70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद: वेटलिफ्टिंग में जोधपुर का दबदबा, तीन वर्गों की चैंपियनशिप अपने नाम

675 खिलाड़ियों के बीच जोधपुर ने तीन आयु-वर्गों की टीम चैंपियनशिप अपने नाम कर ली है। तेजस्विनी गहलोत से लेकर प्रियांशु तक — जानिए कौन-कौन पदकवीर बना और इस जीत के पीछे क्या तैयारी थी।

पदकवीरों की सूची: छह स्वर्ण, एक रजत, तीन कांस्य

सबसे पहले वे नाम जिनकी वजह से जोधपुर का परचम लहराया। वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में जोधपुर के खिलाड़ियों ने कुल दस पदक जीते — छह स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य। स्वर्ण पदक जीतने वालों में तेजस्विनी गहलोत, कोमल बिश्नोई, कीर्ति वैष्णव, दिव्यांशी सांखला, सोहम पाण्डे और प्रियांशु शामिल हैं। इन सभी ने अपने-अपने भार वर्ग में पहला स्थान हासिल किया।

रजत पदक मनस्वी सिंह के नाम रहा, जबकि राधिका सोलंकी, अश्विनी प्रजापत और युक्ति ने कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका को और मजबूत किया। खास बात यह है कि इस दल में बेटियों की संख्या सबसे ज्यादा थी — अंडर-17 और अंडर-19 के छात्रा वर्गों में जोधपुर की बेटियों ने एकतरफा प्रदर्शन किया।

पदक खिलाड़ी वर्ग
स्वर्ण तेजस्विनी गहलोत भार वर्ग
स्वर्ण कोमल बिश्नोई भार वर्ग
स्वर्ण कीर्ति वैष्णव भार वर्ग
स्वर्ण दिव्यांशी सांखला भार वर्ग
स्वर्ण सोहम पाण्डे भार वर्ग
स्वर्ण प्रियांशु भार वर्ग
रजत मनस्वी सिंह भार वर्ग
कांस्य राधिका सोलंकी भार वर्ग
कांस्य अश्विनी प्रजापत भार वर्ग
कांस्य युक्ति भार वर्ग

तीन वर्गों — अंडर-17 छात्र, अंडर-17 छात्रा और अंडर-19 छात्रा — की टीम चैंपियनशिप जोधपुर के खाते में आई। यानी तीनों आयु-वर्गों में जोधपुर की टीम ने समग्र अंकतालिका में पहला स्थान पाया।

मुकाबला कहां हुआ और कितना बड़ा था

यह प्रतियोगिता 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 के तहत आयोजित हुई। आयोजन 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक चला और मेजबानी झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी स्थित श्रीमती मोहरी बाई श्याम शेखावाटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने की।

पैमाना समझिए: राजस्थान के 38 जिलों से कुल 675 खिलाड़ी इस वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में उतरे थे। इतने बड़े पूल में से तीन वर्गों की चैंपियनशिप जीतना मामूली बात नहीं है। राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताएं निदेशालय माध्यमिक शिक्षा के खेल पंचांग के अनुसार हर साल आयोजित होती हैं और इनमें एसजीएफआई (स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के खेल कैलेंडर के अनुरूप खेल शामिल किए जाते हैं।

जीत के पीछे: कोच, स्कूल और महीनों की तैयारी

जोधपुर की टीम की तैयारी महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पुलिस लाइन, जोधपुर में हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक शर्मा और उप प्रधानाचार्य राम प्रताप प्रजापत के अनुसार टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) जोधपुर श्रीमती प्रतिभा शर्मा के निर्देशों की पालना में प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

तकनीकी मार्गदर्शन की जिम्मेदारी बीकानेर से प्रतिनियुक्त वेटलिफ्टिंग कोच और संयोजक दिनेश टाक के पास थी, जिनके साथ विद्यालय के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक ने खिलाड़ियों को तैयार किया। वेटलिफ्टिंग जैसे खेल में ताकत के साथ तकनीक — स्नैच और क्लीन-एंड-जर्क की सही फॉर्म — ही फर्क पैदा करती है, और इसी पर टीम का फोकस रहा।

टीम की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार और शहर के खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों, कोच और टीम प्रबंधन को बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

राजस्थान की स्कूली खेल व्यवस्था कैसे काम करती है

राजस्थान में स्कूली खेलों का पूरा ढांचा निदेशालय माध्यमिक शिक्षा के खेल पंचांग पर चलता है। जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं अगस्त-सितंबर में होती हैं, उसके बाद राज्य स्तरीय मुकाबले सितंबर से नवंबर के बीच आयोजित किए जाते हैं। खेलों को चार समूहों में बांटा गया है — वेटलिफ्टिंग (भारत्तोलन) प्रथम समूह के खेलों में आता है।

एसजीएफआई के खेल पंचांग के अनुसार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में कुल 33 खेल शामिल हैं — एथलेटिक्स, कुश्ती, बॉक्सिंग, कबड्डी, तीरंदाजी, तैराकी से लेकर वेटलिफ्टिंग, वुशु और मलखंभ तक। अंडर-17 और अंडर-19 — दोनों आयु वर्गों में छात्र और छात्रा वर्ग अलग-अलग होते हैं। राज्य स्तर पर चमकने वाले खिलाड़ी आगे राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के दावेदार बनते हैं।

अब आगे क्या: खिलाड़ियों के लिए क्या रास्ते खुलते हैं

राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद में पदक जीतना सिर्फ ट्रॉफी तक सीमित नहीं रहता। इसके व्यावहारिक फायदे कई हैं: राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद (SGFI नेशनल) में प्रदेश की टीम में जगह के प्रबल दावेदार बनते हैं; कॉलेज प्रवेश और सरकारी भर्तियों में खेल कोटे का लाभ मिलता है; राज्य सरकार पदकवीर स्कूली खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार और सम्मान देती है; और प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रावासों में प्रवेश का मौका मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न: यह प्रतियोगिता कब और कहां हुई? उत्तर: 70वीं राज्य स्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता 2026-27 के तहत वेटलिफ्टिंग मुकाबले 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक उदयपुरवाटी (झुंझुनूं) के श्रीमती मोहरी बाई श्याम शेखावाटी स्कूल में हुए।

प्रश्न: जोधपुर ने कौन-कौन से वर्गों में चैंपियनशिप जीती? उत्तर: तीन वर्गों — अंडर-17 छात्र, अंडर-17 छात्रा और अंडर-19 छात्रा — में जोधपुर की टीम ने समग्र चैंपियनशिप अपने नाम की।

प्रश्न: कुल कितने पदक जोधपुर के खाते में आए? उत्तर: कुल दस पदक — छह स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य।

प्रश्न: टीम की तैयारी किसने करवाई? उत्तर: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पुलिस लाइन, जोधपुर के खिलाड़ियों को बीकानेर से प्रतिनियुक्त वेटलिफ्टिंग कोच दिनेश टाक और विद्यालय के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक ने प्रशिक्षित किया।

जोधपुर की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है — जरूरत है सही मार्गदर्शन और मौके की।

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