IAS विकास मरमट APO: बेंगलुरु पब विवाद के बाद डायरेक्टर पद से हटाए गए, GAD में रिपोर्ट के आदेश

एक IAS अधिकारी की एक रात की गलती उनके करियर के लिए भारी पड़ गई है। IAS विकास मरमट APO का आदेश आंध्र प्रदेश सरकार ने जारी कर दिया है — 2019 बैच के इस अधिकारी को कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पद से हटाकर तत्काल प्रभाव से सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। आरोप है कि बेंगलुरु के एक पब में पुलिस की जांच के दौरान अधिकारी का पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया, जिसमें गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आई।

बेंगलुरु पुलिस ने अधिकारी समेत चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी राजस्थान मूल के बताए जा रहे हैं, इसलिए इस खबर पर राजस्थान में भी खास नजर है।

IAS विकास मरमट APO: आदेश में क्या कहा गया

आंध्र प्रदेश सरकार के आदेश के मुताबिक, विकास मरमट को कुप्पम एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पद से हटाकर तत्काल प्रभाव से सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है। यानी IAS विकास मरमट APO होने के बाद अभी किसी पद पर नहीं रहेंगे — अगली पोस्टिंग के आदेश का इंतजार करेंगे।

यह कार्रवाई पब विवाद के सार्वजनिक होने के बाद हुई है — मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अब अधिकारी की भूमिका और पुलिस की जांच की समीक्षा हो रही है।

बेंगलुरु के पब में उस रात क्या हुआ था

घटना 10 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे की है। बेंगलुरु पुलिस की CCB स्पेशल इंक्वायरी विंग पबों में छापेमारी कर रही थी — पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 9 अक्टूबर से कबन पार्क और अशोक नगर क्षेत्रों में देर रात जांच के निर्देश थे।

CCB के 38 वर्षीय इंस्पेक्टर अरुण सालुंके टीम के साथ कबन पार्क के कावूर पब पहुंचे थे। आईडी जांच के दौरान विकास मरमट और उनके तीन साथियों से पुलिसकर्मियों की बहस हो गई। आरोप है कि आईडी मांगने पर वे भड़क गए — गाली-गलौज, धक्का-मुक्की, इंस्पेक्टर से मारपीट और धमकी के आरोप लगे हैं।

मंगलवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें अधिकारी और साथी पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहते दिख रहे हैं। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज भी बताया जा रहा है।

FIR में किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

इंस्पेक्टर अरुण सालुंके की शिकायत पर कबन पार्क थाने में चारों — विकास मरमट, अभय उदय सिंह, नितेश और रोशन — के खिलाफ BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।

BNS धाराआरोप का स्वरूप
धारा 115(2)स्वेच्छा से चोट पहुंचाना
धारा 351(2)आपराधिक धमकी
धारा 352शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान
धारा 132लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल
धारा 3(5)साझा इरादे से किया गया अपराध

FIR में आरोप है कि आरोपियों ने इंस्पेक्टर को सरकारी ड्यूटी करने से रोका, पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और मारपीट की और धमकी दी। FIR में थप्पड़ का सीधा उल्लेख नहीं है, लेकिन पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि अधिकारी ने इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारा था — अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। इस FIR के बाद ही IAS विकास मरमट APO का आदेश जारी हुआ।

APO का मतलब क्या होता है — समझिए पूरी प्रक्रिया

IAS विकास मरमट APO की खबर के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है — APO होता क्या है? APO का पूरा नाम है Awaiting Posting Order, यानी “पोस्टिंग आदेश की प्रतीक्षा”। यह निलंबन नहीं है, पर सामान्य तबादला भी नहीं।

APO यानी मौजूदा पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करना — वेतन मिलता है, पर कोई कार्यभार नहीं होता। यह कदम आमतौर पर तब उठता है, जब सरकार अधिकारी के खिलाफ जांच या अनुशासनात्मक प्रक्रिया पर विचार कर रही हो। IAS विकास मरमट APO के बाद अब अगली पोस्टिंग सरकार के विवेक पर निर्भर है।

IAS अधिकारियों पर लागू आचरण नियम

IAS अधिकारी अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों से बंधे होते हैं — उनसे सेवा की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। किसी लोक सेवक से दुर्व्यवहार या ड्यूटी में बाधा आपराधिक कानून के साथ-साथ आचरण नियमों का उल्लंघन भी माना जा सकता है।

ऐसे मामलों में संबंधित राज्य सरकार तथ्यों की जांच कराती है और फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय लेती है — IAS विकास मरमट APO जैसे प्रकरणों में यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। गंभीर मामलों में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भी सूचित किया जाता है, क्योंकि IAS अधिकारियों की सेवा शर्तों पर अंतिम नियंत्रण केंद्र के पास होता है। प्रासंगिक है कि हाल ही में RAS से IAS में 16 अधिकारियों की पदोन्नति का आदेश DoPT ने ही जारी किया था।

राजस्थान कनेक्शन और आगे की राह

विकास मरमट राजस्थान मूल के बताए जा रहे हैं और आंध्र प्रदेश कैडर में तैनात हैं — इसलिए राजस्थान के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा है। राज्य के मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी भी ऐसे मामलों पर नजर रखते हैं। फिलहाल बेंगलुरु पुलिस आपराधिक जांच कर रही है, जबकि प्रशासनिक रिपोर्ट मुख्य सचिव के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी। जांच का नतीजा तय करेगा कि IAS विकास मरमट APO का यह प्रकरण चेतावनी पर थमेगा या और कड़ी कार्रवाई होगी।

घटनाक्रम: तारीखवार पूरी कहानी

तारीखघटना
9 अक्टूबर 2026बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के आदेश पर पब में देर रात जांच के निर्देश
10 अक्टूबर 2026 (रात ~1:30)कावूर पब में ID जांच के दौरान पुलिस से विवाद, FIR दर्ज
13 अक्टूबर 2026घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, मीडिया में खबर
15 अक्टूबर 2026आंध्र प्रदेश सरकार ने विकास मरमट को APO किया, CM ने मांगी रिपोर्ट

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: IAS विकास मरमट APO का मतलब क्या है?
जवाब: APO यानी Awaiting Posting Order — अधिकारी को डायरेक्टर पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है; अभी कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है।

सवाल: बेंगलुरु पब विवाद में किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
जवाब: कबन पार्क थाने में BNS की धारा 115(2), 351(2), 352, 132 और 3(5) के तहत विकास मरमट, अभय उदय सिंह, नितेश और रोशन के खिलाफ मामला दर्ज है।

सवाल: शिकायत किसने दर्ज कराई थी?
जवाब: शिकायत CCB स्पेशल इंक्वायरी विंग के 38 वर्षीय इंस्पेक्टर अरुण सालुंके ने 10 अक्टूबर को दर्ज कराई थी।

सवाल: इस मामले में आगे क्या प्रक्रिया होगी?
जवाब: बेंगलुरु पुलिस आपराधिक जांच करेगी, जबकि आंध्र प्रदेश सरकार प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर निर्णय लेगी।

नोट: इस खबर में लगाए गए सभी आरोप जांच के अधीन हैं। रिपोर्ट विभिन्न मीडिया स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।

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