पैकेट्स — FSL जांच के बाद अंतिम पुष्टि
2आधुनिक पिस्तौल2
3मैगजीन4
4जिंदा कारतूसलगभग 600 राउंड
5रिमोट कंट्रोल डिवाइस2
6बैटरियां4 जोड़ी

खुफिया सूत्रों का मानना है कि रिमोट डिवाइस और बैटरियां या तो विस्फोटक को सक्रिय करने के लिए थीं या ड्रोन के संचालन से जुड़ी हो सकती हैं। यही वजह है कि एजेंसियां इस खेप को केवल हथियार तस्करी नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तौर पर देख रही हैं।

श्रीगंगानगर में जाल कैसे बिछा: खुफिया इनपुट से हिरासत तक

ANTF के आईजी विकास कुमार के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को पहले से खुफिया जानकारी मिली थी कि सीमा पार से ड्रोन की मदद से हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप गिराई जाने वाली है। इस इनपुट के आधार पर ANTF, BSF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने रावला इलाके के चक 12 केएनडी क्षेत्र में पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी।

योजना के मुताबिक, बीती रात पाकिस्तानी सीमा की तरफ से एक संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ और रावला के सुनसान इलाके में हथियारों व विस्फोटक से भरे पैकेट नीचे गिरा गया। जैसे ही पंजाब के रहने वाले दो युवक इस खेप की डिलीवरी लेने वहां पहुंचे, घात लगाकर बैठी संयुक्त टीम ने उन्हें घेरकर हिरासत में ले लिया। इस तरह पूरी खेप बिना किसी नुकसान के कब्जे में ले ली गई।

क्यों गंभीर है ये मामला: ड्रोन तस्करी का बढ़ता खतरा

पिछले कुछ वर्षों में भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और विस्फोटक गिराने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। राजस्थान की सीमा, खासकर श्रीगंगानगर सेक्टर, इस लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस ताजा मामले में बरामद सामग्री की किस्म — RDX जैसे विस्फोटक, पिस्तौल, सैकड़ों कारतूस और रिमोट डिवाइस — यह इशारा करती है कि इसका मकसद सिर्फ तस्करी का धंधा नहीं था।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन तकनीक ने सीमा पार के नेटवर्क को एक नया, सस्ता और जोखिम-कम रास्ता दे दिया है। पहले जहां तस्करों को खुद सीमा पार करनी पड़ती थी, अब ड्रोन सुनसान इलाकों में खेप गिरा देता है और स्थानीय नेटवर्क उसे उठा लेता है। यही कारण है कि BSF ने सीमा बेल्ट में ड्रोन-विरोधी निगरानी बढ़ा दी है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में ANTF राजस्थान में लगातार सक्रिय रही है। सिर्फ तीन दिन पहले ANTF की अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में नेपाल में छुपा एक टॉप नार्को तस्कर गिरफ्तार किया गया था, और 11 अक्टूबर को धौलपुर में हथियार तस्कर के पास से 5 अवैध हथियार और 38 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। रावला की यह कार्रवाई उसी कड़ी में एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है।

अब आगे क्या: जांच, सर्च और हाई अलर्ट

कार्रवाई के बाद से पूरे बॉर्डर बेल्ट पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ANTF और BSF की टीमें संयुक्त रूप से आसपास के इलाके में सघन सर्च और तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और यह खेप आगे किसे सौंपी जानी थी।

बरामद विस्फोटक सामग्री की प्रकृति और मात्रा की वैज्ञानिक जांच के लिए जयपुर से विशेषज्ञ टीम (FSL) बुलाई गई है। टीम की रिपोर्ट के बाद ही यह आधिकारिक तौर पर पुष्ट होगा कि बरामद सामग्री RDX ही है या कोई अन्य विस्फोटक। गिरफ्तार दोनों युवकों से पूछताछ जारी है, जिससे इस नेटवर्क के पंजाब और सीमा पार के कनेक्शन का खुलासा होने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल 1: यह कार्रवाई कहां और कब हुई?
जवाब: यह कार्रवाई राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र के चक 12 केएनडी इलाके में 12-13 अक्टूबर की रात को हुई, जिसमें ड्रोन से गिराई गई RDX और हथियारों की खेप बरामद की गई। इसकी जानकारी 13 अक्टूबर को सामने आई।

सवाल 2: गिरफ्तार दोनों युवक कहां के रहने वाले हैं?
जवाब: शुरुआती जानकारी के अनुसार दोनों संदिग्ध युवक पंजाब के रहने वाले हैं। वे ड्रोन से गिराई गई खेप की डिलीवरी लेने मौके पर पहुंचे थे, तभी संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

सवाल 3: क्या बरामद सामग्री में RDX होने की पुष्टि हो गई है?
जवाब: प्रारंभिक जानकारी में बरामद विस्फोटक को RDX बताया गया है, लेकिन इसकी अंतिम और आधिकारिक पुष्टि फॉरेंसिक जांच (FSL) के बाद ही होगी। इसके लिए जयपुर से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई है।

सवाल 4: सीमा पर अब क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं?
जवाब: कार्रवाई के बाद पूरे बॉर्डर बेल्ट पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ANTF और BSF की टीमें सघन सर्च अभियान चला रही हैं और नाकाबंदी के साथ तलाशी जारी है।

स्रोत: Times Now Navbharat — Updated 13 अक्टूबर 2026

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