प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 का ऐलान: जयपुर के जेईसीसी में होगा दूसरा संस्करण
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 का ऐलान हो चुका है — और इस बार की तैयारी पहले से बड़ी है। राजस्थान सरकार 10 दिसंबर को जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में इस कार्यक्रम का दूसरा संस्करण आयोजित कर रही है। देश-विदेश में रह रहे हजारों प्रवासी राजस्थानियों (एनआरआर) के साथ-साथ उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक और युवा प्रोफेशनल्स एक ही मंच पर जुटेंगे।
पिछली बार, यानी 10 दिसंबर 2025 को हुए पहले आयोजन में भारत और विदेशों से लगभग 5,000 एनआरआर और अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बार भागीदारी और व्यापक होने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार ने इस मंच को सालाना परंपरा के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई है।
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026: जेईसीसी में क्या-क्या होगा
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 के कार्यक्रम को दो स्तरों पर डिजाइन किया गया है। पहला स्तर है सेक्टर-विशेष सेशन, जहां पर्यटन, शहरी विकास, उद्योग, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों पर अलग-अलग गहन चर्चाएं होंगी। इन सेशन में विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और संबंधित अधिकारी एक साथ बैठकर उभरते रुझानों, निवेश के मौकों और साझेदारी के व्यावहारिक तरीकों पर बात करेंगे।
दूसरा स्तर है प्रवासी राजस्थानी समुदाय के लिए समर्पित विशेष सेशन — यानी वह मंच जहां एनआरआर अपनी अपेक्षाओं, चुनौतियों और योगदान के प्रस्तावों को सीधे सरकारी प्रतिनिधियों के सामने रख सकेंगे।
सिर्फ आयोजन नहीं, सीधे निवेश के रास्ते
प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 का असली दम उसके पीछे की आर्थिक सोच में है। राजस्थान में इस समय कई मोर्चों पर निवेश का माहौल सक्रिय है। हाल ही में राज्य सरकार ने औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी के जरिए निवेशकों को बड़ी सुविधा दी है, जिसमें 128 निवेशकों ने बोली लगाकर रीको को ₹569 करोड़ का राजस्व दिया — यानी निजी पूंजी राज्य की ओर आ रही है। इसी कड़ी में मुख्य सचिव और विश्व बैंक अधिकारियों की बैठक में रोजगार, निवेश और पर्यटन पर विस्तृत चर्चा भी हो चुकी है।
एनआरआर समुदाय में बड़ी संख्या में सफल उद्यमी, उद्योगपति और वरिष्ठ पेशेवर शामिल हैं — मुंबई, दिल्ली, दुबई, लंदन और सिंगापुर जैसे केंद्रों में बैठे हजारों राजस्थानियों के पास पूंजी भी है और राज्य से जुड़ने की भावना भी। सरकार की मंशा साफ है: इस भावना को ठोस निवेश प्रस्तावों में बदलना। पर्यटन सर्किट, सोलर एनर्जी पार्क, खनन क्षेत्र में प्रसंस्करण इकाइयां, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं — ये सभी वे क्षेत्र हैं जहां प्रवासी पूंजी और स्थानीय जरूरत का मिलन सबसे स्वाभाविक है।
प्रवासी राजस्थानी दिवस के पहले संस्करण से क्या सीखा गया
10 दिसंबर 2025 को हुआ पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस राज्य सरकार के लिए एक तरह का पायलट प्रोजेक्ट था — और नतीजे उत्साहजनक रहे। करीब 5,000 एनआरआर और प्रतिनिधियों की भागीदारी ने साबित किया कि प्रवासी समुदाय राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका चाहता है।
दूसरे संस्करण में बिजनेस लीडर, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि, उद्यमी, पेशेवर, स्टार्टअप, युवा, इनोवेटर और सामाजिक क्षेत्र के संगठन — यानी पहले से ज्यादा विविध वर्गों को शामिल किया जा रहा है। युवाओं और स्टार्टअप संस्थापकों को खास तवज्जो देने का फैसला भी उल्लेखनीय है, क्योंकि प्रदेश में भिवाड़ी आईटीआई क्लस्टर जैसी 241 करोड़ रुपये की कौशल विकास परियोजनाएं युवाओं के लिए नए अवसर बना रही हैं — और प्रवासी राजस्थानी दिवस उस कड़ी को निवेश और मार्गदर्शन से जोड़ सकता है।
कौन-कौन शामिल हो सकता है
इस आयोजन का द्वार सिर्फ विदेशों में बसे राजस्थानियों के लिए नहीं है। देश के अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा इंडस्ट्री लीडर्स, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि, उद्यमी, पेशेवर, युवा, सरकारी अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
नॉन-रेजिडेंट राजस्थानी अफेयर्स (डीओआरए) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने सभी प्रवासी राजस्थानियों, युवा प्रोफेशनल्स, एंटरप्रेन्योर्स और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया है, ताकि सार्थक बातचीत और सहयोग के नए मौके बन सकें।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें
कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक प्रतिनिधि आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल रखा है ताकि देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधि घर बैठे अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। जो लोग 10 दिसंबर से पहले अपनी यात्रा और ठहरने की योजना बनाना चाहते हैं, उन्हें सलाह है कि रजिस्ट्रेशन समय रहते करा लें — पहले संस्करण में 5,000 से अधिक प्रतिभागियों के हिसाब से इस बार व्यवस्था और बड़े पैमाने पर की जा रही है।
एक नजर में: प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कार्यक्रम | प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 (दूसरा संस्करण) |
| तारीख | 10 दिसंबर 2026 |
| स्थान | जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा, जयपुर |
| पहला आयोजन | 10 दिसंबर 2025 (करीब 5,000 एनआरआर शामिल हुए) |
| आयोजक | राजस्थान सरकार (डीओआरए विभाग) |
| प्रमुख सेक्टर | पर्यटन, शहरी विकास, उद्योग, ऊर्जा, खनन |
| रजिस्ट्रेशन | आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: प्रवासी राजस्थानी दिवस 2026 कब और कहां होगा?
उत्तर: यह 10 दिसंबर 2026 को जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी) में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम का दूसरा संस्करण है।
प्रश्न: एनआरआर (NRR) का मतलब क्या है?
उत्तर: एनआरआर यानी नॉन-रेजीडेंट राजस्थानी — वे लोग जो राजस्थान के मूल निवासी हैं लेकिन देश के अन्य हिस्सों या विदेशों में रहते हैं।
प्रश्न: क्या सिर्फ विदेशों में बसे राजस्थानी ही भाग ले सकते हैं?
उत्तर: नहीं। देश के अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों के साथ-साथ इंडस्ट्री लीडर्स, उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, युवा, सरकारी अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न: कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
उत्तर: इच्छुक प्रतिनिधि आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। प्रक्रिया डिजिटल है ताकि देश-विदेश से भागीदारी आसान हो।
स्रोत: आईएएनएस रिपोर्ट के आधार पर (विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें)