भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले में पाकिस्तान से संचालित एक संदिग्ध स्लीपर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शहजाद भट्टी स्लीपर नेटवर्क के लिए युवाओं को जोड़ने के आरोप में रायसिंहनगर पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। जिस सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए यह नेटवर्क तैयार किया जा रहा था, उसके 34 नए सदस्यों के नाम अब रडार पर हैं। पुलिस अधीक्षक हरीशंकर के मुताबिक तीनों से पूछताछ चल रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जोड़े जा रहे लोगों में 14 से 19 साल के किशोर-किशोरी भी हैं — उन्हें मोटा कमीशन देकर पहले जोड़ा जाता था, फिर देशविरोधी गतिविधियों की ओर धकेलने की आशंका है।
शहजाद भट्टी स्लीपर नेटवर्क: रायसिंहनगर में 3 गिरफ्तारियां कैसे हुईं
रायसिंहनगर पुलिस को खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिला था कि सीमावर्ती गांवों में कुछ युवक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को एक ग्रुप से जोड़ रहे हैं और इस ग्रुप के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़ते हैं। कार्रवाई में तीन युवक गिरफ्तार हुए — सुमित शर्मा पुत्र राजेश शर्मा (एक एनजेडपी), गणेश नायक पुत्र रामस्वरूप नायक (एक एनजेडपी) और निखिल जाट पुत्र विनोद कुमार (गोमांवाली)।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाकर स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ रहे थे और इसी ग्रुप में 34 नए लोगों को सदस्य बनाया गया था। अब जांच एजेंसियां सदस्यों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। एसपी हरीशंकर ने बताया कि पुलिस खुफिया इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने व उसे ध्वस्त करने के प्रयास कर रही है।
14 से 19 साल के युवाओं को कमीशन का लालच देकर कैसे फंसाया जा रहा था
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू उम्र है। पुलिस जांच में 14 से 19 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों को नेटवर्क में शामिल करने के बदले मोटा कमीशन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। आशंका है कि पंजाब के मादक पदार्थों के तस्करों के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के लिए यह नेटवर्क तैयार किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि युवाओं को पहले आर्थिक लालच देकर संपर्क में लाया जाता था और बाद में उन्हें देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जाती थी। पुलिस पड़ताल कर रही है कि कमीशन का पैसा किस रास्ते से आता था।
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| कार्रवाई का स्थान | रायसिंहनगर, जिला श्रीगंगानगर (भारत-पाक सीमा से सटा) |
| गिरफ्तार युवक | 3 — सुमित शर्मा (एक एनजेडपी), गणेश नायक (एक एनजेडपी), निखिल जाट (गोमांवाली) |
| सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य | 34 नए नाम रडार पर, भूमिका की जांच जारी |
| निशाने पर उम्र | 14 से 19 साल के किशोर-किशोरी |
| हैंडलर | पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी, ISI से जुड़ाव का आरोप |
| जांच अधिकारी | पुलिस अधीक्षक हरीशंकर, रायसिंहनगर पुलिस व खुफिया एजेंसियां |
| खबर की तारीख | 8 नवंबर 2026 (पत्रिका) |
शहजाद भट्टी स्लीपर नेटवर्क की पुरानी कड़ियां: सोनू से धोलू तक
आज की गिरफ्तारियां अचानक नहीं हुई हैं — भट्टी के नेटवर्क की कड़ियां श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ तक पहले भी पहुंच चुकी हैं। हनुमानगढ़ के किशनपुरा दिखनादा निवासी जसवंत उर्फ सोनू की गिरफ्तारी राजस्थान में इस नेटवर्क की पहली कड़ी बनी थी। उसके बाद अंबाला में दो किलो विस्फोटक के साथ भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन युवक पकड़े गए।
इसके बाद सुनील उर्फ धोलू और कृश उर्फ शान भी गिरफ्तार हुए। आरोप है कि कृश ने हनुमानगढ़ टाउन और रायसिंहनगर थानों की रेकी कर वीडियो भट्टी तक पहुंचाए थे। लालगढ़ जाटान पुलिस ने सैन्य छावनी के निकट केरा गांव से आकाशदीप को गिरफ्तार किया था। इनसे साफ है कि भट्टी का नेटवर्क लंबे समय से श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ बेल्ट में पैर जमाने की कोशिश कर रहा है।
क्या रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट से जुड़ा है यह नेटवर्क?
