बीकानेर सीमा नाइट कर्फ्यू का असर अब अगले दो महीने तक जारी रहेगा। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बीकानेर जिले के 12 गांवों में रहने वाले लोगों के लिए रात का समय एक बार फिर पाबंदियों के दायरे में आ गया है। जिला प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवधि बढ़ा दी है, जिसके तहत रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना वैध अनुमति के किसी भी व्यक्ति की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इस फैसले का सीधा असर खाजूवाला और बज्जू तहसील के उन गांवों पर पड़ेगा, जो सीमा से महज 2 किलोमीटर के दायरे में बसे हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों को रात में बाहर निकलने से पहले नजदीकी BSF चौकी या पुलिस से लिखित अनुमति लेनी होगी। आपातकालीन परिस्थिति में भी यही प्रक्रिया लागू रहेगी, और बिना अनुमति रात में पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
बीकानेर सीमा नाइट कर्फ्यू: रात की पाबंदी में क्या-क्या बंद रहेगा
नए आदेश के मुताबिक, सीमा से 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले संवेदनशील इलाकों में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी व्यक्ति के बिना वैध अनुमति के आवागमन, घूमने या अन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। यानी शाम ढलते ही इन गांवों में एक तरह की बंदिश लागू हो जाएगी, जो सुबह 6 बजे तक जारी रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम देश की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए उठाया गया है। सीमा पार से संभावित घुसपैठ, अवैध तस्करी, संदिग्ध संचार और जासूसी की आशंका को देखते हुए यह सख्ती बरती जा रही है। BNSS-2023 की धारा 163 के तहत जिला मजिस्ट्रेट को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए ऐसे प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार है। बीकानेर के जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर निशांत जैन ने इसी अधिकार से इन आदेशों को 2 महीनों के लिए बढ़ाया है।
बीकानेर सीमा नाइट कर्फ्यू किन 12 गांवों में लागू
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश बीकानेर जिले की खाजूवाला और बज्जू तहसील के अंतर्गत आने वाले 12 प्रमुख सीमावर्ती गांवों में सख्ती से लागू किए जाएंगे। इन गांवों की सूची इस प्रकार है:
| क्रम | गांव का नाम | क्रम | गांव का नाम |
|---|---|---|---|
| 1 | बल्लर | 7 | रणजीतपुरा |
| 2 | गुलामअलीवाला | 8 | सांचू |
| 3 | सियासर चौगान | 9 | अन्नेवाला |
| 4 | बेरियाँवाली | 10 | कबरेवाला |
| 5 | करमवाला | 11 | भूरासर |
| 6 | गज्जेवाला | 12 | मगनवाला |
इन गांवों की सीमाओं के भीतर रात के समय बिना पूर्व अनुमति पाए जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी जरूरी काम के लिए पहले अनुमति की व्यवस्था कर लें।
पाकिस्तानी सिम पर पूर्ण प्रतिबंध और 0092 कोड वाली कॉल्स की निगरानी
इस आदेश का एक अहम पहलू संचार सुरक्षा से जुड़ा है। सीमा पार लगे पाकिस्तानी टेलीकॉम ऑपरेटरों के मोबाइल टावरों का नेटवर्क भारतीय क्षेत्र में 3 से 4 किलोमीटर अंदर तक आने की संभावना रहती है। इस खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
इसके साथ ही, खाजूवाला, बज्जू और छत्तरगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय कोड +92 (0092) से आने वाली सभी कॉल्स का विस्तृत रिकॉर्ड BSNL को रखना होगा। सुरक्षा एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर इन कॉल्स का ब्योरा और ट्रैकिंग डेटा तुरंत मिलेगा। यानी सीमा के पास रहने वालों को समझना होगा कि पाकिस्तान के नंबरों से संपर्क या वहां के सिम का इस्तेमाल सीधे एजेंसियों की नजर में आएगा।
