श्रीगंगानगर ड्रोन हेरोइन तस्करी का एक और बड़ा मामला सामने आया है, और इस बार खेप का आकार ही इस कार्रवाई को खास बनाता है — चार किलो से ज्यादा हेरोइन, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह खेप पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए भारत-पाक सीमा के पास गिराई गई थी, और इसे उठाने के लिए पंजाब से आए दो तस्कर पहले से तैयार खड़े थे। लेकिन श्रीगंगानगर पुलिस की मुस्तैदी ने पूरे खेल पर पानी फेर दिया — दोनों तस्कर रंगे हाथों पकड़े गए।
यह कार्रवाई 19 अक्टूबर की रात रावला मंडी थाना क्षेत्र में हुई। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर संभावित ड्रॉप पॉइंट्स पर जाल बिछाया गया था। जब खेप उठाने के लिए जसवंत सिंह और जसविंदर सिंह मौके पर पहुंचे, तो घात लगाए बैठी पुलिस टीम ने उन्हें हेरोइन समेत दबोच लिया। तलाशी में 4.132 किलो हेरोइन बरामद हुई।
पकड़े गए दोनों तस्कर पंजाब के फाजिल्का जिले के रहने वाले हैं। इनमें जसवंत सिंह का नाम पुलिस रिकॉर्ड में पहले से दर्ज है — पंजाब पुलिस ने उसके खिलाफ 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। अधिकारियों के मुताबिक, वह पंजाब और राजस्थान दोनों राज्यों में तस्करी के मामलों से जुड़ा पुराना नाम है, यानी कोई नौसिखिया नहीं।
श्रीगंगानगर ड्रोन हेरोइन तस्करी: क्यों अहम है यह कार्रवाई
इस कार्रवाई की खासियत यह है कि यह एक नियमित चेकिंग का नतीजा नहीं, बल्कि खुफिया जानकारी पर आधारित टारगेटेड ऑपरेशन था। पुलिस को पहले से पता था कि ड्रोन के जरिए एक बड़ी खेप सीमा पार भेजी जा सकती है। इसी सूचना पर रावला मंडी के संभावित पॉइंट्स पर नाकाबंदी की गई।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी खेप उठाने आए थे। बीकानेर रेंज पुलिस इन दिनों पूरे रेंज में नशे के खिलाफ ऑपरेशन चक्रव्यूह चला रही है, जिसकी निगरानी पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के निर्देशन में हो रही है। गिरफ्तार आरोपियों से अब उस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए पूछताछ हो रही है जो पंजाब से राजस्थान तक नशे की खेप पहुंचाने की तैयारी में था।
ड्रोन तस्करी: पाकिस्तान से भारत तक नशे का नया रूट
तरीका आसान और खतरनाक है: रात के अंधेरे में ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से उड़ता है, सीमा के पास तय जगह पर खेप ड्रॉप करता है, और इस पार खड़े तस्कर चंद मिनटों में पैकेट उठाकर गायब हो जाते हैं। पूरा खेल इतनी तेजी से होता है कि इसे पकड़ना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले पाकिस्तान बॉर्डर से सटे होने की वजह से तस्करी नेटवर्क के लिए खास तौर पर संवेदनशील हैं। और सिर्फ नशा ही नहीं — 13 अक्टूबर को रावला क्षेत्र में ही ड्रोन से गिराए गए तीन पैकेट उठाने पहुंचे दो युवकों को सीमा सुरक्षा बल और एएनटीएफ ने दबोचा था, जिनके कब्जे से 7.75 किलो आरडीएक्स, 867 कारतूस, दो विदेशी पिस्टल, चार मैगजीन, पांच बैटरी और एक रिमोट बरामद हुआ था। यानी ड्रोन का इस्तेमाल अब सिर्फ नशे के लिए नहीं, बल्कि हथियार और विस्फोटक भेजने के लिए भी हो रहा है — यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।
एक हफ्ते में सीमा पर बड़े एक्शन: एक नजर में
| तारीख | स्थान | जब्ती | अनुमानित कीमत | गिरफ्तारी |
|---|---|---|---|---|
| 19 अक्टूबर 2026 | रावला मंडी, श्रीगंगानगर | 4.132 किलो हेरोइन (ड्रोन ड्रॉप) | ₹20 करोड़ | 2 तस्कर (पंजाब के) |
| 18 अक्टूबर 2026 | गोलूवाला, हनुमानगढ़ | 11 किलो हेरोइन | ₹50 करोड़ | 5 आरोपी (2 महिलाएं समेत) |
| 13 अक्टूबर 2026 | रावला क्षेत्र, श्रीगंगानगर | 7.75 किलो आरडीएक्स + हथियार | — | 2 युवक (पंजाब के) |
| 18 अक्टूबर 2026 | भांडारेज, दौसा | 293.5 ग्राम स्मैक | ₹1.5 करोड़ | 6 तस्कर (कोटा के) |
इस टेबल से साफ है कि नशे का रूट पंजाब से राजस्थान तक फैला हुआ है, और तस्कर हर बार सीमा के नजदीकी जिलों को ही चुन रहे हैं। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद खेप आना बंद नहीं हो रही — इसलिए जांच एजेंसियां अब सप्लाई के स्रोत यानी सीमा पार के नेटवर्क तक पहुंचने पर जोर दे रही हैं। राजस्थान पुलिस से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पुलिस मुख्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
NDPS एक्ट: हेरोइन तस्करी में क्या सजा मिलती है
हेरोइन की तस्करी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर अपराध है। हेरोइन के लिए वाणिज्यिक मात्रा की सीमा 250 ग्राम तय है — यानी यह खेप उससे 16 गुना ज्यादा है।
NDPS एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी में न्यूनतम 10 साल की कठोर सजा और न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना तय है, जो अधिकतम 20 साल की सजा और दो लाख रुपये तक के जुर्माने तक बढ़ सकता है। दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उनके मोबाइल और कॉल डिटेल खंगाल रही है ताकि नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: श्रीगंगानगर में कितनी हेरोइन जब्त हुई और उसकी कीमत क्या है?
उत्तर: रावला मंडी थाना क्षेत्र में ड्रोन से भेजी गई 4.132 किलो हेरोइन जब्त हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रश्न: श्रीगंगानगर हेरोइन मामले में कौन गिरफ्तार हुआ?
उत्तर: पंजाब के फाजिल्का जिले के निवासी जसवंत सिंह और जसविंदर सिंह गिरफ्तार किए गए हैं। जसवंत सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस ने पहले से 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
प्रश्न: ड्रोन तस्करी का रूट कैसे काम करता है?
उत्तर: रात के अंधेरे में ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से सीमा के पास खेप ड्रॉप कर देता है, और इस पार खड़े तस्कर चंद मिनटों में पैकेट उठाकर आगे के नेटवर्क तक पहुंचा देते हैं।
प्रश्न: हेरोइन तस्करी में NDPS एक्ट के तहत क्या सजा है?
उत्तर: वाणिज्यिक मात्रा (हेरोइन के लिए 250 ग्राम से ज्यादा) की तस्करी में 10 से 20 साल तक की सजा और एक से दो लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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