राजस्थान में पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से ही पुलिस का सुरक्षा अभियान तेज है, और इसी कड़ी में रविवार को धौलपुर जिले से एक ऐसी खबर आई जिसने चुनाव से पहले सुरक्षा इंतजामों को लेकर पुलिस की सतर्कता को सही साबित कर दिया। धौलपुर हथियार तस्कर आदित्य ठाकुर को सरमथुरा थाना पुलिस ने एक प्राइवेट बस से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मध्य प्रदेश के ग्वालियर से करौली की तरफ पांच अवैध हथियार और 38 जिंदा कारतूस लेकर जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह है कि शुरुआती पूछताछ में पुलिस को आशंका है कि यह हथियार तस्करी आगामी पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से की जा रही थी।
नाकाबंदी के दौरान कैसे गिरफ्त में आया तस्कर
एडिशनल एसपी श्रवण झोरड़ ने बताया कि पंचायत चुनाव को निष्पक्ष, निर्भीक और भयमुक्त संपन्न कराने के लिए जिले में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सरमथुरा थाना पुलिस थाना प्रभारी कैलाश चंद्र के नेतृत्व में नेशनल हाईवे-11बी पर नाकाबंदी पर थी। मुखबिर से सूचना मिली कि ग्वालियर से एक हथियार तस्कर प्राइवेट बस में बैठकर करौली की तरफ जा रहा है। पुलिस ने खरैर नदी के पुल के नजदीक अतिरिक्त नाकाबंदी करा दी, बस को अवरोधक लगाकर रोका और मुखबिर की निशानदेही पर आरोपी को धर दबोचा।
धौलपुर हथियार तस्कर का लाल बैग: पिस्टल, कट्टे और कारतूस बरामद
गिरफ्तार किए गए 36 वर्षीय धौलपुर हथियार तस्कर आदित्य ठाकुर पुत्र योगेंद्र ठाकुर के लाल बैग की तलाशी में पुलिस को पांच अवैध हथियार मिले। इसके साथ ही अलग-अलग बोर के कुल 38 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए।
| बरामद हथियार/सामान | बोर | संख्या |
|---|---|---|
| पिस्टल | 32 बोर | 2 |
| देसी कट्टा | 315 बोर | 2 |
| पोना | 315 बोर | 1 |
| कारतूस | 32 बोर | 18 |
| कारतूस | 315 बोर | 20 |
| कुल जिंदा कारतूस | — | 38 |
पुलिस के अनुसार, इस खेप का आकार बताता है कि तस्कर कोई छोटा सप्लायर नहीं, बल्कि संगठित हथियार तस्करी से जुड़ा हो सकता है। अनुसंधान के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े और नाम भी सामने आ सकते हैं।
धौलपुर हथियार तस्कर कौन है: पढ़ाई में मेधावी, नशे की लत ने बनाया अपराधी
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, धौलपुर हथियार तस्कर मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के तिलावली देवगढ़ का रहने वाला है और हाल में ग्वालियर के पंकज विहार कॉलोनी, गोले का मंदिर इलाके में रह रहा था। उसकी कहानी यह बताती है कि अपराधी बनने की राह हमेशा गरीबी से नहीं, कई बार गलत संगत से भी निकलती है।
आरोपी पढ़ने में मेधावी था और तीन साल तक कंप्यूटर से बीटेक की पढ़ाई की। लेकिन पढ़ाई के दौरान ही वह बुरी संगत में पड़ गया और स्मैक व शराब की लत लग गई। नशे की पूर्ति के लिए उसने शुरुआत ग्वालियर में बाइक चोरी से की, फिर बड़े बदमाशों के संपर्क में आकर बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगा।
एडिशनल एसपी ने बताया कि आदित्य ठाकुर एक शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ ग्वालियर के बहोडापुर, मुरार, पड़ाव, जनकगंज और झांसी रोड पुलिस थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इतने सारे मुकदमों के बावजूद वह हथियार तस्करी के धंधे में सक्रिय था, जिससे साफ है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े नेटवर्क का सिरा हो सकती है।
पंचायत चुनाव से जुड़ा खतरनाक एंगल
इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू चुनाव से जुड़ा है। एडिशनल एसपी श्रवण झोरड़ ने बताया कि प्रारंभिक अनुसंधान में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है — यह धौलपुर हथियार तस्कर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से हथियारों की तस्करी करने जा रहा था।
