अगर आप या आपका बच्चा खेलकूद में दिलचस्पी रखता है, तो ये खबर आपके लिए बेहद काम की है। खेलो राजस्थान गेम्स पंजीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और पहले चरण के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 16 नवंबर 2026 तय की गई है। यानी आपके पास करीब एक महीना बचा है।
राजस्थान सरकार का ये खेल महाकुंभ दिसंबर 2026 से सितंबर 2027 तक तीन चरणों में होगा, और इसमें गांव से लेकर शहर तक — बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी भाग ले सकेंगे। बुधवार को उदयपुर में जिला खेल अधिकारी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय तैयारी बैठक में प्रतियोगिताओं के सफल संचालन और अधिक से अधिक खिलाड़ियों के पंजीकरण पर खास जोर दिया गया।
खेलो राजस्थान गेम्स पंजीकरण: 16 नवंबर आखिरी तारीख, ऐसे करें आवेदन
जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल ने बताया कि खेलो राजस्थान गेम्स पंजीकरण का पहला चरण ऑनलाइन माध्यम से चल रहा है। जो खिलाड़ी 1 दिसंबर 2026 से शुरू होने वाले पहले चरण की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें 16 नवंबर 2026 तक अपना पंजीकरण पूरा करना होगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
- खेलो राजस्थान गेम्स के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करें।
- अपनी आयु, खेल और निवास से जुड़ी जानकारी सही-सही भरें।
- जिन खिलाड़ियों को ऑनलाइन आवेदन में तकनीकी दिक्कत आ रही है, उनके लिए बैठक में तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए हैं — जिला खेल अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
- स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने शिक्षण संस्थान के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और खेल संघों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि आपके आसपास के स्कूल या कॉलेज में भी इस बारे में जानकारी मिल सकती है।
तीन चरणों में होगा महाकुंभ — पूरा शेड्यूल एक नजर में
इस भव्य खेल महोत्सव को तीन चरणों में बांटा गया है। हर चरण में अलग-अलग खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी, ताकि हर खेल के खिलाड़ी को उचित तैयारी और मंच मिल सके:
| चरण | अवधि | शामिल खेल |
|---|---|---|
| पहला चरण | 1 दिसंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 | वॉलीबॉल, एथलेटिक्स (100, 200, 400, 800 और 3000 मीटर दौड़), रस्साकशी, तीरंदाजी (जिला स्तर) |
| दूसरा चरण | 1 अप्रैल 2027 से 15 मई 2027 | कबड्डी, फुटबॉल, जूडो, शूटिंग |
| तीसरा चरण | 15 अगस्त 2027 से 30 सितंबर 2027 | खो-खो, कुश्ती, बास्केटबॉल, सितोलिया (सतोलिया) |
यहां एक दिलचस्प बात ये है कि इस बार उदयपुर के ग्रामीण इलाकों के पारंपरिक खेल सितोलिया को भी आधिकारिक स्पर्धाओं में शामिल किया गया है। यानी जो खेल दशकों से गांव की गली-मोहल्लों में खेला जाता था, वो अब सरकारी मंच पर राष्ट्रीय स्तर की मान्यता के साथ होगा।
मुकाबलों की अवधि भी स्तर के हिसाब से तय की गई है — ग्रामीण क्षेत्रों (पंचायत स्तर) में 26 दिन, ब्लॉक स्तर पर 10 दिन, शहरी निकायों में 14 दिन और जिला व राज्य स्तर पर 5-5 दिन तक प्रतियोगिताएं चलेंगी। सभी मुकाबले जिले के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों तथा क्रीड़ा परिषद के खेल स्टेडियमों में खेले जाएंगे।
उदयपुर में हुई तैयारी बैठक — ये अहम फैसले लिए गए
बुधवार को उदयपुर में जिला खेल अधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में केवल तारीखों पर मुहर ही नहीं लगी, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन के कुछ ठोस फैसले भी हुए:
- सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों तक दिशा-निर्देश पहुंचाए जाएंगे, ताकि ग्रामीण इलाकों के खिलाड़ी भी इस जानकारी से वंचित न रहें।
- ऑनलाइन पोर्टल पर अधिक से अधिक खिलाड़ियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तय की गई।
- पंजीकरण के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल के साथ जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय प्रारंभिक) दुर्गेश कुमार मेनारिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) लक्ष्मण दास वैष्णव और जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) के प्रतिनिधि हुकमी चन्द मेनारिया उपस्थित रहे। खेल और शिक्षा विभाग का एक साथ बैठकर फैसला करना इस अभियान की गंभीरता को दर्शाता है।
पंचायत से राज्य तक — कौन-कौन खेल सकता है?
