बीकानेर पंचायत चुनाव 2026: दूसरे चरण की संवीक्षा पूरी, 310 नामांकन वैध — सोमवार तक नाम वापसी का मौका

बीकानेर पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में चुनावी तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। शनिवार (17 अक्टूबर) को जिले की पांच पंचायत समितियों के लिए दाखिल नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा पूरी होने के बाद कुल 310 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए। बीकानेर जिले के ग्रामीण इलाकों में अब चुनावी मुकाबले की असली बिसात बिछ चुकी है — कौन किस सीट से मैदान में उतरेगा, यह सोमवार (19 अक्टूबर) को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय हो जाएगा।

जिला प्रशासन के चुनावी मशीनरी की ओर से शनिवार को सभी संबंधित केंद्रों पर संवीक्षा की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू हुई थी। पूरे दिन चली जांच के बाद शाम तक स्थिति स्पष्ट हो गई। इस बार सबसे ज्यादा नामांकन बीकानेर पंचायत समिति से दाखिल हुए थे, और यहीं सबसे ज्यादा नामांकन खारिज भी हुए — 44 नामांकन खारिज और 7 रद्द किए गए।

बीकानेर पंचायत चुनाव: पांचों समितियों का पूरा हिसाब-किताब

द्वितीय चरण के तहत बीकानेर जिले की जिन पांच पंचायत समितियों — बीठनोक, बीकानेर, बज्जू खालसा, हदां और कोलायत — के सदस्यों का चुनाव होना है, उन सभी में नामांकन की अंतिम तिथि शुक्रवार (16 अक्टूबर) दोपहर 3 बजे तक थी। अंतिम दिन तक जो नामांकन आए, उनका समितिवार ब्यौरा इस प्रकार है:

पंचायत समिति दाखिल नामांकन खारिज रद्द वैध नामांकन
बीठनोक 68 (65 अभ्यर्थी) 19 1 48
बीकानेर 144 (122 अभ्यर्थी) 44 7 93
बज्जू खालसा 80 (76 अभ्यर्थी) 18 3 59
हदां 69 (64 अभ्यर्थी) 13 3 53
कोलायत 69 (68 अभ्यर्थी) 11 1 57
कुल 430 105 15 310

यहां एक दिलचस्प बात यह है कि कुछ अभ्यर्थियों ने एक से ज्यादा नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए थे — जैसे बीकानेर समिति में 122 अभ्यर्थियों ने 144 नामांकन भरे। इसलिए वैध अभ्यर्थियों की गिनती दाखिल नामांकनों से अलग होती है।

बीकानेर पंचायत चुनाव में नामांकन खारिज होने की मुख्य वजहें

संवीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा नामांकन बीकानेर पंचायत समिति में खारिज हुए — 44 खारिज और 7 रद्द। इसके बाद बीठनोक में 19 नामांकन खारिज हुए। इसके विपरीत कोलायत में सबसे कम (11) नामांकन खारिज हुए।

आम तौर पर नामांकन खारिज होने के पीछे कुछ आम वजहें होती हैं: निर्धारित प्रारूप में त्रुटि, आयु या शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण न होना, आरक्षित वर्ग के प्रमाण पत्र में कमी, प्रस्तावकों की संख्या कम होना, या नामांकन शुल्क जमा न होना। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अभ्यर्थी पहली बार चुनाव लड़ रहे होते हैं, इसलिए कागजी औपचारिकताओं में छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं — और चुनाव अधिकारियों के पास संवीक्षा के समय नियमों के अनुसार सख्ती बरतने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि खारिज हुए नामांकनों में से कई ऐसे होते हैं जिनमें तकनीकी कमियां होती हैं, न कि कोई बड़ा दोष। यही वजह है कि अनुभवी चुनाव पर्यवेक्षक सलाह देते हैं कि नामांकन भरते समय दस्तावेजों की जांच दो बार कर लेनी चाहिए।

अब आगे क्या होगा: नाम वापसी, चुनाव चिह्न और मतदान

संवीक्षा के बाद अब अगला अहम चरण नाम वापसी का है। नाम वापसी की प्रक्रिया 19 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 3 बजे तक पूरी होगी। नाम वापसी के बाद निर्वाचन अधिकारी चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की अंतिम सूची प्रकाशित करेंगे और उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद चुनावी मुकाबले का असली चेहरा सामने आएगा।

इस पूरी प्रक्रिया की बड़ी तस्वीर पर नजर डालें तो राजस्थान में पंचायत राज आम चुनाव-2026 कुल 4 चरणों में कराए जा रहे हैं, जिसमें करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होना है। पंचायत चुनावों से जुड़ी पूरी घोषणा और कार्यक्रम की जानकारी यहां पढ़ें। पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, जिसकी पूरी रिपोर्ट यहां देखी जा सकती है।

चुनाव को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए प्रशासनिक मशीनरी में भी बड़े बदलाव किए गए हैं — हाल ही में पंचायत चुनाव से पहले कई आरएएस अफसरों के तबादले किए गए थे, ताकि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रह सके।

मतदान की तिथियों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी। नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के बाद मतदान, मतगणना और परिणाम की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी। आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम और अधिसूचनाओं के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान की वेबसाइट देखी जा सकती है।

क्यों खास हैं इस बार के पंचायत चुनाव?

राजस्थान के पंचायत चुनाव हमेशा से राज्य की राजनीति की धड़कन रहे हैं। ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में चुने जाने वाले प्रतिनिधि ही गांव-गांव तक विकास योजनाओं को पहुंचाने की सबसे अहम कड़ी होते हैं। सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनरेगा जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन इन्हीं जनप्रतिनिधियों के हाथ में होता है।

इसीलिए पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों की संख्या भी बहुत ज्यादा होती है। इस बार बीकानेर जिले के दूसरे चरण में ही 430 नामांकन दाखिल होना इस बात का सबूत है कि ग्रामीण इलाकों में जनप्रतिनिधि बनने की होड़ कितनी तेज है। कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, जिससे मुकाबले और दिलचस्प होने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

बीकानेर जिले के दूसरे चरण में कितने नामांकन वैध पाए गए?

कुल 310 अभ्यर्थियों के नामांकन वैध पाए गए। 430 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 105 खारिज और 15 रद्द किए गए।

बीकानेर पंचायत चुनाव में नाम वापसी की अंतिम तिथि क्या है?

नाम वापसी 19 अक्टूबर (सोमवार) को दोपहर 3 बजे तक की जा सकती है। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।

सबसे ज्यादा नामांकन किस पंचायत समिति से दाखिल हुए?

बीकानेर पंचायत समिति से सबसे ज्यादा 144 नामांकन (122 अभ्यर्थियों द्वारा) दाखिल हुए, जिनमें से 93 वैध पाए गए।

पंचायत चुनाव 2026 कितने चरणों में हो रहे हैं?

राजस्थान में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 कुल 4 चरणों में कराए जा रहे हैं, जिसमें करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा।

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