गौरतलब है कि राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी हो चुका है। चुनाव के दौरान ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं को डराने-धमकाने के लिए अवैध हथियारों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में यह गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता का नतीजा है। आरोपी के खिलाफ फिलहाल आर्म्स एक्ट की धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है और आगे की पूछताछ में हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क के खुलने की संभावना है।
एरिया डोमिनेशन अभियान का असर दिख रहा
यह कार्रवाई एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत की गई है। राजस्थान पुलिस का यह अभियान इन दिनों पूरे प्रदेश में जोर-शोर से चल रहा है। हाल ही में राजस्थान पुलिस ने एक ही दिन में 17,049 ठिकानों पर दबिश देकर 7,744 अपराधियों को गिरफ्तार किया था — जो प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाई मानी गई। इसी अभियान के तहत नागौर में पंचायत चुनाव से पहले 1,063 बोतल-पव्वे अवैध शराब भी जब्त की गई थी।
धौलपुर की यह गिरफ्तारी उसी मुहिम का हिस्सा है, जिसका मकसद चुनाव से पहले अपराधियों और तस्करों का मनोबल तोड़ना है। पुलिस के मुताबिक, सतत निगरानी और सक्रियता की वजह से ही धौलपुर हथियार तस्कर समय रहते गिरफ्तार किया जा सका।
एमपी-राजस्थान बॉर्डर: हथियार तस्करी का पुराना रास्ता
मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिले — मुरैना, ग्वालियर, धौलपुर, करौली — लंबे समय से हथियार तस्करी के रास्ते के तौर पर कुख्यात रहे हैं। मुरैना-ग्वालियर बेल्ट में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्रियां होने की बात पुलिस कई बार सामने ला चुकी है। यहां से बने हथियार बसों और निजी वाहनों से राजस्थान के अलग-अलग जिलों में पहुंचाए जाते हैं। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही इस तरह की तस्करी बढ़ने की आशंका को देखते हुए बॉर्डर चेकपोस्ट और हाईवे नाकाबंदियों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
आगे क्या: नेटवर्क की तलाश में पुलिस
धौलपुर हथियार तस्कर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह हथियारों की खेप करौली में किसको दी जानी थी, इसके पीछे कोई बड़ा तस्कर गिरोह है या नहीं, और पंचायत चुनाव के दौरान किन इलाकों को निशाना बनाने की योजना थी। पुलिस का कहना है कि अनुसंधान में हथियार तस्करी से जुड़े और भी बड़े मामले खुल सकते हैं।
FAQ
सवाल: धौलपुर में हथियार तस्कर को कहां से गिरफ्तार किया गया?
जवाब: सरमथुरा थाना पुलिस ने एनएच-11बी पर खरैर नदी के पुल के नजदीक नाकाबंदी के दौरान प्राइवेट बस से आरोपी आदित्य ठाकुर को गिरफ्तार किया।
सवाल: आरोपी के पास से कितने हथियार और कारतूस बरामद हुए?
जवाब: पांच अवैध हथियार — दो 32 बोर पिस्टल, दो 315 बोर देसी कट्टे और एक 315 बोर पोना — के साथ 32 बोर के 18 और 315 बोर के 20, कुल 38 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
सवाल: धौलपुर हथियार तस्कर का नाम और पता क्या है?
जवाब: 36 वर्षीय आदित्य ठाकुर पुत्र योगेंद्र ठाकुर, मूल निवासी तिलावली देवगढ़, जिला मुरैना (मध्य प्रदेश), हाल निवासी पंकज विहार कॉलोनी, गोले का मंदिर, ग्वालियर।
सवाल: पुलिस को चुनाव से जुड़ा क्या संदेह है?
जवाब: पुलिस के अनुसार, आरोपी आगामी पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से हथियारों की तस्करी कर रहा था। मामले की आगे की जांच जारी है और नेटवर्क के खुलने की संभावना है।