राजस्थान की 3.63 लाख बेटियों के खातों तक ₹109 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पहुंच चुकी है। गार्गी पुरस्कार योजना के तहत वितरित की गई यह रकम सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है — यह उन लाखों परिवारों के लिए राहत है, जहां बेटी की पढ़ाई जारी रखना अक्सर फीस, किताबों और आने-जाने के खर्च से तय होता है। औसत निकालें तो हर छात्रा के हिस्से करीब ₹3,000 आते हैं, और यही राशि कई घरों में अगली कक्षा की पढ़ाई का रास्ता खोल देती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 3 नवंबर को जयपुर में इस वितरण की जानकारी दी, और साथ ही लड़कियों की शिक्षा से जुड़ी कई और योजनाओं का हिसाब भी सार्वजनिक किया।
जयपुर में प्रतिभा विकास शिविर में हुआ ऐलान
यह घोषणा जयपुर के मानसरोवर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित प्रतिभा विकास शिविर के दौरान हुई। मुख्यमंत्री इस शिविर को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। उनका संदेश साफ था — जब लड़कियों को शिक्षा, अच्छे संस्कार, सम्मान और समान अवसर मिलते हैं, तो उनकी प्रगति का लाभ सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और पूरे समाज को मिलता है।
इसी मंच से मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के माध्यम से 3 लाख से अधिक लड़कियों को ₹158 करोड़ दिए गए हैं। दोनों योजनाओं को एक साथ देखें तो लाभार्थी छात्राओं की संख्या 6.63 लाख से ज्यादा और कुल राशि ₹267 करोड़ से ऊपर हो जाती है।
गार्गी पुरस्कार योजना क्या है और इससे किसे फायदा मिलता है
गार्गी पुरस्कार योजना राजस्थान सरकार की वह योजना है, जिसके तहत बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसका मकसद सीधा है — दसवीं और बारहवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने का दबाव कम हो और होनहार बेटियां आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।
इस योजना की खासियत यह है कि राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पहुंचती है। बीच में कोई नकद लेन-देन नहीं होता, इसलिए पारदर्शिता बनी रहती है। यही व्यवस्था बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना और वर्दी-स्कूल बैग सहायता में भी अपनाई गई है।
एक नजर में: CM ने किन योजनाओं का हिसाब दिया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सिर्फ गार्गी पुरस्कार योजना तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने शिक्षा से जुड़ी मदद का पूरा खाका सामने रखा, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि राज्य सरकार किस पैमाने पर छात्रों तक मदद पहुंचा रही है।
| योजना / मदद | लाभार्थी | राशि / पैमाना |
|---|---|---|
| गार्गी पुरस्कार योजना | 3.63 लाख छात्राएं | ₹109 करोड़ |
| बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना | 3 लाख से अधिक लड़कियां | ₹158 करोड़ |
| वर्दी और स्कूल बैग के लिए वित्तीय सहायता (DBT, ₹800 प्रति छात्र) | 66 लाख छात्र | ₹482 करोड़ |
| मुफ्त वर्दी | 41.56 लाख छात्र | ₹250 करोड़ |
| स्मार्ट क्लासरूम | 4,000 से अधिक स्कूल | डिजिटल पढ़ाई की सुविधा |
| पीएम श्री स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी | 500 स्कूल | डिजिटल संसाधन |
| मुफ्त पाठ्यपुस्तकें | प्रदेशभर के छात्र | 8 करोड़ से अधिक किताबें |
| मुफ्त साइकिलें | छात्र | 14 लाख साइकिलें |
| मुफ्त टैबलेट | छात्र | 88,000 टैबलेट |
इन आंकड़ों को जोड़कर देखें तो सिर्फ नकद सहायता वाली चार योजनाओं में ही करीब ₹999 करोड़ की राशि छात्रों तक पहुंची है। इसके ऊपर स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, किताबें, साइकिलें और टैबलेट जैसी सुविधाएं हैं, जो पढ़ाई की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हैं।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और नई शिक्षा नीति का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने देशभर में लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें लड़कियों के लिए समान अवसर, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि वह हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसी दिशा में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों तथा कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं के बैंक खातों में वर्दी और स्कूल बैग के लिए प्रति छात्र ₹800 की राशि DBT से भेजी जा रही है।
परिवारों के लिए इसका मतलब क्या है
अगर आपके घर में कोई बेटी पढ़ रही है, तो इस खबर का सीधा मतलब यह है कि सरकार की मदद सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि खातों तक पहुंच रही है। गार्गी पुरस्कार योजना की राशि उन छात्राओं तक पहुंची है, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर आपकी बेटी भी पात्रता की श्रेणी में आती है, तो अपने स्कूल से संपर्क करके यह जरूर पूछें कि उसका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं, और बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं — क्योंकि DBT की राशि तभी पहुंचती है, जब खाते की जानकारी सही दर्ज हो।
इसके अलावा छात्रवृत्ति और स्कूटी से जुड़ी योजनाओं के आवेदन भी इसी सत्र में खुले हुए हैं। राजस्थान में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति और स्कूटी योजनाओं की यह गाइड आवेदन की आखिरी तारीख और जरूरी दस्तावेज समझने में मदद करेगी। महिलाओं और बेटियों से जुड़ी मदद की बड़ी तस्वीर के लिए जयपुर नारी शक्ति सम्मेलन की रिपोर्ट भी पढ़ें, जिसमें एक ही मंच से ₹150 करोड़ से अधिक के लाभ बांटे गए थे।
आगे क्या देखें
गार्गी पुरस्कार योजना का यह वितरण इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा को सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रखना चाहती। असली परीक्षा यह होगी कि आगे भी पात्र छात्राओं तक राशि समय पर पहुंचती रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: गार्गी पुरस्कार योजना के तहत कितनी छात्राओं को कितनी राशि मिली?
उत्तर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 3.63 लाख छात्राओं को कुल ₹109 करोड़ वितरित किए गए हैं।
प्रश्न: बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में कितना लाभ दिया गया?
उत्तर: बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के माध्यम से 3 लाख से अधिक लड़कियों को ₹158 करोड़ दिए गए हैं।
प्रश्न: वर्दी और स्कूल बैग के लिए कितनी सहायता मिलती है और कैसे?
उत्तर: इस योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों और कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को प्रति छात्र ₹800 की राशि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है। अब तक 66 लाख छात्रों को ₹482 करोड़ दिए जा चुके हैं।
प्रश्न: यह ऐलान कब और कहां हुआ?
उत्तर: यह ऐलान 3 नवंबर 2026 को जयपुर के मानसरोवर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित प्रतिभा विकास शिविर के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया।