राजस्थान के हजारों दिव्यांगजनों के लिए सरकार ने हाथ बढ़ाया है — और इस बार मदद शब्दों में नहीं, सीधे उपकरणों के रूप में मिलेगी। प्रदेश के 25 हजार दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण देने वाली मुख्यमंत्री संयुक्त सहायता योजना पर काम तेज हो गया है। इसी कड़ी में कल, 13 अक्टूबर 2026 को चूरू में आवेदन शिविर लगाया जा रहा है, जहां पात्र लोग मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है।
अगर आपके परिवार में कोई दिव्यांगजन है, या आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे चलने-फिरने, सुनने या देखने में दिक्कत है, तो यह खबर उनके लिए काम की है। नीचे हमने पूरी प्रक्रिया — पात्रता से लेकर दस्तावेजों तक — आसान भाषा में समझाई है।
25 हजार लाभार्थी, एक लक्ष्य: कोई दिव्यांगजन उपकरण से वंचित न रहे
मुख्यमंत्री संयुक्त सहायता योजना-2026 के तहत राज्य सरकार ने तय किया है कि प्रदेश के 25 हजार दिव्यांगजनों को जरूरत के हिसाब से सहायक उपकरण दिए जाएंगे। इसका मकसद साफ है — चलने-फिरने में असमर्थ या किसी अन्य अक्षमता से जूझ रहे व्यक्ति को दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनाना।
यह योजना बजट घोषणा संख्या 32 के तहत शुरू की गई है। खास बात यह है कि उपकरण पूरी तरह निःशुल्क होंगे — लाभार्थी को एक रुपया भी नहीं देना होगा। आवेदन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होंगे, और चिन्हित लाभार्थियों को उपकरणों का वितरण 3 दिसंबर 2026, यानी अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राज्य और जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में किया जाएगा।
कल चूरू में शिविर: समय, स्थान और हेल्प डेस्क की व्यवस्था
चूरू जिले के दिव्यांगजनों के लिए अच्छी खबर यह है कि 13 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक कार्यालय, चूरू में आवेदन शिविर आयोजित किया जाएगा। इच्छुक पात्र व्यक्ति कार्यालय समय में वहां पहुंचकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विभाग के उपनिदेशक केके चंद्रवंशी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांगजनों को सहारा और सुविधा उपलब्ध कराना है। आवेदकों की मदद के लिए कार्यालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है, ताकि ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी को दिक्कत न हो। आवेदन अपनी एसएसओ आईडी पर उपलब्ध SJMS DSAP मॉड्यूल के माध्यम से करना होगा।
शिविर में पहुंचने वाले आवेदक अपने साथ आधार कार्ड, जनआधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और एसएसओ आईडी की जानकारी जरूर लेकर आएं, ताकि संयुक्त सहायता योजना का फॉर्म मौके पर ही पूरा भरा जा सके। जिन लोगों की एसएसओ आईडी अभी नहीं बनी है, वे हेल्प डेस्क पर मार्गदर्शन ले सकते हैं।
कौन-कौन से उपकरण मिलेंगे निःशुल्क
योजना के तहत पात्र दिव्यांगजन अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न सहायक उपकरणों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
| उपकरण श्रेणी | उदाहरण |
|---|---|
| चलने-फिरने में सहायक | ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर |
| विशेष आवश्यकताएं | सीपी चेयर, कैलिपर्स |
| सुनने में सहायक | श्रवण यंत्र |
| देखने में सहायक | स्मार्ट चश्मा, स्मार्ट केन, वॉकिंग स्टिक |
| कृत्रिम अंग | कृत्रिम हाथ-पैर |
इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संयुक्त सहायता योजना में चिन्हांकन के बाद जिस उपकरण की जरूरत होगी, वही दिया जाएगा — यानी हर लाभार्थी को उसकी अक्षमता के हिसाब से उपयुक्त उपकरण मिलेगा। उदाहरण के लिए, जिसे चलने में दिक्कत है उसे ट्राईसाइकिल या व्हीलचेयर, सुनने में दिक्कत वाले को श्रवण यंत्र और देखने में दिक्कत वाले को स्मार्ट केन या स्मार्ट चश्मा दिया जा सकता है।
आवेदन कैसे करें: एसएसओ से दस्तावेजों तक पूरी प्रक्रिया
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। संयुक्त सहायता योजना में इच्छुक व्यक्ति को अपनी एसएसओ आईडी से SJMS पोर्टल पर DSAP (मुख्यमंत्री संयुक्त सहायता अनुदान योजना) मॉड्यूल में जाकर फॉर्म भरना होगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- आधार कार्ड
- जनआधार कार्ड
- दिव्यांगता प्रमाणपत्र (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र)
- मूल निवास प्रमाणपत्र या इससे संबंधित दस्तावेज
- आय प्रमाणपत्र (आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए)
- एसएसओ आईडी
बीकानेर से जारी सूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 रखी गई है, इसलिए देर न करें। विस्तृत दिशा-निर्देश और शर्तें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट dsap.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं — आवेदन से पहले वहां शर्तें जरूर पढ़ लें।
आगे का रास्ता: 3 दिसंबर को होगा उपकरणों का वितरण
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाभार्थियों का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके बाद 3 दिसंबर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर संपूर्ण राजस्थान में राज्य और समस्त जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का निःशुल्क वितरण होगा।
इससे पहले भीलवाड़ा में जन सेवा सेतु शिविर के दौरान एक दिव्यांग लाभार्थी का इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल के लिए मौके पर ही पंजीकरण किया गया था — यानी सरकार इस बार आवेदन से वितरण तक की प्रक्रिया को तेज रखना चाहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न: मुख्यमंत्री संयुक्त सहायता योजना का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: राजस्थान के स्थायी निवासी दिव्यांगजन, जिनके पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आधार और जनआधार कार्ड हो। आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए। संयुक्त सहायता योजना का लाभ लेने के लिए एसएसओ आईडी भी जरूरी है।
प्रश्न: आवेदन कहां और कैसे होगा?
उत्तर: एसएसओ आईडी से SJMS पोर्टल के DSAP मॉड्यूल में ऑनलाइन आवेदन होगा। चूरू में 13 अक्टूबर को उपनिदेशक कार्यालय में शिविर भी लगाया जा रहा है, जहां हेल्प डेस्क मदद करेगी।
प्रश्न: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: 20 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
प्रश्न: उपकरण कब और कैसे मिलेंगे?
उत्तर: चिन्हित लाभार्थियों को 3 दिसंबर 2026 को आयोजित जिला और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में संयुक्त सहायता योजना के तहत निःशुल्क उपकरण वितरित किए जाएंगे।
प्रश्न: क्या उपकरणों के लिए कोई शुल्क देना होगा?
उत्तर: नहीं, योजना के तहत सभी सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग पूरी तरह निःशुल्क दिए जाएंगे।
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