राजस्थान की आशा सहयोगिनियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि के बाद अब उन्हें हर महीने 4,959 रुपये के बजाय 5,455 रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने सीधे 496 रुपये ज्यादा, और पूरे साल में 5,952 रुपये का अतिरिक्त फायदा। बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2026 से लागू माना गया है, इसलिए अक्टूबर महीने का भुगतान जब नवंबर में होगा, तो बैंक खाते में बढ़ी हुई रकम आनी चाहिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 26 अक्टूबर को इस बढ़ोतरी की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है।
यह फैसला उन हजारों महिलाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो गांवों, ढाणियों और शहरों की कच्ची बस्तियों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती हैं। सरकार ने रक्षाबंधन पर दिए गए वादे को हफ्तों के भीतर हकीकत में बदलकर यह संदेश दिया है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के हित उसकी प्राथमिकता में हैं।
आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि का पूरा हिसाब
मानदेय में की गई बढ़ोतरी को समझना बहुत आसान है। सरकार ने मौजूदा मानदेय पर 10 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। पुरानी दर और नई दर के बीच का अंतर पहली नजर में छोटा लगे, लेकिन महीने-दर-महीने जुड़कर यह रकम एक परिवार के बजट में साफ फर्क डालती है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पुराना मानदेय | 4,959 रुपये प्रतिमाह |
| बढ़ोतरी | 10 प्रतिशत |
| नया मानदेय | 5,455 रुपये प्रतिमाह |
| हर महीने अतिरिक्त रकम | 496 रुपये |
| पूरे साल में अतिरिक्त रकम | 5,952 रुपये |
| लागू होने की तिथि | 1 अक्टूबर 2026 से |
| वित्तीय स्वीकृति जारी | 26 अक्टूबर 2026 |
| बढ़ी रकम का पहला भुगतान | नवंबर 2026 में, अक्टूबर के भुगतान के साथ |
यहां एक बात साफ रखना जरूरी है। बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से देय मानी गई है, यानी अक्टूबर का काम भी नई दर से गिना जाएगा। अक्टूबर का भुगतान नवंबर में होता है, इसलिए खाते में बढ़ी हुई रकम पहली बार नवंबर में दिखेगी।
किन आशा सहयोगिनियों को मिलेगा इसका फायदा
यह बढ़ोतरी प्रदेश में कार्यरत आशा सहयोगिनियों पर लागू होगी, जो स्वास्थ्य और महिला बाल विकास के ढांचे के तहत काम कर रही हैं। इनका काम किसी एक गांव या मोहल्ले तक सीमित नहीं है। गर्भवती महिलाओं का नियमित पंजीकरण, टीकाकरण अभियान में सहयोग, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और नवजात शिशुओं की देखभाल जैसे काम इन्हीं के भरोसे आगे बढ़ते हैं। दूरदराज के इलाकों में जहां अस्पताल दूर होता है, वहां आशा सहयोगिनी ही स्वास्थ्य व्यवस्था और परिवार के बीच पहली कड़ी होती है।
इसी वजह से इस फैसले का असर सिर्फ एक वेतन पर्ची तक सीमित नहीं है। जब काम करने वाली महिला को उसकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलता है, तो उसका मनोबल बढ़ता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में आशा सहयोगिनियों की भूमिका पहले भी अहम रही है।
रक्षाबंधन का वादा और 26 अक्टूबर की स्वीकृति
इस बढ़ोतरी की कहानी रक्षाबंधन से जुड़ी है। इस वर्ष रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश भर से आई आशा सहयोगिनी बहनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की थी। उस मुलाकात में सहयोगिनियों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मानदेय वृद्धि की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। मुख्यमंत्री ने बहनों के अनुरोध को आत्मीयता से सुना और रक्षाबंधन के उपहार के रूप में मानदेय में शीघ्र सम्मानजनक बढ़ोतरी का वादा किया था।
26 अक्टूबर को देर शाम वित्तीय स्वीकृति जारी होने के साथ ही वह वादा पूरा हो गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। वादे और स्वीकृति के बीच का यह कम समय ही इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत है।
बैंक खाते में बढ़ी रकम कब दिखेगी, क्या करें
सबसे काम की जानकारी यही है कि बढ़ी हुई रकम कब हाथ में आएगी। चूंकि नई दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू है, इसलिए अक्टूबर महीने का भुगतान नवंबर में नई दर से होना चाहिए। नवंबर में भुगतान मिलने पर बैंक स्टेटमेंट में 5,455 रुपये की प्रविष्टि दिखनी चाहिए, न कि पुरानी 4,959 रुपये की।
- नवंबर में भुगतान मिलने पर रकम जरूर जांचें कि वह 5,455 रुपये है या नहीं।
- अगर रकम पुरानी दर से आई हो, तो अपने ब्लॉक या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से लिखित जानकारी लें।
- मानदेय से जुड़ा कोई भी आधिकारिक आदेश या पत्र संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर दिखाया जा सके।
- किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी मैसेज के कहने पर बैंक जानकारी साझा न करें; मानदेय की जानकारी हमेशा आधिकारिक चैनल से ही लें।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहले के फैसले
सरकार का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उनकी मेहनत का सही मूल्य देना उसकी प्राथमिकता में शामिल है। आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 फीसदी की यह वृद्धि उसी दिशा का एक प्रत्यक्ष उदाहरण बताई जा रही है। इससे पहले भी लखपति दीदी योजना, आंगनवाड़ी मानदेय और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए कई बड़े निर्णय लिए जा चुके हैं।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है, और आशा सहयोगिनियों का मानदेय बढ़ना उसी कड़ी में एक और कदम है। जब हजारों परिवारों की मासिक आमदनी में 496 रुपये की बढ़ोतरी होती है, तो उसका असर बच्चों की पढ़ाई, घर के राशन और स्वास्थ्य पर सीधे दिखता है। स्वास्थ्य विभाग की हालिया समीक्षा बैठकों में भी जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आशा सहयोगिनियों का नया मानदेय कितना हो गया है?
नया मानदेय 5,455 रुपये प्रतिमाह हो गया है, जो पहले 4,959 रुपये था।
मानदेय में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है?
मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है, जिससे हर महीने 496 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
बढ़ा हुआ मानदेय कब से लागू होगा?
बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2026 से लागू माना गया है, और अक्टूबर का भुगतान नवंबर में नई दर से मिलेगा।
मानदेय वृद्धि की घोषणा किसने की है?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 26 अक्टूबर 2026 को इसकी वित्तीय स्वीकृति जारी की है। यह रक्षाबंधन पर दिए गए वादे को पूरा करने वाला फैसला है।
राजस्थान की आशा सहयोगिनियों के लिए यह फैसला एक सम्मानजनक कदम है। 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से लागू नई दर और नवंबर में बढ़ी रकम का भुगतान, ये तीनों बातें मिलकर इस खबर को हजारों परिवारों के लिए सीधी राहत बनाती हैं। स्रोत: पत्रिका।