राज्य स्तरीय एथलेटिक्स: 70वीं प्रतियोगिता में सीकर के दीपेश-दर्शन अव्वल

भरतपुर के मैदान पर शुक्रवार को राजस्थान के स्कूली खेलों की सबसे बड़ी दौड़ प्रतियोगिताओं का दूसरा दिन सीकर जिले के नाम रहा। 70वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता (17 एवं 19 वर्षीय छात्र वर्ग) में सीकर के दीपेश और दर्शन निर्मल ने अपने-अपने आयु वर्ग की 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि राजस्थान की स्प्रिंट प्रतिभाओं का केंद्र अब सीकर की ओर खिसक रहा है।

मास्टर आदित्येन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भरतपुर में चल रही इस राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दूसरे दिन ट्रैक के साथ-साथ मैदानी स्पर्धाओं में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। श्रीगंगानगर के प्रदीप विश्नोई और धौलपुर के अंकुश कसाना ने 800 मीटर दौड़ में अपने-अपने वर्ग का पहला स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में पूरे प्रदेश से आए छात्र खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, और विजेताओं के लिए यह राष्ट्रीय स्तर की स्कूली प्रतियोगिताओं का रास्ता खोलने वाला मंच है।

सीकर का दबदबा: 200 मीटर की दोनों दौड़ों में स्वर्ण

दूसरे दिन का सबसे चर्चित नतीजा 200 मीटर दौड़ का रहा, जहां दोनों आयु वर्गों में सीकर के धावक सबसे आगे निकले। अंडर-17 वर्ग में दीपेश (सीकर) ने स्वर्ण, योगेश (हनुमानगढ़) ने रजत और साजन (जयपुर प्रथम) ने कांस्य पदक जीता। अंडर-19 वर्ग में दर्शन निर्मल (सीकर) ने स्वर्ण, अंकित (जोधपुर) ने रजत और सुरेंद्र (जयपुर प्रथम) ने कांस्य पदक जीता। एक ही जिले के दो धावकों का दोनों वर्गों में स्वर्ण जीतना जिला स्तर पर खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता का संकेत है। राज्य के युवा धावकों की ऐसी ही एक प्रेरक कहानी पोकरण के शक्ति सिंह नरवाट की है, जिन्होंने नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर बाधा दौड़ में सिल्वर मेडल जीता।

800 मीटर में प्रदीप विश्नोई और अंकुश कसाना अव्वल

अंडर-17 वर्ग: स्वर्ण — प्रदीप विश्नोई (श्रीगंगानगर), रजत — भावेश शर्मा (झुंझुनूं), कांस्य — मोहित कुमार (श्रीगंगानगर)। अंडर-19 वर्ग: स्वर्ण — अंकुश कसाना (धौलपुर), रजत — यासिर (बालक अकादमी, श्रीगंगानगर), कांस्य — लोकेश (कोटपूतली-बहरोड़)।

राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता: मैदानी स्पर्धाओं के परिणाम

5000 मीटर पैदल चाल (अंडर-17): स्वर्ण — कुलदीप खालिया (चूरू), रजत — तनुराज (सीकर), कांस्य — सतपाल (बीकानेर)। त्रिकूद (अंडर-19): स्वर्ण — चिराग कुलहरी (सीकर), रजत — राहुल चौधरी (अजमेर), कांस्य — मुनफैद खान (खैरथल-तिजारा)। लंबी कूद: स्वर्ण — सन्नी गुर्जर (क्रीड़ा परिषद, जयपुर), रजत — चिराग कुलहरी (सीकर), कांस्य — लक्की धायल (राजगढ़)। चिराग कुलहरी ने त्रिकूद और लंबी कूद दोनों में पदक जीते। इसी 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद शृंखला में जोधपुर ने वेटलिफ्टिंग के तीन वर्गों की टीम चैंपियनशिप अपने नाम की थी।

पदक तालिका: दूसरे दिन के प्रमुख परिणाम एक नजर में

स्पर्धा वर्ग स्वर्ण रजत कांस्य
200 मीटर दौड़ अंडर-17 दीपेश (सीकर) योगेश (हनुमानगढ़) साजन (जयपुर प्रथम)
200 मीटर दौड़ अंडर-19 दर्शन निर्मल (सीकर) अंकित (जोधपुर) सुरेंद्र (जयपुर प्रथम)
800 मीटर दौड़ अंडर-17 प्रदीप विश्नोई (श्रीगंगानगर) भावेश शर्मा (झुंझुनूं) मोहित कुमार (श्रीगंगानगर)
800 मीटर दौड़ अंडर-19 अंकुश कसाना (धौलपुर) यासिर (बालक अकादमी, श्रीगंगानगर) लोकेश (कोटपूतली-बहरोड़)
5000 मीटर पैदल चाल अंडर-17 कुलदीप खालिया (चूरू) तनुराज (सीकर) सतपाल (बीकानेर)
त्रिकूद अंडर-19 चिराग कुलहरी (सीकर) राहुल चौधरी (अजमेर) मुनफैद खान (खैरथल-तिजारा)
लंबी कूद ओपन सन्नी गुर्जर (क्रीड़ा परिषद, जयपुर) चिराग कुलहरी (सीकर) लक्की धायल (राजगढ़)

