दिवाली से ठीक पहले जिन घरों में दीये जलाने की तैयारी चल रही थी, उनमें से तीन घरों में शुक्रवार की शाम मातम पसर गया। भीलवाड़ा जिले के मेनाल के पास नेशनल हाईवे-27 पर हुए भीलवाड़ा मेनाल हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। घायलों में कोटा का एक पूरा परिवार भी है, जो धनतेरस के दिन सांवरिया सेठ के दर्शन करके घर लौट रहा था।
इस भीलवाड़ा मेनाल हादसे ने हाईवे निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं — पुलिया के नीचे मजदूर काम कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार कार नीचे जा गिरी।
भीलवाड़ा मेनाल हादसा: एक नजर में बड़े आंकड़े
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| हादसे की तारीख | 6 नवंबर 2026, शुक्रवार (धनतेरस की शाम) |
| स्थान | मेनाल, मांडलगढ़ थाना क्षेत्र, जिला भीलवाड़ा |
| हाईवे | NH-27 (कोटा–चित्तौड़गढ़ मार्ग) |
| मृतक | 3 मजदूर (मौके पर ही मौत) |
| घायल | 8 लोग (कार सवार परिवार के 5 सदस्य + 3 मजदूर) |
| वाहन | कार और पानी का टैंकर |
| पुलिस थाना | मांडलगढ़ (थाना प्रभारी राजकुमार नायक) |
| इलाज | घायलों को भीलवाड़ा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया |
| पोस्टमार्टम | शनिवार सुबह मांडलगढ़ अस्पताल में |
मृतकों की पहचान: तीनों बेंगू थाना क्षेत्र के रहने वाले
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मजदूर बेंगू थाना क्षेत्र के निवासी थे। मृतकों की पहचान सांवता पुत्र देवीलाल औड निवासी बोलपुरिया, प्रेम पत्नी शंभूलाल बंजारा निवासी बिलोना बड़ी और बिहारीलाल पुत्र नाथूलाल बंजारा निवासी बिलोना बड़ी आरोली के रूप में हुई है। तीनों हाईवे के पुल निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव मांडलगढ़ अस्पताल में हैं, जहां शनिवार सुबह पोस्टमार्टम होगा। धनतेरस के दिन हुई इस घटना ने तीन परिवारों की दीपावली की खुशियां छीन लीं।
सांवरिया सेठ के दर्शन कर लौट रहा कोटा का परिवार भी घायल
घायलों में कार सवार कोटा निवासी भूपेंद्र पुत्र बालकिशन, उनकी पत्नी रीना, बेटियां साक्षी और अदीक्षा तथा बेटा उमंग शामिल हैं। यह परिवार धनतेरस पर सांवरिया सेठ के दर्शन कर घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।
इनके अलावा चांदनी पत्नी नंदलाल बंजारा, सुनीता पत्नी फतेहलाल बंजारा और अर्जुन पुत्र बिहारी बंजारा भी घायल हुए हैं। कुल आठ घायलों में कार सवार पांच सदस्य और तीन मजदूर शामिल हैं, सभी को भीलवाड़ा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है।
पुलिया से नीचे गिरी कार, टैंकर से टकराकर मजदूरों को कुचला
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मेनाल के पास हाईवे पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा था और कई श्रमिक लगे हुए थे। पुलिया से गुजरते समय कार अचानक अनियंत्रित हो गई, नीचे खड़े पानी के टैंकर से टकराई और गहरे खड्डे में जा गिरी। वहां काम कर रहे मजदूर भी उसकी चपेट में आ गए।
अचानक हुए इस हादसे से मौके पर काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
भीलवाड़ा मेनाल हादसे पर पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही मांडलगढ़ थाना प्रभारी राजकुमार नायक पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू कराया और घायलों व शवों को मांडलगढ़ अस्पताल पहुंचाया। लाडपुरा पुलिस चौकी प्रभारी रामसिंह के अनुसार, घायलों में कार सवार पांच सदस्य और तीन मजदूर शामिल हैं।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार की तेज रफ्तार बड़ी वजह मानी जा रही है।
निर्माण स्थल की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
भीलवाड़ा मेनाल हादसे के बाद हाईवे निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण स्थल पर मजदूर काम कर रहे थे और वहीं पानी का टैंकर भी खड़ा था। ऐसे में पुलिया से नीचे गिरी कार सीधे मजदूरों की चपेट में आ गई। हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा घेरा और चेतावनी संकेतक जैसे इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।
गौरतलब है कि हाईवे निर्माण के दौरान ट्रैफिक को सुरक्षित तरीके से डायवर्ट करना, पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाना और मजदूरों के लिए सुरक्षित कार्य क्षेत्र बनाना निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की सड़क सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों में भी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपाय अनिवार्य बताए गए हैं। जांच में साफ होगा कि मेनाल स्थल पर ये इंतजाम कितने थे।
राजस्थान में हाल के दिनों में बड़े सड़क हादसे
भीलवाड़ा मेनाल हादसे से पहले पिछले दो दिनों में राजस्थान में दो और बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं। शुक्रवार सुबह ही दौसा के बांदीकुई में एक बेकाबू ट्रेलर ने बाजार में दर्जनों वाहनों को रौंद दिया था। उससे एक दिन पहले झालावाड़ में NH-52 पर गलत दिशा से आई कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन दोस्तों की मौत हुई थी। जयपुर में भी आमेर घाटी में नशे में धुत कार ने बाइक-स्कूटी को रौंदा था। त्योहारी सीजन में सड़कों पर बढ़ी भीड़ और तेज रफ्तार का यह मेल लगातार जानलेवा साबित हो रहा है।
दिवाली यात्रा पर जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
दीपावली के मौके पर लाखों लोग अपने गांव और शहरों की यात्रा कर रहे हैं। तेज रफ्तार से बिल्कुल बचें, खासकर उन हिस्सों में जहां सड़क या पुल का निर्माण कार्य चल रहा हो। निर्माण स्थल के पास लगे चेतावनी बोर्ड और डायवर्जन के संकेतों को नजरअंदाज न करें। रात में थकान होने पर गाड़ी रोककर आराम करें। शराब पीकर गाड़ी चलाना पूरी तरह वर्जित है।
सड़क पर हादसा देखें तो तुरंत 108 एंबुलेंस या 112 पर सूचना दें और घायल को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। निर्माण स्थल के पास गति धीमी रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
भीलवाड़ा मेनाल हादसा कब और कहां हुआ?
यह हादसा 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को धनतेरस की शाम भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मेनाल के पास NH-27 (कोटा–चित्तौड़गढ़ मार्ग) पर हुआ।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हुए?
इस भीलवाड़ा मेनाल हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए। घायलों में कोटा का एक परिवार (5 सदस्य) और तीन मजदूर शामिल हैं।
मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान सांवता पुत्र देवीलाल औड (बोलपुरिया), प्रेम पत्नी शंभूलाल बंजारा (बिलोना बड़ी) और बिहारीलाल पुत्र नाथूलाल बंजारा (बिलोना बड़ी आरोली) के रूप में हुई है। तीनों बेंगू थाना क्षेत्र के निवासी थे।
घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
सभी घायलों को पहले मांडलगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया, फिर बेहतर उपचार के लिए भीलवाड़ा जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। मृतकों का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह मांडलगढ़ अस्पताल में होगा।
स्रोत: अमर उजाला की रिपोर्ट