नया सिम लेने से पहले सख्त सत्यापन और बाहरी श्रमिकों की जांच
संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए मोबाइल विक्रेताओं के लिए भी नई गाइडलाइंस हैं। नया सिम जारी करने से पहले ग्राहक के मूल पहचान पत्र, जैसे राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या बिजली-पानी के बिल का मूल प्रतियों से कड़ा सत्यापन करना होगा। जाली दस्तावेज मिलने पर तुरंत नजदीकी थानाधिकारी को सूचित करना होगा।
सीमावर्ती खेतों, जिप्सम खनन और अन्य कामों में लगे बाहरी राज्यों के मजदूरों के निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पुलिस चरित्र सत्यापन की प्रतियां नजदीकी BSF पोस्ट और थाने में जमा करानी होंगी, और कार्यस्थल पर श्रमिकों को हर समय पहचान पत्र साथ रखना होगा। व्हाट्सएप ग्रुप एडमिनों को भी हिदायत है कि वे अज्ञात व्यक्ति को ग्रुप में न जोड़ें; संदिग्ध सूचना शेयर होने पर एडमिन की सीधी जवाबदेही तय होगी।
ग्रामीणों के लिए क्या करें, क्या न करें
सीमावर्ती गांवों में रहने वालों के लिए आदेश का पालन बेहद जरूरी है, क्योंकि उल्लंघन पर सीधी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के बाहर न निकलें। किसी जरूरी काम के लिए पहले नजदीकी BSF चौकी या पुलिस थाने से लिखित अनुमति लें। नया सिम लेते समय मूल पहचान पत्र साथ रखें। बाहरी मजदूरों को काम पर रखने से पहले उनके दस्तावेज BSF पोस्ट और थाने में जमा कराएं। पाकिस्तानी सिम या 0092 कोड वाले नंबरों से कोई संपर्क न रखें।
सीमा सुरक्षा के मोर्चे पर BSF की भूमिका पहले से ही अहम रही है। हाल में श्रीगंगानगर के रावला इलाके में ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप बरामद होने जैसी घटनाओं ने साफ कर दिया है कि सीमा पार से अवैध गतिविधियों की कोशिशें थमी नहीं हैं। ऐसे में रात की आवाजाही पर रोक और संचार पर निगरानी को सुरक्षा तंत्र का जरूरी हिस्सा माना जा रहा है।
आगामी दो महीनों तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे। अवधि समाप्त होने पर स्थिति की समीक्षा के बाद ही तय होगा कि पाबंदियां आगे बढ़ेंगी या उनमें ढील दी जाएगी।
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स्रोत: पत्रिका — बीकानेर बॉर्डर प्रतिबंध रिपोर्ट
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: बीकानेर सीमा पर रात की पाबंदी कितने समय के लिए बढ़ाई गई है? उत्तर: जिला प्रशासन ने सीमावर्ती इलाकों में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों को आगामी 2 महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
प्रश्न 2: रात में आवाजाही पर किस समय रोक रहेगी? उत्तर: रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना वैध अनुमति के किसी भी व्यक्ति की आवाजाही, घूमना या अन्य गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
प्रश्न 3: किन गांवों में ये पाबंदियां लागू हैं? उत्तर: खाजूवाला और बज्जू तहसील के 12 गांवों — बल्लर, गुलामअलीवाला, सियासर चौगान, बेरियाँवाली, करमवाला, गज्जेवाला, रणजीतपुरा, सांचू, अन्नेवाला, कबरेवाला, भूरासर और मगनवाला में।
प्रश्न 4: रात में जरूरी काम के लिए अनुमति कहां से मिलेगी और पाकिस्तानी सिम पर क्या रोक है? उत्तर: नजदीकी BSF चौकी या पुलिस थाने से लिखित अनुमति लेनी होगी। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है, और 0092 कोड से आने वाली कॉल्स का रिकॉर्ड BSNL रखेगा।