डॉक्टर — वह पेशा जिस पर समाज सबसे ज्यादा भरोसा करता है। लेकिन बालोतरा जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने जिस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, उसमें एक डॉक्टर ही नशे के सौदागरों का साथी निकला। बालोतरा MD फैक्ट्री का यह मामला इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि इस फैक्ट्री को चलाने वाले शख्स ने एमडी ड्रग्स बनाने का तरीका किसी केमिस्ट्री की किताब से नहीं, यूट्यूब वीडियो से सीखा था।
शनिवार (17 अक्टूबर 2026) को ANTF ने बालोतरा जिले के सिवाना थाना क्षेत्र के मिठौड़ा गांव में एक कथित MD ड्रग्स निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया। मौके से 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी, ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ और उपकरण बरामद हुए। इसके अलावा 3,41,700 रुपये नकद और एक कार भी जब्त की गई। पुलिस ने डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बालोतरा MD फैक्ट्री: डॉक्टर की पहचान पर चलता था सप्लाई का खेल
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी अपने नेटवर्क को डॉक्टर की पहचान की आड़ में चला रहे थे। ANTF की जांच के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. मुकेश विश्नोई भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश कुमार अपने साथी डॉ. मुकेश विश्नोई के संपर्कों के जरिए जालोर और सिवाना के आसपास एमडी की सप्लाई करता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि डॉक्टर की पहचान का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था, क्योंकि डॉक्टर पर तस्करी का कोई शक नहीं करेगा।
पूछताछ में सामने आया कि तैयार की गई एमडी को डॉ. मुकेश विश्नोई, उत्कर्ष विश्नोई और अन्य संपर्कों के माध्यम से सप्लाई किया जाता था। डॉ. मुकेश विश्नोई की कार से 3,41,700 रुपये की नकद राशि बरामद हुई है। पुलिस का संदेह है कि यह रकम मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी हो सकती है। हालांकि नकदी के वास्तविक स्रोत और हर आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
छपरे के नीचे चल रही थी नशे की फैक्ट्री
ANTF के उप महानिरीक्षक पुलिस अभिजीत सिंह के अनुसार, टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि मिठौड़ा गांव निवासी सुरेश कुमार विश्नोई ने अपने घर के पास एमडी ड्रग्स बनाने का अवैध ठिकाना बना रखा है। सूचना की पुष्टि के बाद ANTF की टीम ने सिवाना पुलिस को साथ लेकर मौके पर दबिश दी।
जब टीम सुरेश कुमार के घर पहुंची, तो मकान के बाहर बने छपरे में तीन व्यक्ति बैठे मिले। पुलिस को देखकर वे घबरा गए। पूछताछ में उनकी पहचान सुरेश कुमार, डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई के रूप में हुई। इसके बाद मकान और आसपास के परिसर की तलाशी ली गई, जिसमें कच्ची एमडी, रासायनिक पदार्थ और ड्रग्स तैयार करने के उपकरण मिले। पुलिस ने सारी सामग्री जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
नौकरी नहीं मिली तो यूट्यूब से सीखा ड्रग्स बनाना
आरोपी सुरेश कुमार की कहानी राजस्थान के हजारों युवाओं के लिए एक चेतावनी भी है। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, सुरेश कुमार ने कई सरकारी भर्तियों में प्रयास किया, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2022 में वह अपने एक दोस्त के साथ बेंगलुरु गया, जहां उसने मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर दवा सप्लाई का काम शुरू किया। सीमित आय की वजह से करीब दो साल बाद वह अपने गांव लौट आया।
गांव लौटने के बाद वह स्थानीय तस्करों के संपर्क में आया और एमडी की खरीद-फरोख्त व सप्लाई से जुड़ गया। शुरुआत में वह आसपास के क्षेत्रों में एमडी की सप्लाई करता था। बाद में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाह में उसने खुद एमडी तैयार करने का फैसला किया। ANTF के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया और यूट्यूब वीडियो देखकर एमडी ड्रग्स बनाने का तरीका सीखा। इसके बाद उसने घर के पास के परिसर को ही नशे के अवैध कारोबार का ठिकाना बना लिया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि रसायन और उपकरण कहां से लाए गए थे और इस गतिविधि में अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।
बालोतरा MD फैक्ट्री पर ANTF का शिकंजा: नशे के खिलाफ बड़ा अभियान
बालोतरा MD फैक्ट्री का भंडाफोड़ राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का ताजा उदाहरण है। ETV Bharat की रिपोर्ट के मुताबिक, ANTF ने अपने गठन के एक साल में नशे के करीब 100 सरगनाओं को पकड़ा है। बालोतरा की इस कार्रवाई में शामिल टीमों को ANTF मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण और सप्लाई पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब अन्य संभावित आरोपियों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से पता चलेगा कि यह नेटवर्क कितना व्यापक था।
एक नजर में मामला
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 17 अक्टूबर 2026 |
| स्थान | मिठौड़ा गांव, सिवाना (बालोतरा) |
| एजेंसी | ANTF + सिवाना पुलिस |
| गिरफ्तार आरोपी | सुरेश कुमार विश्नोई, डॉ. मुकेश विश्नोई, उत्कर्ष विश्नोई |
| बरामदगी | 3.764 किलो कच्ची MD, रसायन-उपकरण, ₹3,41,700 नकद, एक कार |
| नेतृत्व | ANTF उप महानिरीक्षक अभिजीत सिंह |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: बालोतरा MD फैक्ट्री मामले में कितनी एमडी बरामद हुई?
पुलिस के अनुसार मौके से 3.764 किलोग्राम कच्ची एमडी बरामद की गई है। इसके अलावा ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ और उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
प्रश्न 2: गिरफ्तार तीनों आरोपी कौन हैं?
तीनों आरोपी हैं — सुरेश कुमार विश्नोई (मुख्य आरोपी, मिठौड़ा निवासी), डॉ. मुकेश विश्नोई और उत्कर्ष विश्नोई। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर की पहचान का इस्तेमाल सप्लाई नेटवर्क को छिपाने में किया जाता था।
प्रश्न 3: आरोपी ने एमडी बनाना कहां से सीखा?
ANTF की जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी सुरेश कुमार ने सोशल मीडिया और यूट्यूब वीडियो देखकर एमडी ड्रग्स तैयार करने का तरीका सीखा था।
प्रश्न 4: मामले में आगे क्या होगा?
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, खरीददारों और सप्लायरों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद निकलेगा।
स्रोत: ETV Bharat Rajasthan और Jago India Jago की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट।
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