पंचायत चुनाव पहले चरण मतदान: 63% वोटिंग, मंगता सबसे आगे

राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान गुरुवार, 22 अक्टूबर को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चले मतदान में 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए वोट डाले गए। इस चरण में 85.07 लाख पंजीकृत मतदाताओं ने 2081 सीटों के लिए मैदान में उतरे 6926 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद कर दिया। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण में करीब 63 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है, हालांकि अंतिम आंकड़ों में इसमें थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। चुनावों के परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। मतदान से पहले सभी केंद्रों पर ईवीएम की जांच और मॉक पोल कराया गया था, और बूथों पर पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।

सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान कहां हुआ

पहले चरण में मतदान को लेकर सबसे ज्यादा जोश बाड़मेर जिले की मंगता पंचायत समिति और उदयपुर जिले की नाई पंचायत समिति में देखने को मिला। मंगता पंचायत समिति में सर्वाधिक 79.55 फीसदी मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि नाई में भी 79 फीसदी से अधिक मतदान हुआ।

इसके उलट पाली और सिरोही जिलों में मतदाता मतदान केंद्रों तक कम ही पहुंचे। पाली की रानी पंचायत समिति में मतदान महज 40.02 फीसदी रह गया, जो इस चरण का सबसे कम आंकड़ा है। जयपुर जिले की झोटवाड़ा पंचायत समिति में 72.02 फीसदी मतदान के साथ राजधानी क्षेत्र में सबसे आगे रही।

जिलों के आंकड़े एक नजर में

पहले चरण में 16 जिलों — अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, फलोदी, कोटा, नागौर, पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर — में मतदान हुआ। प्रमुख जिलों के मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहे:

जिला / पंचायत समिति मतदान प्रतिशत स्थिति
मंगता (बाड़मेर) 79.55% सबसे ज्यादा
नाई (उदयपुर) 79% से अधिक दूसरे नंबर पर
झोटवाड़ा (जयपुर) 72.02% जयपुर में सबसे आगे
जोधपुर जिला 62.88% 1,72,541 मत पड़े
नागौर जिला 50.18% दोपहर 3 बजे तक
बाड़मेर जिला 50.78% दोपहर 3 बजे तक
कोटा जिला 47.26% दोपहर 3 बजे तक
अजमेर जिला 42.66% दोपहर 3 बजे तक
पाली जिला 39.05% दोपहर 3 बजे तक
रानी (पाली) 40.02% सबसे कम

जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों में 65 से 72 फीसदी के बीच मतदान हुआ। जोधपुर जिले में कुल 2,74,416 मतदाताओं में से 1,72,541 ने वोट डाला, जिससे मतदान प्रतिशत 62.88 रहा। जोधपुर की आगोलाई पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 74.96 फीसदी मतदान हुआ।

किन दिग्गजों ने डाला वोट

पहले चरण के मतदान में कई दिग्गज नेताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मौजमाबाद पंचायत समिति के श्रीनिवासपुरा गांव में बूथ संख्या 92 पर परिवार के साथ वोट डाला। श्रीनिवासपुर को आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया था, जिसे रंगोली से सजाया गया था। वोट डालने के बाद डिप्टी सीएम ने सेल्फी पॉइंट पर फोटो भी क्लिक करवाई।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने नागौर जिले के खींवसर में मतदान किया। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मतदान के दिन मतदाताओं से अपील की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता 3 साल से भाजपा के कुशासन से त्रस्त है और अब वक्त है कि पंचायतों में जनता का फैसला गांवों के हित में निर्णायक हो। डोटासरा ने सभी मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की।

शहर बनाम गांव: मतदान में दिखा अंतर

पहले चरण के आंकड़ों ने शहर और गांव के मतदान व्यवहार में साफ अंतर दिखाया है। शहरी निकायों के पहले चरण में 76.41 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि पंचायतीराज के पहले चरण में यह आंकड़ा करीब 63 फीसदी रहा। निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि अंतिम आंकड़े आने पर प्रतिशत में कुछ बढ़ोतरी होगी।

मतदान के दौरान ये घटनाएं भी हुईं

पहले चरण का मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ जगहों पर छोटी-मोटी दिक्कतें भी सामने आईं। अलवर जिले की रैणी पंचायत समिति के बूथ नंबर 76 और 77 पर ईवीएम में तकनीकी खराबी आ गई, हालांकि एक घंटे बाद मतदान फिर से शुरू हो गया। पाली जिले के बगड़ी नगर पंचायत के मतदान केंद्र संख्या-2 पर भी ईवीएम खराब हुई, जिसके बाद आरओ ने दूसरी ईवीएम मंगवाकर मतदान शुरू करवाया। इस प्रक्रिया में करीब एक घंटे की देरी हुई।

सोजत पंचायत समिति के नेपावास गांव और रानी पंचायत समिति के डूठारिया गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। नेपावास में वार्ड-1 को वार्ड-3 में बदलने से नाराज ग्रामीणों ने वोटिंग से दूरी बनाई, जिन्हें समझाने के प्रयास किए गए।

सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम किए गए थे। राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी नीरज ने बताया कि बाहर से अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए थे और 100 मीटर व 200 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्रों पर खास फोकस रखा गया। बिना अनुमति वाले स्टिकर लगे वाहनों को मतदान केंद्रों के पास जाने की इजाजत नहीं थी और केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना भी मना था।

अब आगे क्या होगा

पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर को हो चुका है। दूसरे चरण में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर और चौथे चरण में 14 नवंबर को वोटिंग होगी। सभी चरणों के परिणाम 20 नवंबर को एक साथ घोषित किए जाएंगे।

37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव कराया जाएगा। कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में होगा। हालांकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया 28 नवंबर तक पूरी तरह संपन्न करा ली जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाता चुनाव से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पहले चरण में कुल कितना मतदान हुआ?
पहले चरण में करीब 63 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में 85.07 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जिन्होंने 2081 सीटों के लिए 6926 उम्मीदवारों के बीच मतदान किया। अंतिम आंकड़ों में थोड़ी बढ़ोतरी संभव है।

सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान कहां हुआ?
बाड़मेर की मंगता पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 79.55 फीसदी मतदान हुआ, जबकि पाली की रानी पंचायत समिति में सबसे कम 40.02 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

पंचायत चुनाव 2026 के नतीजे कब आएंगे?
चारों चरणों के मतदान के बाद 20 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। सरपंच चुनाव के नतीजे मतदान वाले दिन ही देर रात तक घोषित कर दिए जाएंगे।

दूसरे चरण का मतदान कब होगा?
दूसरे चरण में 29 अक्टूबर को वोटिंग होगी। तीसरे चरण का मतदान 4 नवंबर और चौथे चरण का 14 नवंबर को होगा।

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