ये अभियान सिर्फ पेशेवर खिलाड़ियों के लिए नहीं है। आयोजन का ढांचा पूरी तरह विकेंद्रीकृत है — प्रतियोगिताएं ग्राम पंचायत स्तर से शुरू होंगी और वहां से खिलाड़ी ब्लॉक, शहरी स्थानीय निकाय, जिला और फिर राज्य स्तर तक आगे बढ़ेंगे। हर स्तर पर चयनित खिलाड़ी अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेंगे।
ये पहल मुख्यमंत्री की बजट घोषणा वर्ष 2024-25 की अनुपालना में की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को मानसिक तनाव और स्क्रीन टाइम से दूर करके खेल के मैदानों से जोड़ना है। केंद्र सरकार के खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तर्ज पर आयोजित होने वाले इस महाकुंभ में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक भाग ले सकेंगे।
गौरतलब है कि इस अभियान का शुभारंभ गांधी जयंती के अवसर पर किया गया था, जिसमें करीब 70 लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। अब तैयारी बैठक के बाद अभियान जमीनी स्तर पर अमल में दिखने लगा है। राज्य में खेल प्रतिभाओं को तलाशने के ऐसे अभियानों से पहले भी उदयपुर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, और सरकार की राजस्थान टॉप्स योजना ओलंपिक 2028 की तैयारी कर रही युवा प्रतिभाओं को सहारा दे रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: खेलो राजस्थान गेम्स पंजीकरण की आखिरी तारीख क्या है?
जवाब: पहले चरण की प्रतियोगिताओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 16 नवंबर 2026 है। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
सवाल: प्रतियोगिताएं कब से शुरू होंगी?
जवाब: पहला चरण 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगा और 15 जनवरी 2027 तक चलेगा। दूसरा चरण अप्रैल-मई 2027 में और तीसरा चरण अगस्त-सितंबर 2027 में होगा।
सवाल: कौन-कौन भाग ले सकता है?
जवाब: बच्चे, युवा और बुजुर्ग — सभी आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिताएं पंचायत, ब्लॉक, शहरी निकाय, जिला और राज्य स्तर पर होंगी। व्यक्तिगत और टीम — दोनों तरह की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
सवाल: खेलो राजस्थान गेम्स में कौन से खेल शामिल हैं?
जवाब: पहले चरण में वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, रस्साकशी और तीरंदाजी; दूसरे चरण में कबड्डी, फुटबॉल, जूडो और शूटिंग; तीसरे चरण में खो-खो, कुश्ती, बास्केटबॉल और पारंपरिक खेल सितोलिया शामिल हैं।
क्या करें अभी
अगर आप खिलाड़ी हैं या आपके घर में कोई युवा खेलता है, तो 16 नवंबर की डेडलाइन से पहले पंजीकरण करा लें। तकनीकी दिक्कत आए तो घबराएं नहीं — उदयपुर बैठक में ऐसे मामलों के तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए हैं। नजदीकी स्कूल, कॉलेज या जिला खेल अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें। खेल के मैदान में उतरने का ये मौका शायद ही दोबारा मिले।