राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पुलिस ने जो कार रुकवाई, उसके अंदर रखे 11 प्लास्टिक के कट्टों ने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। धौलपुर गांजा कार्रवाई में 261 किलो 11 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये आंकी गई है। गाड़ी में सवार आंध्र प्रदेश के दो लोगों को मौके पर ही दबोच लिया गया। पूछताछ में सामने आया है कि यह खेप आंध्र प्रदेश से लाकर राजस्थान के दौसा तक पहुंचाई जानी थी।
₹1.3 करोड़ और 261 किलो: क्यों बड़ी है यह धौलपुर गांजा कार्रवाई
धौलपुर गांजा कार्रवाई मात्रा और बाजार मूल्य — दोनों पैमानों पर गंभीर है। पुलिस के मुताबिक, जब्त गांजे का कुल वजन 261 किलो 11 ग्राम है, जो एक साथ पकड़ी जाने वाली सामान्य खेपों से कई गुना ज्यादा है।
| जब्ती विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| जब्त गांजे का कुल वजन | 261 किलो 11 ग्राम |
| अनुमानित बाजार मूल्य | करीब ₹1 करोड़ 30 लाख |
| गांजा भरे प्लास्टिक कट्टे | 11 |
| जब्त वाहन | कार (AP31-CB-1177, आंध्र प्रदेश नंबर) |
| गिरफ्तार आरोपी | 2 (दोनों आंध्र प्रदेश निवासी) |
| कार्रवाई का स्थान | बगचौली खार मोड़, NH-44, धौलपुर |
| दर्ज मामला | एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 |
इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। 261 किलो जैसी व्यावसायिक मात्रा में गांजा पकड़ा जाना इस धंधे की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका सीधा संकेत देता है।
आंध्र प्रदेश से दौसा तक: तस्करी के रूट का पूरा नक्शा
धौलपुर गांजा कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी इसका रूट है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी आंध्र प्रदेश से गांजा लेकर राजस्थान के दौसा जा रहे थे। यानी यह खेप दो राज्यों को पार करके राजस्थान के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचनी थी।
NH-44 देश का सबसे लंबा उत्तर-दक्षिण गलियारा है, जिस पर लगातार चलने वाले भारी यातायात के बीच तस्करों की गाड़ियां आसानी से नजरों से बच निकलती हैं। धौलपुर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटा है, इसलिए इस रूट का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश की तरफ से आ रहे माल को राजस्थान के पूर्वी जिलों तक पहुंचाने में किया जाता है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि दौसा पहुंचने के बाद इस खेप को आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
बगचौली खार मोड़ पर कैसे फंसी कार AP31-CB-1177
यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई सुनियोजित दबिश थी। भरतपुर रेंज आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा के विशेष अभियान के तहत एसपी विकास सांगवान के निर्देशन में मनियां थाना पुलिस और यातायात पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। 16-17 अक्टूबर को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने NH-44 पर बगचौली खार मोड़ के पास जाल बिछाया और कार नंबर AP31-CB-1177 को रुकवाकर तलाशी ली।
तलाशी में कार के अंदर 11 प्लास्टिक के कट्टों में भरा 261 किलो 11 ग्राम गांजा मिला। पुलिस ने गांजे के साथ कार भी जब्त कर ली। इस कार्रवाई में मनियां थाना पुलिस के साथ यातायात पुलिस की टीम भी शामिल थी।
पकड़े गए आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार दोनों आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं — 45 वर्षीय श्रीनिवास टी और 45 वर्षीय गेडम अमर चेतन्य। पुलिस के मुताबिक, दोनों खेप लेकर आंध्र प्रदेश से दौसा जा रहे थे।
पुलिस अब उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगा रही है कि गांजा किस इलाके से लाया गया था, दौसा में लेने वाला कौन था, और क्या ये पहले भी इसी रूट से खेप ला चुके हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20: 261 किलो गांजे पर कितनी सजा?
एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गांजे के मामले में 20 किलो से ज्यादा मात्रा “व्यावसायिक मात्रा” मानी जाती है। यहां जब्त 261 किलो इस सीमा से 13 गुना ज्यादा है। व्यावसायिक मात्रा की तस्करी पर कम से कम 10 साल की कठोर कैद (20 साल तक) और 1 से 2 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है, और धारा 8/20 के तहत जमानत की गुंजाइश बेहद सीमित होती है।
धौलपुर गांजा कार्रवाई: राजस्थान में नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा
धौलपुर गांजा कार्रवाई कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ दिनों में राजस्थान में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाइयों का जो सिलसिला चला है, उसमें यह ताजा कड़ी है।
हाल ही में सिरोही गांजा कार्रवाई में पुलिस ने मक्का-सौंफ की आड़ में उगाई जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया था, जहां करीब 2950 किलो गांजे के पौधे जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले उदयपुर गांजा कार्रवाई में एनसीबी और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने ‘ऑपरेशन गांजगवेषणा’ के तहत 57 हेक्टेयर में फैली, करीब ₹200 करोड़ मूल्य की गांजे की फसल नष्ट की थी।
तस्वीर साफ है — एक तरफ पुलिस गांजे की अवैध खेती को जड़ से खत्म कर रही है, तो दूसरी तरफ राज्य में घुसने वाली बाहरी खेपों पर भी शिकंजा कस रही है। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस अभियान की अगुवाई कर रही है, और धौलपुर की ताजा कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है।
आप भी कर सकते हैं मदद: नशे की सूचना कैसे दें
धौलपुर गांजा कार्रवाई की नींव भी एक मुखबिर की सूचना थी — यानी एक सही जानकारी इतनी बड़ी खेप पकड़वा सकती है।
आसपास कहीं गांजे की अवैध खेती, तस्करी या बिक्री की गतिविधि दिखे तो एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष 0141-2502877, व्हाट्सएप 9261225056 या पुलिस के 100/112 पर सूचना दें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की वेबसाइट पर भी दी जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धौलपुर गांजा कार्रवाई में कितना गांजा जब्त हुआ?
NH-44 पर बगचौली खार मोड़ के पास एक कार से 261 किलो 11 ग्राम गांजा जब्त हुआ है, जिसकी कीमत करीब ₹1 करोड़ 30 लाख आंकी गई है।
कौन गिरफ्तार हुए हैं?
आंध्र प्रदेश निवासी 45 वर्षीय श्रीनिवास टी और 45 वर्षीय गेडम अमर चेतन्य। दोनों खेप लेकर दौसा जा रहे थे।
एनडीपीएस एक्ट में क्या सजा है?
20 किलो से ज्यादा (व्यावसायिक मात्रा) गांजे की तस्करी पर कम से कम 10 साल की कठोर कैद और 1 से 2 लाख रुपये तक जुर्माना।
सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रहती है?
हां, पूरी तरह गोपनीय। एएनटीएफ: 0141-2502877, व्हाट्सएप: 9261225056।