आबूरोड में 1 करोड़ की अफीम बरामद: मिनी ट्रक से 20 किलो अफीम गुजरात ले जा रहा तस्कर गिरफ्तार

सिरोही जिले के आबूरोड में पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। आबूरोड अफीम बरामद की इस कार्रवाई में मावल चौकी पर नाकाबंदी के दौरान एक मिनी ट्रक से 20 किलो 696 ग्राम अफीम जब्त की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। ट्रक चालक मौके पर ही गिरफ्तार हुआ और वाहन जब्त कर लिया गया। खेप मध्य प्रदेश के नीमच से गुजरात के सिद्धपुर जा रही थी।

यह कोई छोटी-मोटी खेप नहीं थी — बीस किलो से ज्यादा अफीम का मतलब है कि पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस अब इसी नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है — अफीम किसने भेजी और गुजरात में इसका अंतिम खरीदार कौन था। ईटीवी भारत की खबर के मुताबिक पुलिस आरोपी से तस्करी के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है।

आबूरोड अफीम बरामद: मावल चौकी पर कैसे पकड़ी गई खेप

पंचायत चुनावों के मद्देनजर सिरोही पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के निर्देशन में जिले की सीमाओं और चेकपोस्टों पर लगातार नाकाबंदी और गश्त हो रही है। इसी अभियान के दौरान गुरुवार शाम आबूरोड रीको थाना पुलिस की टीम मावल चौकी क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।

मावल चौकी गुजरात सीमा से सटी आबूरोड-पालनपुर फोरलेन पर है, जो मध्य प्रदेश से गुजरात जाने वाले वाहनों का अहम कॉरिडोर है। नाकाबंदी के दौरान जब एक मिनी ट्रक वहां से गुजरा तो टीम को शक हुआ। वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो ट्रक नंबर आरजे-09-जीई-6607 की केबिन में रखे एक बैग में भारी मात्रा में अफीम छिपाकर रखी मिली। मौके पर ही वजन करवाया गया तो कुल मात्रा 20 किलो 696 ग्राम निकली।

कार्रवाई का नेतृत्व थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत ने किया; एएसआई भवानीसिंह और कांस्टेबल बाबूसिंह, दिलीपसिंह, ओमप्रकाश व मालदेव टीम में थे। एएसपी नरेंद्र कुमार और सीओ जितेंद्र सिंह राठौड़ के सुपरविजन में कार्रवाई हुई।

नीमच से सिद्धपुर तक आबूरोड अफीम बरामद का रूट

गिरफ्तार चालक महादेव प्रजापत (24) मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के धराड़ गांव (थाना बिलपांक) का रहने वाला है। प्रारंभिक पूछताछ में महादेव ने पुलिस को बताया कि वह यह अफीम मध्य प्रदेश के नीमच से लेकर आया था और इसे गुजरात के सिद्धपुर में सप्लाई किया जाना था।

नीमच और मंदसौर का इलाका देश में अफीम उत्पादन के लिए जाना जाता है, जहां लाइसेंसशुदा खेती भी होती है और अवैध डायवर्जन की आशंका भी बनी रहती है। खेप तीन राज्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर से गुजरात पहुंचाई जा रही थी। आबूरोड इस रूट पर अहम पड़ाव है क्योंकि यहां से गुजरात सीमा कुछ ही दूरी पर है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खेप नीमच में किसने सौंपी और सिद्धपुर में इसे लेने वाला कौन था। आमतौर पर ऐसे मामलों में चालक सिर्फ एक कड़ी होता है; असली नेटवर्क उसके पीछे होता है। इसलिए इस गिरफ्तारी को सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क पर चोट के तौर पर देखा जा रहा है।

