पंच-सरपंच चुनाव: आज 3,314 गांवों में मतदान, शाम को ही मतगणना

राजस्थान के 16 जिलों के हजारों गांवों में आज गांव की असली सरकार चुनी जाएगी। पंच-सरपंच चुनाव मतदान के तहत पहले चरण में शनिवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और उसके तुरंत बाद उसी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना शुरू हो जाएगी। इसका मतलब है कि देर शाम तक हजारों गांवों को अपने नए सरपंच का नाम मिल जाएगा।

पंच-सरपंच चुनाव मतदान में इस बार खास बात यह है कि जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ईवीएम से हुए, लेकिन सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव परंपरागत तरीके से बैलेट पेपर से हो रहे हैं। शुक्रवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई थी — 3,314 सरपंच और हजारों वार्ड पंच पदों के लिए उम्मीदवारों ने पर्चे भरे थे।

एक नजर में आज का बड़ा अंक

आज जिन पदों के लिए मतदान हो रहा है, उनका आकार चौंकाने वाला है। प्रथम चरण में 16 जिलों की 104 पंचायत समितियों के तहत कुल 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए चुनाव हो रहा है। इसके साथ ही 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए भी वोट डाले जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक इस चरण में करीब 85 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सोचिए — एक ही दिन में 85 लाख लोगों की भागीदारी, यह अपने आप में लोकतंत्र का सबसे बड़ा जीवंत प्रमाण है। आयोग का आधिकारिक कार्यक्रम और दिशा-निर्देश राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी देखे जा सकते हैं।

पंच-सरपंच चुनाव मतदान कैसे होगा: दो बैलेट पेपर, बिना पार्टी सिंबल

पंच-सरपंच चुनाव मतदान की प्रक्रिया विधानसभा या लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग है। सबसे पहली बात — ये चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के सिंबल पर नहीं लड़े जाते। उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से मैदान में होते हैं, और मतदाता व्यक्ति को देखकर वोट करता है, पार्टी को नहीं।

दूसरी अहम बात — हर मतदाता को दो बैलेट पेपर मिलेंगे। एक बैलेट पेपर सरपंच पद के उम्मीदवारों के लिए और दूसरा वार्ड पंच के लिए। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों ने सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

मतगणना आज ही, उपसरपंच का चुनाव कल

पंच-सरपंच चुनाव की सबसे दिलचस्प बात इसकी गति है। मतदान समाप्त होते ही उसी दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना शुरू हो जाएगी। परिणाम भी उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे। यानी आज रात तक हजारों गांवों में जीत-हार का फैसला सामने आ जाएगा।

इसके बाद रविवार, 25 अक्टूबर को नवनिर्वाचित वार्ड पंच मिलकर उपसरपंच का चुनाव करेंगे। उपसरपंच का चुनाव अप्रत्यक्ष होता है — आम मतदाता इसमें वोट नहीं डालते, बल्कि चुने हुए पंच अपने बीच से उपसरपंच चुनते हैं।

पूरा कार्यक्रम एक नजर में

राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले, दूसरे और तीसरे चरण का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। मतदान का समय हर चरण में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा:

चरण जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान पंच-सरपंच नामांकन पंच-सरपंच मतदान व मतगणना उपसरपंच चुनाव
पहला चरण 22 अक्टूबर (हो चुका) 23 अक्टूबर (पूरा) 24 अक्टूबर (आज) 25 अक्टूबर
दूसरा चरण 28 अक्टूबर 29 अक्टूबर 30 अक्टूबर 31 अक्टूबर
तीसरा चरण 2 नवंबर 4 नवंबर 5 नवंबर 6 नवंबर

मतगणना हर बार उसी दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगी। अगले चरणों में पंच-सरपंच मतदान 30 अक्टूबर और 5 नवंबर को निर्धारित है।

किन 16 जिलों में आज मतदान

आज पहले चरण का मतदान जिन 16 जिलों में हो रहा है, वे हैं — अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर। इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में आज सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

मतदाताओं के लिए जरूरी बातें

अगर आप आज वोट डालने जा रहे हैं, तो कुछ बातें ध्यान रखें। मतदान केंद्र पर अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र जरूर ले जाएं — वोटर आईडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड में से कोई एक चलेगा। मतदान केंद्र की जानकारी अपने बूथ लेवल अधिकारी से पहले ही कंफर्म कर लें। मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। ध्यान रहे, सरपंच और वार्ड पंच दोनों के लिए अलग-अलग बैलेट पेपर मिलेंगे — दोनों पर सही निशान लगाना न भूलें।

पृष्ठभूमि: गुरुवार को हो चुका जिला परिषद मतदान

इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर को इन्हीं 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें करीब 63 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी। उस चरण में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों की कुल 2,081 सीटों के लिए 6,976 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान शांतिपूर्ण रहा और कई जगहों पर अच्छी वोटिंग दर्ज की गई। अब आज का दिन गांव स्तर की सबसे नजदीकी सरकार के चुनाव का है।

पंच-सरपंच चुनाव का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि सरपंच ही गांव की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े फैसले लेता है — पानी, सड़क, आवास योजना, मनरेगा और राशन तक की व्यवस्थाओं में पंचायत की भूमिका सीधी होती है। यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में इन चुनावों को लेकर शहरी चुनावों से ज्यादा उत्साह देखा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: पंच-सरपंच चुनाव में मतदान का समय क्या है?

जवाब: मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद उसी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शुरू होगी।

सवाल: क्या सरपंच का चुनाव ईवीएम से होता है?

जवाब: नहीं। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ईवीएम से होते हैं, लेकिन सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाते हैं।

सवाल: उपसरपंच का चुनाव कब और कैसे होगा?

जवाब: 25 अक्टूबर को नवनिर्वाचित वार्ड पंच अपने बीच से उपसरपंच चुनेंगे। यह चुनाव अप्रत्यक्ष होता है, इसमें आम मतदाता वोट नहीं डालते।

सवाल: दूसरे और तीसरे चरण का मतदान कब होगा?

जवाब: दूसरे चरण में पंच-सरपंच मतदान 30 अक्टूबर को और तीसरे चरण में 5 नवंबर को होगा।

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