शनिवार की सुबह सिरोही जिले के एक छोटे से गांव में जो कुछ हुआ, उसने नशे के कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पुलिस की चार टीमें एक साथ कई खेतों में घुसीं और मक्का-सौंफ की फसल के बीच छिपाकर उगाई जा रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश कर दिया। इस सिरोही गांजा कार्रवाई में पुलिस ने कुल 2950.84 किलो गांजे के हरे पौधे जब्त किए हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलग-अलग खेतों और खातेदारों से जुड़े होने के कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल पांच प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
जिले में नशे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े हर चेहरे तक पहुंचा जाएगा।
सिरोही गांजा कार्रवाई में कितना माल जब्त हुआ
इस कार्रवाई का पैमाना समझने के लिए आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है। इस सिरोही गांजा कार्रवाई में खेतों से उखाड़े गए पौधों का वजन कराया गया तो आंकड़ा 2950.84 किलोग्राम निकला — यानी करीब तीन टन गांजे के हरे पौधे। इतनी बड़ी मात्रा एक साथ मिलना इस बात का सबूत है कि यह कोई छोटा-मोटा काम नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से चल रहा धंधा था।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| जब्त गांजे के पौधों का वजन | 2950.84 किलो |
| गिरफ्तार आरोपी | 4 |
| दर्ज प्रकरण (NDPS एक्ट) | 5 |
| कार्रवाई में शामिल थाने | 4 (रोहिड़ा, पिंडवाड़ा, सरूपगंज, आबूरोड सदर) |
| गांव | वालोरिया, पगारा फली (रोहिड़ा थाना क्षेत्र) |
| खेती की आड़ | मक्का और सौंफ की फसल |
गिरफ्तार चारों आरोपियों से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस धंधे से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकें।
मक्का और सौंफ की आड़ में चल रहा था खेल
आरोपियों ने गांजे की खेती छिपाने के लिए जो तरीका अपनाया था, वह काफी चालाकी भरा था। वालोरिया गांव की पगारा फली में कुछ खेतों में मक्का और सौंफ की फसल लहलहा रही थी — दूर से देखने पर सब कुछ सामान्य लगता। लेकिन इन्हीं फसलों के बीच-बीच में गांजे के पौधे भी उगाए जा रहे थे। फसल की आड़ में गांजे के पौधे आसानी से छिप जाते थे और ऊपर से देखने पर किसी को शक नहीं होता।
पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि कुछ खेतों में मक्का-सौंफ की आड़ में गांजे की खेती हो रही है। सूचना की पुष्टि के बाद ही पुलिस ने दबिश की योजना बनाई। जब टीमें खेतों में पहुंचीं तो शक सही निकला — बड़ी मात्रा में गांजे के हरे पौधे लहलहा रहे थे। खेतों से पौधों को उखाड़कर जब्त किया गया और मौके से ही कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
नशे के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां राजस्थान में लगातार हो रही हैं। कुछ दिन पहले ही बालोतरा में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ था, जहां यूट्यूब से नशा बनाना सीखकर डॉक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं प्रागपुरा में डोडा चूरा तस्करी के मामले में भी 16 किलो माल जब्त हुआ था।
चार थानों की पुलिस ने कैसे चलाया संयुक्त ऑपरेशन
इस सिरोही गांजा कार्रवाई की सबसे खास बात इसका संचालन था। सिरोही के पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इस बार चार थानों की पुलिस को एक साथ उतारा गया।
ऑपरेशन की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार और पिंडवाड़ा वृताधिकारी राहुल मीणा के सुपरविजन में थी, जबकि मैदान में कार्रवाई का नेतृत्व रोहिड़ा थानाधिकारी ओमकरण ने किया। रोहिड़ा के अलावा पिंडवाड़ा, सरूपगंज और आबूरोड सदर थाने की टीमें भी इस संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा थीं। चार थानों की एक साथ दबिश का मकसद साफ था — किसी भी आरोपी को भागने या सबूत मिटाने का मौका न मिले।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस सिरोही गांजा कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जिले में इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सभी आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिरोही गांजा कार्रवाई के बाद अब क्या होगा
सिरोही गांजा कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद अब कानूनी प्रक्रिया अपने रास्ते चलेगी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। अलग-अलग खेतों और खातेदारों से मामला जुड़ा होने के कारण हर खेत को अलग प्रकरण बनाया गया है — इससे हर आरोपी की भूमिका अलग-अलग तय हो सकेगी।
आगे की जांच में पुलिस इन बिंदुओं पर काम करेगी:
- नेटवर्क का खुलासा: गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह पता लगाया जाएगा कि गांजे के बीज कहां से आए और तैयार माल कहां बेचा जाना था।
- आर्थिक जांच: इतने बड़े पैमाने की खेती में लगा पैसा कहां से आया, इसकी भी जांच होगी।
- जमीन के कागजात: जिन खेतों में खेती हो रही थी, उनके खातेदारों की भूमिका की जांच चल रही है।
- आगे की धरपकड़: पुलिस का कहना है कि इस धंधे से जुड़े और लोगों की पहचान की जा रही है, जल्द और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
गौरतलब है कि उदयपुर में भी हाल ही में गांजे की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई हुई थी, जहां करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की खेती नष्ट की गई थी। सिरोही की ताजा कार्रवाई इस बात का संकेत है कि नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान अब हर जिले में तेज हो गया है। नशे की सूचना या शिकायत के लिए नागरिक राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सिरोही गांजा कार्रवाई कहां हुई? वालोरिया गांव (रोहिड़ा थाना क्षेत्र) की पगारा फली के कुछ खेतों में मक्का-सौंफ की आड़ में गांजे की अवैध खेती हो रही थी, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।
इस कार्रवाई में कितना गांजा जब्त हुआ और कितने लोग गिरफ्तार हुए? पुलिस ने कुल 2950.84 किलो गांजे के हरे पौधे जब्त किए हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलग-अलग खेतों से जुड़े होने के कारण एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया? सिरोही एसपी डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के निर्देश पर एएसपी नरेंद्र कुमार और पिंडवाड़ा सीओ राहुल मीणा के सुपरविजन में रोहिड़ा एसएचओ ओमकरण के नेतृत्व में रोहिड़ा, पिंडवाड़ा, सरूपगंज और आबूरोड सदर थानों की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की।
आरोपियों पर कौन सी धारा लगेगी? सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस कानून में अवैध खेती और तस्करी पर कड़ी सजा का प्रावधान है।