SI पेपर लीक: SOG ने पकड़े 2 और आरोपी, कुल 154 गिरफ्तार — जानिए पूरा मामला

राजस्थान की 2021 उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में SOG ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है। इस ताजा कार्रवाई के बाद SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार का आंकड़ा पार हो गया है। गुरुवार को पकड़े गए दो आरोपियों में से एक पिता ने बेटे को लीक पेपर दिलवाने का जाल बुना था, तो दूसरे ने साले की जगह परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बिठाया था। दोनों को 17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

देवेंद्र सैनी: बेटे के लिए लीक पेपर का इंतजाम, फिर कोर्ट में सरेंडर

जयपुर निवासी देवेंद्र कुमार सैनी (51) लंबे समय से जांच एजेंसी की नजर से बचता आ रहा था। पुलिस के अनुसार उसने पहले से गिरफ्तार राजकुमार यादव के जरिए अपने बेटे रवींद्र सैनी के लिए लीक प्रश्नपत्र और उत्तरों की व्यवस्था करवाई थी। योजना काम कर गई — रवींद्र ने लिखित परीक्षा पास कर उपनिरीक्षक पद पर चयन पा लिया।

जैसे-जैसे SOG की जांच आगे बढ़ी, जाल कसता गया। रवींद्र सैनी फिलहाल फरार है, और पिता-बेटे दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आखिरकार देवेंद्र ने जयपुर की एक अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद SOG ने उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार देवेंद्र ने भारत यादव नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी लीक प्रश्नपत्र दिलाने में मदद की थी, हालांकि भारत का अंतिम चयन नहीं हो पाया था।

डूंगर प्रकाश: साले की जगह डमी अभ्यर्थी, 10 लाख का सौदा

दूसरा आरोपी बालोतरा निवासी डूंगर प्रकाश (33) का मामला और भी चौंकाने वाला है। आरोप है कि उसने 15 सितंबर 2021 को हुई परीक्षा में अपने साले अशोक कुमार की जगह परीक्षा देने के लिए कमलेश कुमार नाम के एक डमी अभ्यर्थी की व्यवस्था की थी। इस पूरे सौदे के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये दिए गए थे।

डमी अभ्यर्थी ने अच्छा प्रदर्शन किया — अशोक कुमार ने हिंदी में 180.94 और सामान्य ज्ञान में 138.36 अंक हासिल किए, उपनिरीक्षक पद पर चयन हो गया और मेधा सूची में क्रमांक 154 रहा। अशोक कुमार पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, और अब डूंगर प्रकाश की गिरफ्तारी से इस कड़ी का एक और चेहरा सामने आया है।

SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार: यह आंकड़ा क्यों अहम है

SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार सिर्फ एक संख्या नहीं है — यह बताता है कि 2021 की इस भर्ती परीक्षा में धांधली कितनी गहराई तक फैली थी। SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि दोनों नए आरोपी 17 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं और जांच जारी है।

जांच एजेंसी का मानना है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं था। लीक प्रश्नपत्र बांटने वाले, डमी अभ्यर्थी बिठाने वाले और दलाल — हर कड़ी पर SOG की नजर है। यही वजह है कि पांच साल पुराने मामले में भी गिरफ्तारियों का सिलसिला थमा नहीं है।

2021 SI भर्ती परीक्षा: केस की पृष्ठभूमि

2021 में हुई उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में हजारों युवाओं ने भाग लिया था। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने आई तो पूरे प्रदेश में हंगामा मच गया — मेहनत से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को लगा कि उनका हक मारा गया है।

इसके बाद जांच की जिम्मेदारी SOG को सौंपी गई। धीरे-धीरे परतें खुलती गईं — पेपर कहां से लीक हुआ, किसने बांटा, किसने खरीदा और किसने डमी अभ्यर्थी बिठाए। SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार तक का यह सफर पांच साल की लगातार जांच का नतीजा है। इसी जांच के दायरे में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा का मामला भी आया, जिनका कार्यकाल जेल की सलाखों के पीछे ही समाप्त हुआ।

सेवा बहाली: दूसरा पहलू

इस कांड का एक और पहलू भी है — वे कार्मिक जो जांच के दायरे में आने के बाद बर्खास्त कर दिए गए थे। बीकानेर में SI भर्ती-2021 मामले में बर्खास्त 38 कार्मिकों की सेवा बहाली का आदेश इसी महीने आया था। अदालतों के फैसलों के बाद कई ऐसे लोगों की नौकरी वापस मिली है, जिन पर आरोप साबित नहीं हो सके। दोषी को सजा और निर्दोष को राहत — दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

SOG की जांच का तरीका

SOG यानी स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, राजस्थान पुलिस की वह इकाई है जो संगठित अपराध और बड़े घोटालों की जांच करती है। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और बैंक लेनदेन को जोड़कर SOG ने इस नेटवर्क का नक्शा तैयार किया — और यही वजह है कि SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार का आंकड़ा संभव हो सका। फरार आरोपियों पर इनाम घोषित करना भी इसी रणनीति का हिस्सा था।

RPSC सीनियर टीचर पेपर लीक मामले में भी SOG ने इसी तरह कार्रवाई की थी, जिसमें विनोद जाट की गिरफ्तारी हुई थी।

अब आगे क्या होगा

दोनों नए आरोपियों से पूछताछ में SOG यह जानने की कोशिश करेगी कि पेपर लीक के इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था। खास तौर पर फरार रवींद्र सैनी की गिरफ्तारी अहम होगी। SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार के बाद भी जांच थमी नहीं है — और संदेश साफ है कि धांधली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई रुकने वाली नहीं है, चाहे मामला कितना ही पुराना क्यों न हो।

घटनाक्रमतारीख/विवरण
SI भर्ती परीक्षा का आयोजन2021
प्रश्नपत्र लीक का खुलासापरीक्षा के बाद, जांच SOG को सौंपी गई
अब तक कुल गिरफ्तारियां154
ताजा गिरफ्तारी15 अक्टूबर 2026 — देवेंद्र कुमार सैनी, डूंगर प्रकाश
पुलिस रिमांड17 अक्टूबर 2026 तक
जांच की स्थितिजारी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SI पेपर लीक मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं?
SOG के अनुसार इस मामले में अब तक कुल 154 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है — यानी SI पेपर लीक 154 गिरफ्तार का आंकड़ा 15 अक्टूबर 2026 को दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरा हुआ।

15 अक्टूबर को गिरफ्तार हुए दोनों आरोपी कौन हैं?
जयपुर निवासी देवेंद्र कुमार सैनी (51) और बालोतरा निवासी डूंगर प्रकाश (33)। देवेंद्र पर बेटे रवींद्र सैनी के लिए लीक पेपर की व्यवस्था कराने और डूंगर प्रकाश पर साले अशोक कुमार की जगह डमी अभ्यर्थी बिठाने का आरोप है।

दोनों आरोपियों को कब तक रिमांड पर लिया गया है?
दोनों को 17 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इस दौरान SOG नेटवर्क के बाकी चेहरों के बारे में पूछताछ करेगी।

क्या मामले की जांच अभी भी जारी है?
SOG के अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश भी चल रही है, जिनमें देवेंद्र सैनी का बेटा रवींद्र सैनी भी शामिल है।

अधिक जानकारी के लिए राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट police.rajasthan.gov.in देखी जा सकती है।

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