रावला ड्रोन कांड का मास्टरमाइंड ‘सुक्खा’ पंजाब से गिरफ्तार: पाकिस्तान के ‘चाचा अली’ से जुड़े तार, ATS लेने की तैयारी में

श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में ड्रोन से आरडीएक्स और विदेशी हथियार गिराए जाने के मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। रावला ड्रोन मास्टरमाइंड के तौर पर चिह्नित कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा को पंजाब में पकड़ लिया गया है। पंजाब की खुफिया एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है, और अब राजस्थान का आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) उसे अपनी हिरासत में लेने की तैयारी कर रहा है। इस गिरफ्तारी को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी शख्स पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के इशारे पर पूरी साजिश रचने का आरोप है।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सुक्खा की गिरफ्तारी से वह कड़ी हाथ लगी है जो अब तक गायब थी। खेप किसने गिराई और किसने उठाई — ये सवाल पहले ही सुलझ चुके थे, लेकिन खेप मंगवाई किसने, इसका जवाब सुक्खा के पास होने की उम्मीद है।

गिरफ्तारी से जांच को क्या-क्या मिलेगा

एजेंसियों के सामने अब तीन बड़े सवाल हैं। पहला — पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ‘चाचा अली’ से सुक्खा का संपर्क कितना पुराना था। दूसरा — पंजाब में इस नेटवर्क के और कौन-कौन से लोग सक्रिय हैं। तीसरा — 7.75 किलोग्राम आरडीएक्स और विदेशी हथियारों की खेप आखिर कहां पहुंचाई जानी थी।

ATS और एसओजी की टीमें अब खेप की आपूर्ति, उसे सीमा पार से भेजने और रावला में उसे उठाने के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की अलग-अलग पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि उसके पकड़े जाने से इस कथित तस्करी गिरोह के अन्य अहम संबंधों का भी खुलासा होगा।

‘चाचा अली’ और पंजाब नेटवर्क की कड़ी

जांच के मुताबिक कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा पाकिस्तान में बैठे ‘चाचा अली’ के संपर्क में था। आरोप है कि इसी संपर्क के जरिए रावला क्षेत्र में आरडीएक्स और विदेशी हथियारों की खेप मंगवाई गई। पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार सुक्खा पंजाब के अलीका का रहने वाला है।

कहानी यहीं से पंजाब से जुड़ती है। आरोप है कि सुक्खा ने ही पंजाब के दो लोगों — फिरोजपुर जिले के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर जिले के सुखविंदर सिंह रायसिख — को रावला में ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने का निर्देश दिया था। दोनों को खेप उठाने पहुंचने पर ही मौके से पकड़ लिया गया था, और पूछताछ में इन्हीं दोनों ने सुक्खा का नाम लिया था।

पहले गिरफ्तार दोनों आरोपी अब न्यायिक हिरासत में

इस बीच मामले में पहले गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रिमांड अवधि समाप्त होने पर बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया। ATS के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के अनुसार न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं। यानी खेप उठाने वाले दोनों आरोपी अब जेल में हैं, जबकि साजिश रचने वाला कथित मास्टरमाइंड पंजाब में पूछताछ के दायरे में है।

इससे पहले अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने हनुमानगढ़ रोड स्थित रीको पुलिस चौकी में दोनों आरोपियों से पूछताछ की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ और ATS के उपमहानिरीक्षक राममूर्ति जोशी ने भी उनसे पूछताछ की थी।

12 अक्टूबर की रात रावला में क्या हुआ था

यह पूरा मामला 12 अक्टूबर की रात का है। रावला क्षेत्र की 12 केएनडी ग्राम पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित एक खेत में ड्रोन के जरिए तीन पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी। यह स्थान खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर बताया गया था। सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की।

पैकेट उठाने पहुंचे पंजाब के दोनों युवकों को मौके से ही पकड़ लिया गया। बरामदगी का आंकड़ा चौंकाने वाला था — आरडीएक्स के साथ-साथ तुर्की में बनी पिस्टलें, मैगजीन और सैकड़ों कारतूस। इसके बाद से ही जांच का दायरा नशा तस्करी से आगे बढ़कर संभावित आतंकी नेटवर्क तक पहुंच गया। रावला में ड्रोन से गिराई गई आरडीएक्स खेप की बरामदगी पर हमारी पहले की खबर में पूरी जानकारी दी गई थी।

बरामद खेप: क्या-क्या मिला था

बरामद सामग्री मात्रा/संख्या
आरडीएक्स (RDX) 7.75 किलोग्राम
तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल 2
मैगजीन 4
कारतूस 867
बैटरी और रिमोट-कंट्रोल डिवाइस कई
ड्रोन से गिराए गए पैकेट 3

इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और विदेशी हथियार मिलने के बाद ही एजेंसियों ने इसे सिर्फ तस्करी का मामला मानने से इनकार कर दिया था। खेप किसके लिए थी और इसका इस्तेमाल कहां होना था — इन्हीं सवालों के जवाब के लिए सुक्खा की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है।

रावला बॉर्डर: ड्रोन तस्करी का बढ़ता खतरा

रावला क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा है, और पिछले कुछ महीनों में यहां ड्रोन से खेप गिराए जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पहले नशीले पदार्थों की खेप मिली, अब हथियार और विस्फोटक मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

इसीलिए 12 अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। अब सुक्खा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि इस नेटवर्क ने पहले भी इसी रास्ते से खेप मंगवाई थी या नहीं। श्रीगंगानगर में ड्रोन से भेजी गई करोड़ों की हेरोइन की जब्ती का मामला भी इसी बॉर्डर बेल्ट से जुड़ा था।

अब आगे क्या होगा

अगला कदम राजस्थान ATS द्वारा सुक्खा को अपनी हिरासत में लेना है। पंजाब की खुफिया एजेंसी की पूछताछ पूरी होने के बाद उसे राजस्थान लाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके बाद ATS उससे पाकिस्तान हैंडलर से संपर्क, पैसों के लेन-देन, और खेप की मंजिल के बारे में विस्तार से पूछताछ करेगी। विस्तृत जानकारी पत्रिका की मूल रिपोर्ट में देखी जा सकती है।

जांच के इस चरण में एजेंसियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोग कौन हैं। अगर सुक्खा की पूछताछ में नए नाम सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

रावला ड्रोन मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
कुलवंत सिंह उर्फ सुक्खा को पंजाब में पकड़ा गया है। उस पर पाकिस्तान के हैंडलर के इशारे पर रावला में ड्रोन से आरडीएक्स और हथियारों की खेप मंगवाने की साजिश का आरोप है।

सुक्खा कौन है और कहां का रहने वाला है?
रिपोर्टों के अनुसार सुक्खा पंजाब के अलीका का रहने वाला है। उसी ने पंजाब के दो लोगों को रावला में खेप उठाने के लिए भेजा था।

रावला में क्या बरामद हुआ था?
ड्रोन से गिराए गए तीन पैकेटों से 7.75 किलो आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और 867 कारतूस मिले थे।

अब इस मामले में आगे क्या होगा?
पंजाब की खुफिया एजेंसी की पूछताछ के बाद राजस्थान ATS सुक्खा को अपनी हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है, फिर पाकिस्तान कनेक्शन पर विस्तृत पूछताछ होगी।

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