मेड़ता मंडी भाव आज 29 अक्टूबर को नागौर जिले के किसानों के लिए सबसे बड़ी खबर मसाला फसलों से आई है। मेड़ता सिटी कृषि उपज मंडी में जीरा अधिकतम ₹25,500 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि ईसबगोल का भाव ₹16,500 प्रति क्विंटल तक दर्ज हुआ है। अगर आपके पास जीरा या ईसबगोल की उपज पड़ी है, तो मंडी जाने से पहले आज के भावों की यह सूची देख लें, क्योंकि एक ही दिन में गुणवत्ता के हिसाब से एक ही फसल के दाम में हजारों रुपये का अंतर देखा जा रहा है।
आज की सूची में सिर्फ दो मसाले ही नहीं, बल्कि मूंग, चना, ग्वार, सौंफ, सुवा, तारामीरा, असालिया और रायड़ा के भी ताजा भाव शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में हर फसल का न्यूनतम और अधिकतम भाव दिया गया है, ताकि अपनी फसल की गुणवत्ता के हिसाब से मिलने वाले दाम का अंदाजा लगा सकें।
सबसे पहले जान लें: आज के टॉप रेट
जीरा आज भी मेड़ता मंडी की सबसे महंगी फसल बना हुआ है। इसका भाव ₹17,000 से लेकर ₹25,500 प्रति क्विंटल तक रहा है। अच्छी गुणवत्ता वाले जीरे को सामान्य जीरे से प्रति क्विंटल ₹8,500 तक ज्यादा मिल सकता है।
ईसबगोल दूसरे नंबर पर है: ₹12,500 से ₹16,500 प्रति क्विंटल। यह एक औषधीय फसल है, इसलिए इसकी मांग साल भर बनी रहती है। सौंफ ₹8,000 से ₹13,000 तक बिकी, जो मसाला कारोबार की सक्रियता दिखाता है। दलहन में मूंग ₹7,000 से ₹8,450 और चना ₹6,300 से ₹6,750 तक रहा।
पूरी टेबल: मेड़ता मंडी भाव आज 29 अक्टूबर 2026
| फसल | न्यूनतम भाव (₹/क्विंटल) | अधिकतम भाव (₹/क्विंटल) |
|---|---|---|
| जीरा | 17,000 | 25,500 |
| ईसबगोल | 12,500 | 16,500 |
| सौंफ | 8,000 | 13,000 |
| सुवा | 9,000 | 11,500 |
| रायड़ा | 8,300 | 8,600 |
| मूंग | 7,000 | 8,450 |
| असालिया | 6,500 | 7,700 |
| ग्वार | 7,000 | 7,611 |
| तारामीरा | 6,800 | 7,450 |
| चना | 6,300 | 6,750 |
टेबल से साफ है कि मसाला फसलों और दलहन के बीच दाम का फासला बड़ा है। हर फसल की अपनी बाजार मांग और अपना खरीदार वर्ग होता है, इसलिए तुलना हमेशा उसी फसल के भीतर करें।
जीरा और ईसबगोल के दाम ऊंचे क्यों रहते हैं
जीरा भारतीय रसोई का रोजमर्रा का मसाला है, लेकिन इसकी खेती सीमित इलाकों में होती है और इसकी गुणवत्ता पर बहुत कुछ निर्भर करता है। दाने का रंग, खुशबू, सफाई और नमी ही जीरे का दाम तय करती हैं। अच्छी तरह सुखाया गया, साफ-सुथरा और एक समान दाने वाला जीरा हमेशा ऊंचे भाव पर बिकता है, जबकि नमी या मिट्टी मिला जीरा उसी मंडी में कई हजार रुपये कम में बिक जाता है।
ईसबगोल का बाजार रसोई तक सीमित नहीं है। दवा और स्वास्थ्य उत्पाद बनाने वाली इकाइयों की मांग इसके भाव को सहारा देती है, इसलिए किसान इसे नकदी फसल की तरह देखते हैं। सुवा भी आज ₹9,000 से ₹11,500 तक रहा, जो दलहन से काफी बेहतर है।
एक ही फसल के भाव में हजारों का अंतर क्यों
मेड़ता मंडी भाव आज की टेबल में सबसे चौंकाने वाली बात जीरे का ₹8,500 का दायरा है। इसका जवाब गुणवत्ता में छिपा है। मंडी में बोली के दौरान खरीदार सबसे पहले दाने को देखता है, फिर उसकी सफाई, नमी और टूट-फूट का अंदाजा लगाता है। अगर उपज में मिट्टी, कंकड़ या टूटे दाने ज्यादा हैं, तो खरीदार को उसे साफ करने में अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, और वह खर्च सीधे किसान के दाम से कटता है।