श्रीगंगानगर में कुछ दिन पहले अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर रामसिंहपुर के पास ट्रैक के दो स्लीपर ब्लॉक संदिग्ध विस्फोट में क्षतिग्रस्त हुए थे, जिसकी जांच में ATS, IB और NIA जुटी हैं। अधिकारियों ने फिलहाल इन युवकों की भूमिका को उस ब्लास्ट से जुड़ा हुआ नहीं माना है। पुलिस का कहना है कि गहन पूछताछ के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
रेलवे ट्रैक धमाके की जांच अपने स्तर पर जारी है — उस मामले में अब तक कोई विस्फोटक सामान या डेटोनेटर जैसे सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। अनूपगढ़ रेलवे ट्रैक धमाके की पूरी खबर यहां पढ़ें
सीमा पर निगरानी: श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में आगे क्या होगा
एसपी हरीशंकर के मुताबिक बॉर्डर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जांच का अगला कदम ग्रुप के 34 सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका तय करना है। पुलिस पकड़े गए युवकों की पृष्ठभूमि की भी पड़ताल कर रही है, जिसमें पंजाब के नशा तस्करों से उनके संपर्क की बात भी सामने आ रही है।
सीमा सुरक्षा के लिहाज से यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी बेल्ट में पहले ड्रोन के जरिए हेरोइन, विदेशी पिस्टल और आरडीएक्स भेजे जाने के मामले सामने आ चुके हैं — और अब शहजाद भट्टी स्लीपर नेटवर्क की यह कार्रवाई उसी खतरे की नई कड़ी है। रावला ड्रोन कांड के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की खबर यहां पढ़ें और बीकानेर सीमा पर लागू प्रतिबंधों के बारे में यहां पढ़ें। जांच एजेंसियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सोशल मीडिया पर बन रहे ऐसे ग्रुपों को समय रहते पकड़ा जाए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद इस नेटवर्क की और कड़ियां सामने आ सकती हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
स्रोत: पत्रिका — श्रीगंगानगर में पाक हैंडलर शहजाद भट्टी के स्लीपर नेटवर्क का भंडाफोड़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: शहजाद भट्टी कौन है? उत्तर: शहजाद भट्टी पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर है, जिस पर ISI के इशारे पर भारत में स्लीपर नेटवर्क तैयार करने का आरोप है — उससे जुड़े कई लोग पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं।
प्रश्न: श्रीगंगानगर में कितने युवक गिरफ्तार हुए और वे कौन हैं? उत्तर: रायसिंहनगर पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है — सुमित शर्मा, गणेश नायक (दोनों एक एनजेडपी) और निखिल जाट (गोमांवाली)। आरोप है कि वे सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए लोगों को भट्टी के नेटवर्क से जोड़ रहे थे।
प्रश्न: क्या यह नेटवर्क रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट से जुड़ा है? उत्तर: अधिकारियों ने फिलहाल तीनों की भूमिका को रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक ब्लास्ट से जुड़ा हुआ नहीं माना है। दोनों मामलों की जांच अलग-अलग जारी है।
प्रश्न: 34 नाम रडार पर क्यों हैं और आगे क्या होगा? उत्तर: शहजाद भट्टी स्लीपर नेटवर्क से जुड़े ग्रुप में 34 नए लोगों को सदस्य बनाया गया था। पुलिस इन सभी की भूमिका और आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। पूछताछ के बाद और गिरफ्तारियां संभव हैं।