राजस्थान DPC 15 नवंबर पदोन्नति की डेडलाइन राज्य के हर सरकारी कर्मचारी के लिए बड़ी खबर बन गई है। कार्मिक विभाग ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें 15 नवंबर तक हर हाल में आयोजित की जाएं और पदोन्नति की पूरी कार्रवाई उसी तारीख तक निपटा दी जाए। यह निर्देश सभी प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और नियुक्ति प्राधिकारियों को भेजा गया है, यानी अब किसी विभाग के पास बैठक टालने का बहाना नहीं बचेगा।
राजस्थान DPC 15 नवंबर: विभागों को क्या-क्या पूरा करना होगा
कार्मिक विभाग की सचिव अर्चना सिंह की ओर से जारी सर्कुलर में काम की रूपरेखा बता दी गई है। पहले हर विभाग को अपने संवर्गों की रिक्तियों की स्थिति साफ करनी होगी, क्योंकि बिना रिक्ति के पदोन्नति हो ही नहीं सकती। फिर वरिष्ठता के आधार पर पात्र कर्मचारियों की सूची बनेगी और विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में नामों पर विचार होगा।
निर्देश सिर्फ बैठक बुलाने तक सीमित नहीं है। सर्कुलर में कहा गया है कि पदोन्नति संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, यानी बैठक के बाद फाइल अटकनी नहीं चाहिए। कई बार DPC हो जाती है, लेकिन पदस्थापन आदेश महीनों तक जारी नहीं होते। इस बार बैठक से लेकर आदेश तक की प्रक्रिया तय समय में पूरी होने की उम्मीद है।
किन कर्मचारियों पर इस आदेश का सीधा असर पड़ेगा
इस आदेश का दायरा एक विभाग तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार के सभी विभागों के वे कर्मचारी इसके दायरे में आते हैं, जिनकी 2026-27 की DPC अब तक नहीं हुई है। इसमें मंत्रालयिक कर्मचारी, तकनीकी संवर्ग, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और दूसरे सभी विभागों के पात्र कर्मचारी शामिल हैं।
कार्मिक विभाग ने अपने आदेश में दर्ज किया है कि कई विभागों में वर्ष 2026-27 की DPC बैठकें आयोजित नहीं की गई हैं, जिससे संबंधित कार्मिकों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब डेडलाइन तय होने के बाद ऐसे सभी विभागों को अपनी बैठकें करानी पड़ेंगी।
पदोन्नति प्रक्रिया की समयसीमा: एक नजर में
| चरण | नियम के अनुसार समयसीमा | अब की स्थिति |
|---|---|---|
| वरिष्ठता की स्थिति तय होना | हर वर्ष 1 अप्रैल की स्थिति में | सूची तैयार करना अनिवार्य |
| अस्थायी वरिष्ठता सूची का प्रकाशन | 1 जनवरी तक | 2023 के परिपत्र में तय |
| अंतिम वरिष्ठता सूची और पदोन्नति | 31 मई तक पूरी होनी थी | कई विभागों में अब तक लंबित |
| सभी संवर्गों की DPC | 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में | नया सख्त निर्देश जारी |
| अनुभव में छूट की अधिसूचना | 17 अगस्त 2026 को जारी | बजट घोषणा की अनुपालना |
वरिष्ठता सूची का नियम समझें, क्योंकि वहीं से शुरू होती है DPC
DPC की पूरी प्रक्रिया वरिष्ठता सूची से शुरू होती है। सेवा नियमों के अनुसार हर वर्ष 1 अप्रैल की स्थिति में वरिष्ठता सूची तैयार करके जारी करना आवश्यक है। इसी सूची से तय होता है कि किस कर्मचारी का नाम पदोन्नति के लिए विचार के दायरे में आएगा। रिक्तियों की उपलब्धता के आधार पर ही विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की जाती है।
कार्मिक विभाग ने 26 अगस्त 2023 के परिपत्र का भी हवाला दिया है। उसके तहत अस्थायी वरिष्ठता सूचियों का प्रकाशन 1 जनवरी तक और अंतिम सूची जारी करके 31 मई तक पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करनी थी। लेकिन कई विभाग इन तारीखों का पालन नहीं कर पाए, जिससे पात्र कर्मचारी महीनों तक पदोन्नति से वंचित रहे।