नमी भी बड़ा कारण है: ज्यादा नमी वाली उपज भंडारण में खराब हो सकती है, इसलिए उसका दाम कम लगता है। उस दिन की आवक भी असर डालती है — आवक ज्यादा होने पर भाव दबाव में आ सकते हैं। इसलिए मंडी भाव को आवक, गुणवत्ता और मांग के मिले-जुले असर की तरह देखें।
मंडी ले जाने से पहले ये जांच जरूर कर लें
पहला काम, उपज को अच्छी तरह सुखा लें। नमी ज्यादा होने पर न सिर्फ दाम कम मिलता है, बल्कि भंडारण के दौरान फफूंद का खतरा भी बढ़ता है। दूसरा, उपज को छानकर मिट्टी और कंकड़ अलग कर लें; साफ उपज पर बोली हमेशा बेहतर लगती है। तीसरा, एक छोटा नमूना अलग रख लें, ताकि बोली के समय आप अपनी उपज की गुणवत्ता पर बात कर सकें।
चौथा, उसी दिन का ताजा भाव जरूर देख लें — भाव रोज बदलते हैं। पांचवां, तौल के समय खुद मौजूद रहें और पर्ची संभालकर रखें। छठा, भुगतान की शर्त पहले ही साफ कर लें। सातवां, खुले में पड़ी उपज को बारिश से बचाने का इंतजाम पहले से कर लें। ये छोटी सावधानियां कई बार प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपये का फायदा करा देती हैं।
मौसम अलर्ट: 29-30 अक्टूबर को बारिश की संभावना
मंडी भाव के साथ-साथ मौसम की जानकारी भी इस समय उतनी ही जरूरी है। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। 29-30 अक्टूबर के बारिश और ओलावृष्टि अलर्ट की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
अगर कटी फसल खुले में पड़ी है, तो उसे तिरपाल से ढककर रखें। भीगने के बाद गुणवत्ता गिरती है और मंडी में दाम भी घटता है।
दूसरी मंडियों के भाव से तुलना कैसे समझें
हर मंडी का अपना बाजार होता है, इसलिए कोटा या भीलवाड़ा का भाव मेड़ता में लागू नहीं होगा। जिस मंडी में उपज बेचनी है, उसी का उसी दिन का भाव देखें। ग्वार के भाव में तेजी की उम्मीद वाली खबर और भीलवाड़ा मंडी भाव की 27 अक्टूबर वाली रिपोर्ट से भी यही समझ आता है कि अलग-अलग मंडियों में भावों का रुख अलग हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेड़ता मंडी में आज जीरे का भाव क्या है?
आज 29 अक्टूबर को मेड़ता मंडी में जीरा ₹17,000 से ₹25,500 प्रति क्विंटल तक रहा है। अधिकतम भाव अच्छी गुणवत्ता वाले जीरे को मिला है।
ईसबगोल का आज का भाव कितना है?
ईसबगोल आज ₹12,500 से ₹16,500 प्रति क्विंटल तक बिका है। यह मेड़ता मंडी की दूसरी सबसे महंगी फसल रही है।
मूंग और चना आज किस भाव पर बिके?
मूंग ₹7,000 से ₹8,450 प्रति क्विंटल और चना ₹6,300 से ₹6,750 प्रति क्विंटल तक रहा है। दोनों के भाव गुणवत्ता और दाने की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग रहे हैं।
क्या ये भाव कल भी यही रहेंगे?
नहीं, मंडी भाव रोज बदलते हैं। आवक, गुणवत्ता और खरीदारों की मांग के हिसाब से हर दिन नया भाव बनता है। इसलिए उपज बेचने से पहले उसी दिन का ताजा भाव जरूर जांच लें।
नोट: यहां दिए गए भाव 29 अक्टूबर 2026 को मेड़ता सिटी मंडी में उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। वास्तविक बोली के दौरान गुणवत्ता और आवक के हिसाब से कीमतों में अंतर संभव है। मंडी में बोली से पहले ताजा भाव की पुष्टि जरूर कर लें।