पेपर लीक 400 गिरफ्तार: SOG की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 150 बर्खास्त

राजस्थान में पेपर लीक 400 गिरफ्तार का मामला सोमवार को सबसे बड़ी सुर्खी बन गया है। भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है — लेकिन साथ ही सिस्टम के भीतर छिपी गंदगी की एक और परत भी खुली है। प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती धांधली के मामलों की जांच कर रहे विशेष अभियान दल (SOG) ने अब तक 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यही नहीं, SOG की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार अब तक 150 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त भी कर चुकी है। SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के मुताबिक ये कार्रवाई अब भी जारी है — जांच के दायरे में अभी 11 भर्ती परीक्षाएं हैं और हाल ही में दो नई भर्ती परीक्षाओं को भी तफ्तीश में शामिल किया गया है।

पेपर लीक 400 गिरफ्तार: आंकड़ों में समझें कितनी बड़ी है ये कार्रवाई?

SOG ने जो आंकड़े पेश किए हैं, वे राजस्थान में पेपर लीक 400 गिरफ्तार के साथ पेपर माफिया के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान दिखाते हैं:

कार्रवाई का ब्योरा संख्या
पेपर लीक/धांधली में गिरफ्तार सरकारी कर्मचारी 400 से अधिक
सेवा से बर्खास्त किए गए कर्मचारी 150
जांच के दायरे में भर्ती परीक्षाएं 11 + 2 नई = 13
बर्खास्तगी में सबसे ज्यादा योगदान वाला विभाग शिक्षा विभाग
कार्रवाई की मौजूदा स्थिति जारी — विशेष प्रकोष्ठ काम पर

बर्खास्त होने वालों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों की है। यानी जिन कंधों पर परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी की जिम्मेदारी थी, वहीं से सबसे ज्यादा “काली भेड़ें” निकलीं।

किन 11 भर्ती परीक्षाओं पर फंसी SOG की नजर?

एसओजी वर्तमान में जिन भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों की गहराई से जांच कर रहा है, उनमें ये प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं:

  • उपनिरीक्षक (SI) भर्ती-2021 — सबसे चर्चित मामला, जिसमें डमी अभ्यर्थी और पेपर लीक दोनों के आरोप
  • वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 — शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के कई मामले
  • स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 — हाल ही में RPSC से जुड़े डमी अभ्यर्थी मामले भी इसी दौर की हैं
  • महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2018 — पुरानी भर्ती लेकिन जांच अब भी जारी
  • प्रयोगशाला सहायक भर्ती और शारीरिक शिक्षक भर्ती — इनमें भी गड़बड़ी के आरोप

इन 11 के अलावा SOG ने दो और भर्ती परीक्षाओं को भी अपनी जांच के दायरे में ले लिया है। इन दोनों परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की शिकायतें SOG को मिली थीं। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों से इन दोनों भर्तियों के सभी जरूरी दस्तावेज मांगे जा चुके हैं। SOG अधिकारियों का साफ कहना है — जांच के दौरान जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।

पेपर लीक 400 गिरफ्तार के पीछे: कैसे खुला माफिया का पूरा नेटवर्क?

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि इन 11 भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों में 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की सीधी भूमिका थी। ये लोग पैसों के लालच में परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक कराने, उत्तर कुंजी मुहैया कराने और डमी अभ्यर्थी बैठाने जैसे कामों में शामिल थे।

SOG ने इन सभी के खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्र किए और उन्हें जेल भिजवाया। लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। आरोपी कर्मचारियों को सरकारी सेवा से बर्खास्त कराने के लिए SOG में एक समर्पित विशेष प्रकोष्ठ काम कर रहा है। यह प्रकोष्ठ उन सभी सरकारी विभागों से लगातार समन्वय और पत्राचार कर रहा है, जिनमें आरोपी कर्मचारी कार्यरत थे। इसी समन्वय का नतीजा है कि अब तक 150 कर्मचारियों को सेवा से हटाया जा सका है — और बचे हुए दागी कर्मचारियों पर भी यही प्रक्रिया चल रही है।

फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्रों का अलग खेल

जांच में सिर्फ पेपर लीक ही नहीं, एक और गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है। SOG की जांच में फर्जी प्रमाणपत्रों और BPEd की फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल करने के मामले भी पकड़े गए हैं। यानी कुछ लोगों ने नकली योग्यता के बल पर ही नौकरी हथिया ली थी — और इसमें उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने वाले कर्मचारी भी शामिल थे। SOG अब ऐसे हर आरोपी और उनके मददगार कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

लाखों अभ्यर्थियों के लिए इसका क्या मतलब है?

भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ये कार्रवाई दोहरे संकेत देती है। पहला — सिस्टम में धांधली करने वालों पर शिकंजा कस रहा है, जिससे भविष्य की परीक्षाएं ज्यादा निष्पक्ष हो सकती हैं। दूसरा — अभी भी दो नई भर्तियों में जांच जारी है, जिसका मतलब है कि पुराने विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

अभ्यर्थियों के लिए सबसे व्यावहारिक सलाह यही है कि वे RPSC, RSSB और संबंधित परीक्षा एजेंसियों की आधिकारिक वेबसाइटों पर ही नोटिस और परिणाम देखें, किसी बिचौलिए या “सेटिंग” के दावे पर भरोसा न करें। पेपर लीक से जुड़ी किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर SOG से संपर्क किया जा सकता है।

स्रोत: इस खबर के तथ्य अमर उजाला की 19 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट पर आधारित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: राजस्थान पेपर लीक मामले में अब तक कितने सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार हुए हैं?

जवाब: SOG के मुताबिक अब तक 400 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, और यह कार्रवाई जारी है।

सवाल: कितने कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है?

जवाब: राज्य सरकार ने SOG की सिफारिशों के आधार पर अब तक 150 सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या शिक्षा विभाग के कर्मियों की है।

सवाल: SOG किन भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रहा है?

जवाब: फिलहाल 11 भर्ती परीक्षाएं जांच के दायरे में हैं — जिनमें SI भर्ती-2021, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022, स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022, महिला पर्यवेक्षक भर्ती-2018, प्रयोगशाला सहायक और शारीरिक शिक्षक भर्ती प्रमुख हैं। हाल ही में दो और भर्ती परीक्षाओं को भी जांच में शामिल किया गया है।

सवाल: क्या अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं?

जवाब: हां। SOG का कहना है कि जांच जारी है और दो नई भर्तियों के दस्तावेजों का विश्लेषण हो रहा है — जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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