सऊदी में फंसे उमराह यात्री करीब 5 हजार बताए जा रहे हैं — इनमें ज्यादातर राजस्थान के हैं। मक्का और मदीना में ठहरे इन जायरीनों के लिए घर लौटने का कोई पक्का रास्ता नजर नहीं आ रहा, क्योंकि सऊदी में बिगड़े हालात के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एयर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। फंसे हुए यात्री अब हर दिन एक ही सवाल पूछ रहे हैं — वतन वापसी कब होगी? भारतीय दूतावास ने 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन शुरू कर दी है, लेकिन नई उड़ानों की कोई तारीख अभी तय नहीं हुई है।
सऊदी में फंसे उमराह यात्री: घर का रास्ता बंद, जानिए पूरा घटनाक्रम
सऊदी में फंसे उमराह यात्रियों के लिए घर का रास्ता फिलहाल पूरी तरह बंद है। सऊदी अरब में हाल के दिनों में हुए हमलों के बाद वहां की हवाई व्यवस्था चरमरा गई है। 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत भी हो चुकी है, जिसके बाद रियाद एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया। इन्हीं हालात को देखते हुए एयर इंडिया ने 16 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि रियाद, दम्माम और जेद्दा के लिए उसकी सभी उड़ानें 20 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी।
केवल एयर इंडिया ही नहीं — इंडिगो, अकासा और खाड़ी क्षेत्र की कई अन्य एयरलाइनों ने भी अपनी उड़ानें निरस्त की हैं। इसका सीधा असर मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद से जुड़ी हवाई सेवाओं पर पड़ा है, क्योंकि सऊदी जाने वाले ज्यादातर भारतीय यात्री इन्हीं शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ते हैं। एयरलाइनों की तरफ से प्रभावित यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड देने की घोषणा की गई है, लेकिन रिफंड से वापसी की समस्या हल नहीं हो रही — क्योंकि नई उड़ानें ही उपलब्ध नहीं हैं।
किन जिलों के यात्री फंसे और कितना बड़ा है असर
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी में फंसे उमराह यात्री राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर, नागौर, जोधपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों से हैं। ये सभी उमराह के लिए सऊदी गए थे — उमराह इस्लाम में काबा शरीफ और मस्जिद अल-हरम की वह पवित्र यात्रा है जिसे साल में कभी भी किया जा सकता है।
असर सिर्फ यात्रा में देरी का नहीं, जेब पर भी पड़ रहा है। टिकट रद्द होने के बाद नई बुकिंग की अनिश्चितता के बीच प्रत्येक वापसी टिकट पर करीब 35 हजार रुपये तक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका है। तय समय से ज्यादा दिन रुकने की मजबूरी से होटल, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। जो यात्री टूर पैकेज पर गए हैं, उनकी व्यवस्था तो टूर ऑपरेटर संभाल रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत इंतजाम पर गए लोगों को हर रुपया अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को नौकरी छूटने और घर में तय शादियों की चिंता भी सता रही है।
सऊदी में फंसे उमराह यात्री: दूतावास की मदद और 24 घंटे हेल्पलाइन
सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में सऊदी जनता और नेतृत्व के साथ खड़ा है। उन्होंने मृतकों के परिवारों से संवेदना जताई और घायल 11 भारतीयों की मदद के लिए अस्पताल प्रशासन और उनके परिजनों से बात की जा रही है।