आयोजन की व्यवस्था और आगे का कार्यक्रम

प्रतियोगिता के संयुक्त संचालन सचिव एवं विद्यालय प्रधानाचार्य यशवीर सिंह फौजदार और उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) गंभीर सिंह के अनुसार आयोजन में प्रदेश भर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिल रहा है। संचालन में अजय फौजदार, विजय सिंह, संदीप देशवाल, तेजवीर बाबा, मुकेश कुमार, निरंजन सिंह, जल सिंह और हीरेंद्र सिंह का सहयोग रहा। राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्कूली खिलाड़ियों के लिए इससे भी बड़ा मंच खेलो राजस्थान गेम्स 2026 है, जिसके पहले चरण में एथलेटिक्स भी शामिल है और पंजीकरण 16 नवंबर तक खुला है।

आगे क्या: राष्ट्रीय स्तर का रास्ता कैसे खुलता है

राज्य स्तरीय विद्यालय खेलों में पदक जीतना युवा एथलीटों के करियर का टर्निंग पॉइंट होता है। इस स्तर पर चमकने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के लिए प्रदेश की टीम में जगह मिलती है, वहां से राष्ट्रीय शिविरों और एथलेटिक्स फेडरेशन की जूनियर प्रतियोगिताओं का रास्ता खुलता है। भरतपुर में दूसरे दिन पदक जीतने वाले दीपेश, दर्शन, प्रदीप विश्नोई और अंकुश कसाना जैसे खिलाड़ी अब सीधे राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में आ गए हैं। राज्य स्तरीय पदक विजेताओं को अक्सर खेल छात्रावासों में प्रवेश, विशेष प्रशिक्षण शिविर और वित्तीय प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

जिला स्तर की तैयारी: सीकर और श्रीगंगानगर की मिसाल

इस प्रतियोगिता के नतीजे बताते हैं कि पदक जीतने वाले जिले वही हैं जहां स्कूल स्तर पर खेल प्रशिक्षण को गंभीरता से लिया जाता है। सीकर ने दोनों 200 मीटर दौड़ों में स्वर्ण जीता, श्रीगंगानगर ने 800 मीटर अंडर-17 में पहला और तीसरा स्थान पाया, और चूरू, धौलपुर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं जैसे जिलों के खिलाड़ी भी पदक तालिका में हैं। खेल प्रतिभा किसी एक शहर की बपौती नहीं है — छोटे जिलों के सरकारी स्कूलों के खिलाड़ी भी राज्य स्तर पर टक्कर दे रहे हैं। अभिभावकों के लिए यह जानना जरूरी है कि स्कूली खेल बच्चों के समग्र विकास का हिस्सा हैं, और राज्य स्तरीय पदक विजेताओं को कॉलेज प्रवेश और सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ भी मिलता है।

युवा धावकों के लिए: इस प्रतियोगिता से क्या सीखें

  1. जिला स्तर से शुरुआत करें: अपने स्कूल के शारीरिक शिक्षा अध्यापक से जिला स्तरीय ट्रायल की जानकारी लें।
  2. एक से ज्यादा इवेंट आजमाएं: चिराग कुलहरी ने त्रिकूद और लंबी कूद दोनों में पदक जीते।
  3. निरंतरता जरूरी है: रोज का नियमित प्रशिक्षण ही राज्य स्तर तक पहुंचाता है।
  4. स्कूल खेल कैलेंडर पर नजर रखें: जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) कार्यालय से आगामी प्रतियोगिताओं की तारीखें पता करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: यह 70वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता कहां हो रही है?

उत्तर: भरतपुर के मास्टर आदित्येन्द्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में; 17 एवं 19 वर्षीय छात्र वर्ग के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

प्रश्न 2: 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक किसने जीते?

उत्तर: अंडर-17 में सीकर के दीपेश ने और अंडर-19 में सीकर के दर्शन निर्मल ने।

प्रश्न 3: जीतने के बाद खिलाड़ियों को क्या अवसर मिलते हैं?

उत्तर: राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व।

प्रश्न 4: भाग लेने की प्रक्रिया क्या है?

उत्तर: पहले स्कूल और जिले की प्रतियोगिताएं, फिर जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ी राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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