दो साल की छूट वाली अधिसूचना ने पहले ही खोल दिया था रास्ता
इस आदेश से पहले सरकार एक और बड़ा कदम उठा चुकी है। मुख्यमंत्री की ओर से बजट वर्ष 2026-27 में की गई घोषणा की अनुपालना में सेवा नियमों में पदोन्नति के लिए वांछित अनुभव में दो वर्ष तक की छूट के लिए 17 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी हो चुकी है। जिन कर्मचारियों की पदोन्नति सिर्फ इसलिए रुकी थी क्योंकि उनका अनुभव मानक से थोड़ा कम पड़ रहा था, उन्हें अब इस छूट का लाभ मिल सकता है।
पहले क्यों अटकी रहीं DPC बैठकें
जब नियम पहले से तय थे और छूट भी मिल चुकी थी, तो DPC बैठकें क्यों नहीं हुईं? इसका बड़ा कारण विभागों के भीतर की सुस्ती रही है: वरिष्ठता सूची तैयार करने में देरी, रिक्तियों का आकलन समय पर न होना और बैठक के लिए समिति का गठन न हो पाना। कई विभागों में फाइलें एक टेबल से दूसरे टेबल तक घूमती रहीं और बैठक की तारीख तय ही नहीं हो पाई।
कर्मचारियों के लिए यह देरी आर्थिक नुकसान भी लेकर आती है, क्योंकि पदोन्नति में देरी का मतलब उच्च वेतनमान और भत्तों में देरी है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठन लगातार समयबद्ध DPC की मांग करते रहे हैं।
राजस्थान DPC 15 नवंबर: कर्मचारी अभी क्या करें
अगर आप भी पदोन्नति के पात्र हैं, तो 15 नवंबर तक का समय तैयारी का समय है। सबसे पहले अपने विभाग की वरिष्ठता सूची में अपना नाम और क्रम जांच लें। अगर नाम में कोई गलती है, तो अभी संबंधित कार्यालय में अपना पक्ष दर्ज करा दें, क्योंकि DPC के बाद आपत्ति उठाना मुश्किल हो जाता है। अपने सेवा रिकॉर्ड और योग्यता के दस्तावेज भी अपडेट करके रखें।
अपने विभाग के स्थापना अनुभाग से यह जरूर पता करें कि आपके संवर्ग की DPC की तारीख तय हुई है या नहीं। अगर नहीं हुई है, तो कर्मचारी संगठन या विभागाध्यक्ष के माध्यम से इस निर्देश का हवाला देकर बैठक की मांग करें। दो साल की छूट आपके संवर्ग पर लागू होती है या नहीं, यह भी जांच लें।
हाल के हफ्तों में कर्मचारियों से जुड़ी कई खबरें आई हैं। राजस्थान पुलिस में 52 निरीक्षकों की RPS पदोन्नति और DIPR में 7 महिला अधिकारियों की पदोन्नति इसके उदाहरण हैं। इस खबर का मूल स्रोत ETV Bharat की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राजस्थान DPC की नई डेडलाइन क्या है?
कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि सभी संवर्गों की DPC बैठकें 15 नवंबर तक हर हाल में आयोजित करके पदोन्नति की कार्रवाई पूरी की जाए।
DPC किसे कहते हैं और यह क्यों जरूरी है?
DPC यानी विभागीय पदोन्नति समिति वरिष्ठता सूची और रिक्तियों के आधार पर पात्र कर्मचारियों के नामों पर विचार करके पदोन्नति की सिफारिश करती है। बिना DPC के पदोन्नति नहीं हो सकती।
दो साल की छूट का लाभ किसे मिलेगा?
17 अगस्त 2026 की अधिसूचना के तहत पदोन्नति के लिए वांछित अनुभव में दो वर्ष तक की छूट दी गई है। इसका लाभ उन्हीं संवर्गों को मिलेगा, जो उस अधिसूचना के दायरे में आते हैं।
अगर विभाग 15 नवंबर तक DPC न कराए तो कर्मचारी क्या करे?
कर्मचारी अपने विभागाध्यक्ष या कर्मचारी संगठन के माध्यम से कार्मिक विभाग के निर्देश का हवाला देकर बैठक की मांग कर सकता है। साथ ही अपने सेवा रिकॉर्ड और वरिष्ठता सूची की जांच पहले से करके रखना जरूरी है।