पंचायत चुनाव तीसरा चरण नामांकन: 3,314 सरपंच-28,422 वार्ड पंच पद, आज पर्चा भरने की आखिरी तारीख

राजस्थान की असली सरकार आज अपने नए चेहरे चुनने के लिए निर्णायक दिन से गुजर रही है। गांव की चौपाल में बैठे किसान, मजदूर और महिला की रोजमर्रा की जिंदगी विधानसभा-लोकसभा से नहीं, पंचायत चुनाव से तय होती है — पंचायत चुनाव 2026 के तीसरे चरण में आज, शुक्रवार 23 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। दोपहर 3 बजे के बाद पर्चा भरने का यह मौका हाथ से निकल जाएगा, और यही वजह है कि सुबह से ही रिटर्निंग अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ उमड़ रही है।

तीसरे चरण में सिर्फ जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्य ही नहीं चुने जाएंगे। असली हलचल तो गांवों में है — 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए और 28,422 वार्ड पंच पदों के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। लंबे समय से इन पंचायतों में प्रशासकों के हाथों में गांव की सरकार थी; अब जनप्रतिनिधियों के चुनाव से विकास कार्यों में फिर से गति आने की उम्मीद है।

तीसरे चरण का पूरा कार्यक्रम — तारीखें एक नजर में

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक तीसरे चरण की अहम तारीखें इस प्रकार हैं:

प्रक्रिया जिला परिषद / पंचायत समिति सदस्य ग्राम पंचायत (सरपंच / वार्ड पंच)
नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर (आज), दोपहर 3 बजे तक 4 नवंबर
नामांकन पत्रों की संवीक्षा 24 अक्टूबर (शनिवार) 4 नवंबर
नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर 4 नवंबर
मतदान 3 नवंबर 5 नवंबर
मतगणना मतदान समाप्त होते ही मतदान समाप्त होते ही
उपसरपंच का चुनाव — 6 नवंबर

ध्यान रहे, नामांकन पत्र जमा करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तय है। संवीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू होगी। ग्राम पंचायत स्तर पर नामांकन सुबह 8 से 11 बजे तक लिए जाते हैं और मतगणना मतदान खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर करा दी जाती है — यानी सरपंच का नतीजा उसी रात पता चल जाता है।

इस बार चुनाव तीन चरणों में हो रहे हैं। पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर को संपन्न हुआ था और आज तीसरे चरण के पर्चे भरे जा रहे हैं — पंचायती राज चुनाव 2026 अब अपने सबसे व्यस्त दौर में है।

17 जिला परिषदें और 116 पंचायत समितियां — दांव बड़े हैं

तीसरे चरण में 17 जिला परिषदों और 116 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जिला परिषद सदस्य का चुनाव जिले के ग्रामीण विकास की दिशा तय करता है — जिला परिषद के माध्यम से ही गांवों तक योजनाओं का पैसा पहुंचता है, सड़कों, पानी और स्कूलों के कामों की निगरानी होती है।

पंचायत समिति सदस्य का पद ब्लॉक स्तर की सियासत की धुरी है। प्रधान और उपप्रधान का चुनाव इन्हीं सदस्यों के बीच से होता है, इसलिए हर प्रत्याशी के साथ उसकी पार्टी और समर्थन का गणित भी चलता है। आज शाम 3 बजे तक जितने पर्चे जमा होंगे, शनिवार को संवीक्षा के बाद असली मैदान साफ हो जाएगा।

गांव की सरकार के लिए सबसे बड़ी जंग: 3,314 सरपंच पद

तीसरे चरण की सबसे रोमांचक कहानी जिला परिषदों की नहीं, गांवों की है। 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए चुनाव होंगे और 28,422 वार्ड पंच चुने जाएंगे। वार्ड पंच ही बाद में उपसरपंच चुनते हैं — इसलिए सरपंच पद का उम्मीदवार सिर्फ अपने लिए नहीं, अपने वार्ड पंचों के लिए भी मेहनत करता है।

ग्रामीणों के लिए सरपंच का चुनाव सबसे निजी चुनाव होता है। यहां प्रत्याशी का चेहरा, उसकी पहुंच और गांव में उसकी साख ही सबसे बड़ा चुनाव चिह्न है। लंबे समय से इन पंचायतों में प्रशासक बैठे थे — विकास कार्य ठप पड़े थे, योजनाओं की फाइलें अटकी थीं। अब चुने हुए प्रतिनिधियों के आने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंचायत भवन में फिर से उनकी सुनवाई होगी।

चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। नामांकन केंद्रों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया पूरी हो सके।

उम्मीदवारों के लिए जरूरी नियम — पर्चा भरने से पहले जान लें

नामांकन दाखिल करने जा रहे प्रत्याशियों के लिए कुछ अहम बातें:

  • समय का ध्यान रखें: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन आज दोपहर 3 बजे तक ही लिए जाएंगे। देर से पहुंचे प्रत्याशी का पर्चा स्वीकार नहीं होगा।
  • सभी दस्तावेज पूरे रखें: नामांकन पत्र के साथ जरूरी प्रमाण-पत्र, प्रस्तावकों के हस्ताक्षर और निर्धारित शुल्क की रसीद साथ होनी चाहिए। अधूरे पर्चे संवीक्षा में रद्द हो सकते हैं।
  • संवीक्षा शनिवार को: कल, 24 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच होगी। अगर पर्चे में कोई कमी पाई गई, तो उम्मीदवारी रद्द हो सकती है।
  • चुनाव चिह्न का आवंटन: नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

चुनाव संबंधी आधिकारिक कार्यक्रम और दिशा-निर्देश राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: पंचायत चुनाव 2026 के तीसरे चरण में नामांकन की आखिरी तारीख क्या है? उत्तर: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार), दोपहर 3 बजे तक है। ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन 4 नवंबर को होगा।

प्रश्न: तीसरे चरण में कितने पदों पर चुनाव हो रहा है? उत्तर: 17 जिला परिषदों और 116 पंचायत समितियों के सदस्यों के साथ-साथ 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 28,422 वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव हो रहा है।

प्रश्न: सरपंच का चुनाव कब होगा और नतीजा कब आएगा? उत्तर: तीसरे चरण में सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदान 5 नवंबर को होगा। मतगणना मतदान समाप्त होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर करा दी जाएगी, यानी नतीजा उसी रात घोषित हो जाएगा। उपसरपंच का चुनाव 6 नवंबर को होगा।

प्रश्न: नामांकन पत्र जमा करने का समय क्या है? उत्तर: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन पत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लिए जाते हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर यह समय सुबह 8 से 11 बजे तक रहता है।

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर हैं। पहले चरण में नामांकन और मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है और आज तीसरे चरण के पर्चे भरे जा रहे हैं। यह चुनाव सिर्फ पदों की लड़ाई नहीं है — यह गांव के विकास, योजनाओं और हर घर तक पहुंचने वाली सुविधाओं की लड़ाई है। आज शाम 3 बजे तक भरे जाने वाले हर पर्चे के पीछे किसी गांव का भविष्य छिपा है।

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