राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने शनिवार को वह कारनामा कर दिखाया जो अब तक किसी भी राज्य की नार्कोटिक्स एजेंसी नहीं कर पाई थी। सोहनलाल ड्रग तस्कर गिरफ्तारी — 6 साल से फरार चल रहे 75 हजार रुपये के इनामी और टॉप-25 नार्को अपराधियों की सूची में शामिल सोहनलाल उर्फ सोनू को नेपाल से भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के रक्सौल बॉर्डर से पकड़ लिया गया। ANTF के महानिरीक्षक श्री विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में चलाए गए इस विशेष अभियान को “ऑपरेशन विषनहस” नाम दिया गया था।
ये ANTF की पहली अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई है, जिसमें किसी फरार इनामी अपराधी को विदेशी धरती से लाकर गिरफ्त में लिया गया है। सोहनलाल की गिरफ्तारी के साथ ANTF अब तक देश के 12 राज्यों से 103 फरार इनामी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
सोहनलाल ड्रग तस्कर गिरफ्तारी: पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर साधु बनकर बिछाया गया जाल
इस गिरफ्तारी की सबसे फिल्मी कहानी नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर लिखी गई। जब तकनीकी सुरागों से आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हुआ, तो ANTF टीम ने उसके सक्रिय गुर्गों से संपर्क साधा और खुद को पंजाब का बड़ा अवैध मादक पदार्थ खरीदार बताया। भारी मात्रा में माल की डील की इच्छा जताई गई, तो गुर्गों ने शर्त रखी कि इतनी बड़ी डील के लिए नेपाल में बैठे उनके आका से ही मिलना होगा — और टीम काठमांडू पहुंच गई।
जमीनी इनपुट से पता चला कि सोहनलाल गिरफ्तारी से बचने की मन्नत मांगते हुए रोजाना पशुपतिनाथ मंदिर में धोक लगाने आता है। अपनी पहचान छिपाने के लिए एक अधिकारी मंदिर के प्रवेश मार्ग पर माला बेचने वाला बन गया, दूसरा माथे पर चंदन लगाने वाला तिलकधारी बनकर श्रद्धालुओं को तिलक लगाने लगा, जबकि बाकी सदस्य आम श्रद्धालुओं की तरह आसपास मुस्तैद रहे। हुलिया मिलते ही संदिग्ध तस्कर की पहचान कर ली गई। बड़ी रकम की उम्मीद में सोहनलाल टीम के साथ रक्सौल पहुंचा, और भारतीय सीमा में कदम रखते ही दबोच लिया गया। ANTF के मुताबिक आरोपी भूटान जाने की तैयारी में था और 10 अक्टूबर को ही नेपाल छोड़ने वाला था — लेकिन उससे पहले ही पकड़ा गया।
शराब से शुरू हुआ सफर, डोडा-चूरा तक पहुंचा
बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के भारते की बेरी निवासी 32 वर्षीय सोहनलाल उर्फ सोनू पुत्र भागीरथ राम ने 12वीं तक पढ़ाई की। 2016 में गलत संगत में पड़कर उसने अवैध शराब की तस्करी शुरू कर दी, बालोतरा में आबकारी अधिनियम के दो प्रकरण दर्ज हुए और करीब एक माह न्यायिक हिरासत में रहा। जेल से बाहर आकर उसे लगा कि शराब में जोखिम ज्यादा और मुनाफा कम है — यहीं से उसने अफीम और डोडा-चूरा की तस्करी की ओर रुख किया। धीरे-धीरे उसने अपना स्वतंत्र सिंडिकेट खड़ा कर लिया: मध्य प्रदेश के नीमच तथा राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा से भारी मात्रा में डोडा-चूरा जुटाकर मारवाड़ और पंजाब के तस्करों तक पहुंचाता था।
2020 से फरार, कई राज्यों में बदले ठिकाने
2020 में जालौर के चितलवाना में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में नाम आने के बाद सोहनलाल फरार हो गया। उसने मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश में ठिकाने बदले और पकड़ से बचने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल भी सीमित कर दिया। 2025 में ANTF के गठन और कार्रवाई तेज होने पर वह अक्टूबर 2025 में नेपाल भाग गया और काठमांडू में छिपकर भी राजस्थान में सक्रिय साथियों के जरिए तस्करी नेटवर्क चलाता रहा — यानी सीमा लांघने के बावजूद उसका धंधा रुका नहीं था।
सोहनलाल ड्रग तस्कर गिरफ्तारी से मजबूत हुआ ANTF का जाल: 12 राज्यों से 103 फरार इनामी दबोचे
सोहनलाल की गिरफ्तारी ANTF के लिए एक मील का पत्थर है। इससे पहले एजेंसी 12 राज्यों से 102 फरार इनामी अपराधियों को पकड़ चुकी थी; सोहनलाल के साथ संख्या 103 हो गई और ये पहली अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई है। इससे साफ है कि ANTF का नेटवर्क अब राजस्थान या देश तक सीमित नहीं रहा। कार्रवाई में शामिल टीमों को ANTF मुख्यालय के विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत लिया गया है — एनडीपीएस के पुराने प्रकरणों में पूछताछ से मारवाड़ से पंजाब तक फैले सप्लाई चेन और नेपाल के संपर्कों पर अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 2016 | अवैध शराब तस्करी शुरू, 2 प्रकरण दर्ज, 1 माह न्यायिक हिरासत |
| 2020 | चितलवाना (जालौर) एनडीपीएस प्रकरण के बाद फरार |
| 2020–2025 | मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, गोवा, दिल्ली, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश में ठिकाने |
| अक्टूबर 2025 | ANTF के डर से नेपाल भागा, काठमांडू से नेटवर्क चलाया |
| 10 अक्टूबर 2026 | ऑपरेशन विषनहस — रक्सौल बॉर्डर पर गिरफ्तार |
ANTF ने आमजन से मादक पदार्थ तस्करी की जानकारी साझा करने की अपील की है — सूचना नियंत्रण कक्ष 0141-2502877 या व्हाट्सऐप 9261225056 पर दी जा सकती है, गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है। राजस्थान में नशे के खिलाफ ANTF की ऐसी ही अन्य कार्रवाइयों के बारे में यहां पढ़ें: चित्तौड़गढ़ में ऑपरेशन मरामन में ANTF की कार्रवाई और 1 लाख के इनामी विषनाराम तस्कर की गिरफ्तारी। राजस्थान पुलिस की आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस विभाग की वेबसाइट भी देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. सोहनलाल उर्फ सोनू कौन है?
वह बालोतरा जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र का रहने वाला है और राजस्थान के टॉप-25 नार्को अपराधियों में शामिल था। उस पर 75 हजार रुपये का इनाम था। ये सोहनलाल ड्रग तस्कर गिरफ्तारी इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि वह 6 साल से मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में फरार था और नेपाल में छिपकर नेटवर्क चला रहा था।
2. ऑपरेशन विषनहस क्या था?
ये ANTF का विशेष अभियान था, जिसमें नेपाल में छुपे सोहनलाल को पकड़ा गया। टीम ने पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर साधु और माला विक्रेता बनकर जाल बिछाया और रक्सौल बॉर्डर पर उसे गिरफ्तार किया।
3. ये गिरफ्तारी ANTF के लिए क्यों खास है?
ये ANTF की पहली अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई है। इसके साथ एजेंसी अब तक 103 फरार इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
4. अपराध की जानकारी ANTF को कैसे दें?
सूचना ANTF नियंत्रण कक्ष 0141-2502877 या व्हाट्सऐप 9261225056 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है।