रियाद स्थित भारतीय मिशन ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे चलने वाला नियंत्रण कक्ष शुरू किया है। दूतावास ने भारतीयों से शांत और सतर्क रहने की अपील की है — हवाई हमले की स्थिति में खुले में न रहें, सुरक्षित इमारत के अंदर रहें, और हमलों की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें, क्योंकि यह सऊदी कानूनों का उल्लंघन हो सकता है।
सऊदी में फंसे उमराह यात्री: अब कौन-कौन से विकल्प बचे हैं
हालात पूरी तरह बंद नहीं हैं — कुछ रास्ते अभी खुले हैं। रद्द उड़ानों के टिकट पर एयरलाइन से पूरा रिफंड लिया जा सकता है, जो वैकल्पिक बुकिंग में काम आएगा। राजदूत के मुताबिक सऊदिया, फ्लाईनास और फ्लाईडील की उड़ानें उपलब्ध हैं, और पड़ोसी खाड़ी देशों के रास्ते भी भारत लौटा जा सकता है — लेकिन बुकिंग से पहले उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। पैकेज पर गए यात्री अपने टूर ऑपरेटर से लगातार संपर्क में रहें, और सभी यात्री एयरलाइन की वेबसाइट तथा दूतावास की ताजा एडवाइजरी देखते रहें।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में एयर इंडिया से जुड़ी बड़ी घटनाएं और नई घरेलू उड़ानों की खबरें राजस्थान में लगातार आ रही हैं।
आगे क्या होगा: नजरें 20 अक्टूबर पर
एयर इंडिया ने कहा है कि वह हालात पर करीब से नजर रख रही है और सुरक्षित परिचालन दोबारा शुरू करने के लिए स्थिति का लगातार आकलन कर रही है। सऊदी में फंसे उमराह यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रिफंड और रीबुकिंग की जानकारी के लिए सीधे एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट देखें। कंपनी का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। 20 अक्टूबर के बाद उड़ानें बहाल होंगी या रद्दीकरण की अवधि बढ़ेगी — यह सऊदी में जमीनी हालात पर निर्भर करेगा।
परिवारों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि फंसे परिजनों से नियमित संपर्क बनाए रखें, दूतावास की हेल्पलाइन का नंबर संभालकर रखें और किसी भी अनजान एजेंट के झांसे में न आएं।
मुख्य तथ्य एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| फंसे यात्री | करीब 5,000 (राजस्थान के 8+ जिलों से) |
| स्थान | मक्का और मदीना, सऊदी अरब |
| रद्द उड़ानें | एयर इंडिया: रियाद, दम्माम, जेद्दा — 20 अक्टूबर 2026 तक |
| अन्य एयरलाइनें | इंडिगो, अकासा, खाड़ी क्षेत्र की कई एयरलाइनें |
| रिफंड | प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड |
| हेल्पलाइन | भारतीय दूतावास: 24 घंटे नियंत्रण कक्ष + उमराह हेल्पलाइन |
| अतिरिक्त खर्च का अंदेशा | प्रति वापसी टिकट ~35,000 रुपये तक |
| पृष्ठभूमि | 10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट हमले में 1 भारतीय की मौत |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सऊदी की उड़ानें कब तक रद्द रहेंगी?
एयर इंडिया ने रियाद, दम्माम और जेद्दा की सभी उड़ानें 20 अक्टूबर 2026 तक रद्द की हैं। इसके बाद का फैसला सऊदी के हालात के आकलन पर निर्भर करेगा।
टिकट का पैसा वापस मिलेगा?
हां, एयरलाइन ने रद्द उड़ानों के टिकट पर पूरा रिफंड देने की घोषणा की है।
फंसे यात्री भारत कैसे लौट सकते हैं?
सऊदिया, फ्लाईनास और फ्लाईडील की उड़ानें उपलब्ध बताई गई हैं, और पड़ोसी खाड़ी देशों के रास्ते भी वापसी संभव है — बुकिंग से पहले उड़ान की स्थिति जरूर सत्यापित करें।
मदद के लिए किससे संपर्क करें?
सऊदी में फंसे उमराह यात्रियों के लिए रियाद स्थित भारतीय मिशन का 24 घंटे नियंत्रण कक्ष और विशेष हेल्पलाइन चालू है।
स्रोत: अमर उजाला (16 अक्टूबर 2026), आजतक/एयर इंडिया आधिकारिक बयान (16 अक्टूबर 2026)। हालात बदल सकते हैं — यात्रा से पहले एयरलाइन और दूतावास की ताजा एडवाइजरी जरूर जांचें।