शक्ति सिंह नरवाट ने 400 मीटर बाधा दौड़ में जीता सिल्वर, गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी बधाई

राजस्थान की मरुधरा के एक छोटे से गांव से उठा एक युवा धावक अब देश के एथलेटिक्स नक्शे पर दर्ज हो गया है। पोकरण (भणियाणा) क्षेत्र के झालरिया गांव के शक्ति सिंह नरवाट ने 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में 400 मीटर बाधा दौड़ में सिल्वर मेडल जीता है। ये उपलब्धि सिर्फ एक पदक नहीं — ग्रामीण राजस्थान के उन हजारों युवाओं के लिए एक संदेश है जो सीमित संसाधनों के बीच भी बड़े सपनों के साथ दौड़ रहे हैं।

खबर सामने आते ही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 14 अक्टूबर को X पर शक्ति सिंह नरवाट को सार्वजनिक रूप से बधाई दी — “आपकी यह शानदार उपलब्धि हमारी मरुधरा का मान बढ़ाने वाली है।”

कौन हैं शक्ति सिंह नरवाट?

शक्ति सिंह नरवाट राजस्थान के जोधपुर जिले के पोकरण (भणियाणा) क्षेत्र के झालरिया गांव के रहने वाले हैं। पोकरण वही नाम है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के 1974 और 1998 के परमाणु परीक्षणों की भूमि के रूप में जाना जाता है — लेकिन अब इसी धरती का एक युवा ट्रैक पर देश का नाम रोशन कर रहा है। नरवाट ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप की पुरुष 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।

65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप क्यों अहम है?

नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप देश की शीर्ष घरेलू ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में से एक है, जहां पूरे भारत के एथलीट आमने-सामने होते हैं। ये चैंपियनशिप सिर्फ पदकों का मंच नहीं, बल्कि प्रतिभा पहचान (टैलेंट आइडेंटिफिकेशन) का सबसे बड़ा राष्ट्रीय माध्यम है — यहां से राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर युवा धावकों पर पड़ती है और यहीं से अंतरराष्ट्रीय बर्थ की ओर का रास्ता खुलता है। इसलिए शक्ति सिंह नरवाट का सिल्वर मेडल महज एक पदक नहीं है — ये उनके लिए राष्ट्रीय चयन चक्र में प्रवेश का टिकट है।

400 मीटर बाधा दौड़ — ताकत, तकनीक और धैर्य का इम्तिहान

400 मीटर बाधा दौड़ एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में गिनी जाती है। धावक को पूरे एक चक्कर में 10 बाधाएं पार करनी होती हैं — और हर बाधा के साथ रफ्तार बनाए रखना, लय न खोना और थकान से जूझना पड़ता है। ये स्पर्धा सिर्फ तेज दौड़ने की नहीं, बल्कि तकनीक, समय-साधन (टाइमिंग) और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा है।

परमाणु परीक्षणों की धरती से खेल की नयी कहानी

पोकरण का नाम सुनते ही दुनिया के जेहन में 1974 और 1998 के परमाणु परीक्षण आते हैं — आधुनिक भारतीय इतिहास के दो सबसे निर्णायक पल। लेकिन अब उसी धरती के भीतर से एक शांत, जमीनी अध्याय लिखा जा रहा है — जो भूराजनीति में नहीं, बल्कि स्पाइक्स और स्टार्टिंग ब्लॉक्स में दर्ज हो रहा है।

गजेंद्र सिंह शेखावत की बधाई — ‘मरुधरा का मान’

14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने X पर शक्ति सिंह नरवाट को बधाई दी। शेखावत जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, जिसमें पोकरण भी आता है — इसलिए ये बधाई सिर्फ औपचारिक नहीं, निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय जनसंपर्क का हिस्सा भी है।

ग्रामीण एथलीटों के लिए इस सिल्वर का क्या मतलब है?

शक्ति सिंह नरवाट की सफलता उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों में अभ्यास करते हैं। राजस्थान सरकार ने खेल प्रतिभाओं को वैज्ञानिक ढंग से तराशने के लिए कई पहलें शुरू की हैं — जैसे राजस्थान खेल प्रतिभा असेसमेंट, जिसमें 70.6 लाख विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा का आकलन करने का लक्ष्य है, और खेलो राजस्थान अभियान, जो करीब 70 लाख लोगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने का महाअभियान है। इन पहलों का उद्देश्य बिल्कुल यही है — झालरिया जैसे गांवों की प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक का मंच देना।

आगे की राह — सिल्वर से सुनहरे सपने तक

अब शक्ति सिंह नरवाट के सामने अगला लक्ष्य साफ है — इस सिल्वर को स्वर्ण में बदलना और अंतरराष्ट्रीय बर्थ हासिल करना। राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पोडियम से आगे का सफर राष्ट्रीय शिविरों, एशियाई स्तर की प्रतियोगिताओं और अंततः ओलंपिक क्वालिफिकेशन की ओर जाता है।

एक नजर में — शक्ति सिंह नरवाट की उपलब्धि

तथ्यविवरण
एथलीटशक्ति सिंह नरवाट
गांवझालरिया, पोकरण (भणियाणा), जिला जोधपुर, राजस्थान
पदकरजत (सिल्वर मेडल)
स्पर्धा400 मीटर बाधा दौड़
चैंपियनशिप65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026
बधाई संदेशकेंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (X पर, 14 अक्टूबर 2026)
शेखावत का संदेश“आपकी यह शानदार उपलब्धि हमारी मरुधरा का मान बढ़ाने वाली है”
पोकरण की पहचानभारत के 1974 और 1998 परमाणु परीक्षणों की भूमि

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: शक्ति सिंह नरवाट कौन हैं?

उत्तर: शक्ति सिंह नरवाट राजस्थान के जोधपुर जिले के पोकरण (भणियाणा) क्षेत्र के झालरिया गांव के युवा एथलीट हैं, जिन्होंने 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में 400 मीटर बाधा दौड़ में सिल्वर मेडल जीता है।

प्रश्न 2: गजेंद्र सिंह शेखावत ने शक्ति सिंह नरवाट को क्यों बधाई दी?

उत्तर: शेखावत जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, जिसमें पोकरण भी आता है। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को X पर नरवाट को राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर बधाई दी और कहा कि ये उपलब्धि “मरुधरा का मान बढ़ाने वाली है”।

प्रश्न 3: 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप क्या है?

उत्तर: ये भारत की शीर्ष घरेलू ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में से एक है, जहां देशभर के एथलीट हिस्सा लेते हैं। ये प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा पहचान का अहम मंच है और यहां से अंतरराष्ट्रीय चयन का रास्ता खुलता है।

प्रश्न 4: पोकरण किसके लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: पोकरण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के 1974 और 1998 के परमाणु परीक्षणों की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है। अब शक्ति सिंह नरवाट के सिल्वर मेडल के साथ ये शहर खेल के नक्शे पर भी उभर रहा है।

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