पंचायत चुनाव 2026: आज 16 जिलों में मतदान, 85 लाख मतदाता चुनेंगे गांव की सरकार

आज यानी गुरुवार, 22 अक्टूबर को राजस्थान में पंचायत चुनाव मतदान 2026 का सबसे बड़ा दिन है। प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस चरण में 85 लाख 07 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, और कुल 6,926 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाले मतदान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आदर्श आचार संहिता लागू है।

आज कहां-कहां होगा मतदान: 16 जिलों की पूरी सूची

पंचायत चुनाव मतदान 2026 के पहले चरण में जिन 16 जिलों की जिला परिषदों में वोट डाले जा रहे हैं, वे हैं: अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलोदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर। इन जिलों में जिला परिषद के 586 वार्डों और पंचायत समितियों के 1,806 वार्डों में चुनावी मुकाबला हो रहा है। नाम वापसी के बाद जिला परिषद सदस्य पदों के लिए 1,693 और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 5,233 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं।

जिला परिषद के पहले चरण में होने वाले वार्डों का जिले-वार ब्यौरा इस प्रकार है:

जिला पहले चरण में जिला परिषद वार्ड
अजमेर 15
अलवर 19
बाड़मेर 24
भीलवाड़ा 28
बीकानेर 8
डूंगरपुर 20
जयपुर 22
झालावाड़ 16
जोधपुर 9
कोटा 19
नागौर 21
पाली 18
फलोदी 23
राजसमंद 13
सिरोही 13
उदयपुर 25
कुल (16 जिला परिषद) 293

ध्यान देने वाली बात यह है कि जिला परिषदों के सभी वार्डों में आज मतदान नहीं हो रहा है — बाकी वार्डों में अगले चरणों में वोट डाले जाएंगे। उदाहरण के लिए जयपुर जिला परिषद के 57 वार्डों में से आज सिर्फ 22 में मतदान हो रहा है। भीलवाड़ा जिले में 9 पंचायत समितियों (कोटड़ी, जहाजपुर, खजूरी, मांडलगढ़, बिजौलिया, मांडल, करेड़ा, सुवाणा और बनेड़ा) के 177 वार्डों में 466 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि जिले की जिला परिषद के 28 वार्डों में 111 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है।

पंचायत चुनाव मतदान 2026: दो ईवीएम, दो वोट — वोट कैसे डालें

इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि हर मतदाता को दो पदों के लिए वोट डालना है — जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य। इसीलिए हर मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग ईवीएम मशीनें लगाई गई हैं। मतदाता पहले एक ईवीएम पर बटन दबाएगा, फिर दूसरी ईवीएम पर अपना वोट दर्ज करेगा। यानी एक मतदाता, दो वोट — और दोनों को एक साथ याद रखना होगा।

मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान केंद्र पर पहचान पत्र लेकर जरूर पहुंचें। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए मतदान दल बुधवार को ही संबंधित केंद्रों के लिए रवाना हो चुके थे, ताकि गुरुवार सुबह समय पर वोटिंग शुरू हो सके।

ग्रामीण श्रमिकों के लिए इस बार एक अच्छी खबर भी है। वीबी-जी राम जी योजना में काम कर रहे श्रमिकों को मतदान दिवस पर सवैतनिक अवकाश मिलेगा — यानी वोट डालने की छुट्टी के साथ पूरी मजदूरी भी। इस फैसले से लाखों ग्रामीण श्रमिकों को मतदान केंद्र तक पहुंचने में आसानी होगी। इस बारे में विस्तार से पढ़ें: वीबी-जी राम जी सवैतनिक अवकाश: वोट डालें, पूरी मजदूरी पाएं

सुरक्षा और चुनावी तैयारियां: कड़ी चौकसी में गांव की सरकार

गांव की सरकार चुनने के इस महापर्व को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए उड़न दस्ते सक्रिय हैं। चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को ही थम गया था — मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार बंद करने के नियम का सख्ती से पालन कराया गया।

चुनावी माहौल के बीच एक दुखद घटना ने भी सबका ध्यान खींचा। बाड़मेर की मांगता पंचायत समिति के वार्ड-8 से कांग्रेस प्रत्याशी मोहनलाल की मतदान से एक दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिटर्निंग अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। पढ़ें पूरी खबर: बाड़मेर में कांग्रेस प्रत्याशी की मौत: वोटिंग से 24 घंटे पहले खेत में मिला शव

आगे क्या होगा: मतगणना 20 नवंबर, पंच-सरपंच का मतदान 24 अक्टूबर

पहले चरण के मतदान के बाद जिला परिषद और सभी चरणों की पंचायत समितियों की मतगणना 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर होगी। यानी आज वोट डालने वाले मतदाताओं को अपने प्रतिनिधियों के नाम जानने के लिए लगभग एक महीने का इंतजार करना होगा।

पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान इसी चरण में 24 अक्टूबर को होगा — लेकिन ईवीएम के बजाय मतपत्र से। इसका मतलब है कि ग्राम पंचायत स्तर के चुनाव की प्रक्रिया अलग तरीके से पूरी होगी। मतदाताओं को दोनों चुनावों के बीच सिर्फ दो दिन का अंतर मिलेगा, इसलिए प्रशासन दोनों चरणों की तैयारियां साथ-साथ कर रहा है।

चार चरणों में पूरा चुनाव: गांव की सरकार का बड़ा खाका

राजस्थान पंचायतीराज चुनाव 2026 पूरे राज्य में चार चरणों में आयोजित हो रहे हैं। इस महा-चुनाव में 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान होगा। पहले चरण में जहां 16 जिलों में वोटिंग हो रही है, वहीं बाकी जिलों के लिए अगले चरणों का कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी और मतदाता सूची से जुड़े विवरण आयोग की वेबसाइट sec.rajasthan.gov.in पर देखे जा सकते हैं। वोट डालने से पहले मतदाता अपना नाम सूची में जरूर जांच लें — अगर आपका नाम मतदाता सूची में अभी जुड़ा है या आपने हाल में जुड़वाया है, तो इससे जुड़ी ताजा जानकारी यहां पढ़ें: राजस्थान मतदाता सूची SSR: 20 दिन में 2.40 लाख नए मतदाता जुड़े

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. आज के पंचायत चुनाव में एक मतदाता को कितने वोट डालने होंगे?

हर मतदाता को दो पदों के लिए दो वोट डालने होंगे — जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य। मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग ईवीएम मशीनें लगी होंगी, और दोनों पर अलग-अलग बटन दबाना होगा।

2. मतदान का समय क्या है?

मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। प्रशासन की सलाह है कि मतदान केंद्र पर पहचान पत्र लेकर समय से पहुंचें।

3. चुनाव परिणाम कब आएंगे?

जिला परिषद और पंचायत समितियों की मतगणना 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर होगी। उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

4. पंच और सरपंच के चुनाव कब होंगे?

पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 24 अक्टूबर को होगा। इन पदों के लिए ईवीएम की जगह मतपत्र का इस्तेमाल किया जाएगा।

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