जब्ती का पूरा लेखा-जोखा

विवरण जानकारी
बरामद अफीम 20 किलो 696 ग्राम
अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक
पकड़े जाने का स्थान मावल चौकी, आबूरोड (सिरोही)
वाहन मिनी ट्रक, नंबर आरजे-09-जीई-6607
गिरफ्तार चालक महादेव प्रजापत (24), निवासी धराड़, रतलाम (मध्य प्रदेश)
खेप का स्रोत नीमच (मध्य प्रदेश)
गंतव्य सिद्धपुर (गुजरात)
दर्ज मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण
अभियान ऑपरेशन त्रिनेत्र, पंचायत चुनाव के मद्देनजर विशेष अभियान
कार्रवाई की तारीख 29 अक्टूबर 2026 की शाम

ऑपरेशन त्रिनेत्र और पंचायत चुनाव से कनेक्शन

पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर पंचायत चुनावों के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सिरोही में यह अभियान ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के नाम से चल रहा है। चुनाव के समय नशे की खेपों की आवाजाही बढ़ने की आशंका रहती है। इसी वजह से पुलिस ने चुनावी दौर में सीमावर्ती चेकपोस्टों पर निगरानी कड़ी कर दी है।

आबूरोड की कार्रवाई इसी सतर्कता का नतीजा है; जिले में सघन गश्त और नाकाबंदी जारी है और पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान ऐसी कार्रवाइयां आगे भी होंगी।

एनडीपीएस एक्ट में अब आगे क्या होगा

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। 20 किलो से ज्यादा मात्रा वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है, जिसमें दोषी को कम से कम 10 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

आगे की जांच में पुलिस कई कड़ियां जोड़ेगी। पहली कड़ी है खेप का स्रोत — नीमच में अफीम किसने दी। दूसरी कड़ी है परिवहन का तरीका — ट्रक किसके नाम पर है। तीसरी और सबसे अहम कड़ी है गुजरात में खरीदार — सिद्धपुर में खेप किसे मिलनी थी। पुलिस चालक के मोबाइल, कॉल डिटेल और बैंक लेनदेन की जांच से भी नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।

राजस्थान में नशे के खिलाफ हाल की बड़ी कार्रवाइयां

आबूरोड की यह कार्रवाई अकेली नहीं है; राजस्थान में नशे के खिलाफ लगातार बड़े अभियान चल रहे हैं। हाल के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में पिछले तीन साल में 7.66 लाख किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ पकड़े गए हैं। इसके बारे में विस्तार से राजस्थान ड्रग्स तस्करी नेटवर्क की खबर में पढ़ें।

इसी तरह राज्यव्यापी नशा मुक्त अभियान के तहत अब तक 1,244 करोड़ रुपये से ज्यादा के मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं और 8,842 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। इस अभियान की पूरी जानकारी राजस्थान नशा मुक्त अभियान में दी गई है। इससे पहले भीलवाड़ा में सीआईडी क्राइम ब्रांच ने चित्तौड़गढ़ हाईवे पर 1.445 किलो अफीम के साथ तस्करों को पकड़ा था, जिसकी खबर भीलवाड़ा अफीम बरामदगी में पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आबूरोड में कितनी अफीम बरामद हुई?

मावल चौकी पर एक मिनी ट्रक से 20 किलो 696 ग्राम अफीम बरामद हुई, कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।

अफीम तस्करी के आरोप में किसे गिरफ्तार किया गया?

रतलाम जिले के धराड़ गांव निवासी 24 वर्षीय ट्रक चालक महादेव प्रजापत को गिरफ्तार किया गया है।

अफीम की खेप कहां से कहां ले जाई जा रही थी?

खेप मध्य प्रदेश के नीमच से गुजरात के सिद्धपुर जा रही थी; रास्ते में आबूरोड के मावल चौकी पर पुलिस ने इसे पकड़ लिया।

ऑपरेशन त्रिनेत्र क्या है?

ऑपरेशन त्रिनेत्र पंचायत चुनावों के मद्देनजर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान है, जिसके तहत सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी और गश्त बढ़ाई गई है।

Leave a Comment