राजस्थान स्वास्थ्य समीक्षा: गायत्री राठौड़ की सख्त हिदायतें — HPV टीकाकरण 31 अक्टूबर तक, डेंगू-स्क्रब टाइफस पर अलर्ट

राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में मंगलवार को हुई गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा के बाद अस्पतालों में लापरवाही की गुंजाइश अब न के बराबर बची है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की और साफ संदेश दिया — आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए, किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

इस गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा में जिन आदेशों की घोषणा हुई है, उनका सीधा असर राज्य के लाखों मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्वास्थ्य कर्मियों पर पड़ेगा — एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य, डेंगू-स्क्रब टाइफस की रोकथाम, आशा सहयोगिनियों का भुगतान और 108 एंबुलेंस सेवाएं, हर मुद्दे पर समयबद्ध निर्देश जारी किए गए।

गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा की सबसे बड़ी घोषणा: 31 अक्टूबर तक HPV टीकाकरण शत-प्रतिशत

इस गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा की सबसे समयबद्ध घोषणा एचपीवी टीकाकरण को लेकर रही। प्रमुख शासन सचिव ने निर्धारित लक्ष्यों को 31 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पात्र बालिकाओं की पहचान करने, टीकाकरण सत्रों की प्रभावी योजना बनाने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।

एचपीवी टीका बच्चेदानी के मुंह के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से बचाव के लिए दिया जाता है और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में यह टीकाकरण सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चलाया जा रहा है — अगर आपके घर या आस-पड़ोस में पात्र बालिका है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर निर्धारित सत्र में टीका जरूर लगवाएं।

आशा सहयोगिनियों और जननी सुरक्षा योजना का भुगतान अब समय पर

स्वास्थ्य तंत्र की जमीनी रीढ़ मानी जाने वाली आशा सहयोगिनियों के लिए भी इस गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा से अच्छी खबर आई है। प्रमुख शासन सचिव ने आशा सहयोगिनियों के प्रोत्साहन भुगतान और जननी सुरक्षा योजना के तहत देय प्रोत्साहन राशि का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

अक्सर यह शिकायत रहती थी कि आशा कार्यकर्ताओं की मेहनताना राशि महीनों तक लंबित रहती है, जिससे उनका मनोबल टूटता है। इसके साथ ही विभाग के कार्मिकों के लंबित वेतन संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने पर भी जोर दिया गया — भुगतान में देरी से स्वास्थ्य कर्मियों और योजना के लाभार्थियों दोनों को परेशानी होती है, इसलिए हर लंबित भुगतान तय समयसीमा में निपटाया जाए।

गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा में डेंगू-स्क्रब टाइफस पर अलर्ट

मौसमी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा में डेंगू और स्क्रब टाइफस के खिलाफ प्रभावी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा संस्थानों में इन बीमारियों की जांच, उपचार और जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।

इस मौसम में डेंगू के मामले आमतौर पर बढ़ जाते हैं, ऐसे में मैदानी स्तर पर रोकथाम गतिविधियां तेज करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सलाह है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और खुद से दवा न लें। 108 एंबुलेंस और 104 जननी एक्सप्रेस सेवाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा उनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए — आपात स्थिति में इन सेवाओं का लाभ हर नागरिक निशुल्क ले सकता है।

मातृ स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता — हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर कड़ी नजर

गायत्री राठौड़ ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए — गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, एएनसी (प्रसव पूर्व) जांच और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की समय पर पहचान एवं समुचित प्रबंधन की नियमित समीक्षा की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जांच, उपचार और रेफरल सुविधाएं समय पर मिलें, इस पर बैठक में विशेष जोर रहा।

गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए यह जानना उपयोगी है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव और 104 जननी एक्सप्रेस जैसी निशुल्क परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं — इनका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी इस गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा में दिए गए हैं।

अस्पतालों का बुनियादी ढांचा — डॉक्टर, CT-MRI और टीबी उन्मूलन

जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम के तहत कार्यरत चिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग अधिक मरीज भार वाले चिकित्सा संस्थानों में करने के निर्देश दिए गए, ताकि भीड़भाड़ वाले अस्पतालों में उपचार व्यवस्था मजबूत हो सके। गायत्री राठौड़ ने जर्जर भवनों का उपयोग नहीं करने और आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा।

जिन चिकित्सा संस्थानों में सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के संचालन से जुड़े एमओयू का नवीनीकरण लंबित है, वहां जिला कलेक्टर, जिला स्वास्थ्य समिति अथवा RMRS की अनुमति से आरएमआरएस के माध्यम से सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए गए — मरीजों की जांच सेवाएं कागजी अड़चन के कारण नहीं रुकेंगी।

टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए जोश (JOSH) टीमों को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। टीबी की स्क्रीनिंग और जांच के लिए उपलब्ध हैंड-हेल्ड मशीनों का शत-प्रतिशत उपयोग करने, भूमि के अभाव में लंबित मामलों को जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर समाधान कराने और हस्तांतरित भवनों को जल्द क्रियाशील बनाने के निर्देश भी दिए गए। इस गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा की अहम बात यह है कि इसमें सिर्फ चेतावनी नहीं दी गई — प्रत्येक निर्देश के साथ निगरानी का तरीका भी तय किया गया है।

बैठक के प्रमुख निर्देश — एक नजर में

विषय प्रमुख निर्देश सीधा फायदा
एचपीवी टीकाकरण 31 अक्टूबर तक लक्ष्य शत-प्रतिशत किशोरियों को कैंसर से बचाव का टीका समय पर
आशा सहयोगिनी भुगतान प्रोत्साहन राशि निर्धारित समय पर जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को राहत
जननी सुरक्षा योजना देय प्रोत्साहन राशि समय पर प्रसूता लाभार्थियों को वित्तीय मदद बिना देरी
मौसमी बीमारियां डेंगू-स्क्रब टाइफस रोकथाम, जांच-दवा की पर्याप्तता मरीजों को समय पर उपचार
मातृ स्वास्थ्य पंजीकरण, एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समीक्षा सुरक्षित प्रसव और बेहतर निगरानी
एंबुलेंस सेवाएं 108 और 104 जननी एक्सप्रेस का नियमित निरीक्षण आपात परिवहन की भरोसेमंद सुविधा
टीबी उन्मूलन जोश टीमों की सक्रियता, हैंड-हेल्ड मशीनों का पूर्ण उपयोग टीबी की जल्द पहचान और इलाज

यदि आप या आपके परिजन किसी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े हैं — चाहे वह आशा कार्यकर्ता हों, गर्भवती महिला हों या टीकाकरण की पात्र बालिका — तो इन सुविधाओं का लाभ लेने में संकोच न करें। किसी भी जानकारी के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संपर्क किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: गायत्री राठौड़ स्वास्थ्य समीक्षा बैठक कब हुई?
उत्तर: मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, जिसमें प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।

प्रश्न 2: एचपीवी टीकाकरण की अंतिम समयसीमा क्या है?
उत्तर: 31 अक्टूबर तक लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश हैं। पात्र बालिकाएं नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान या आंगनबाड़ी केंद्र से टीकाकरण सत्र की जानकारी लें।

प्रश्न 3: आशा सहयोगिनियों को क्या राहत मिली?
उत्तर: प्रोत्साहन भुगतान और जननी सुरक्षा योजना की देय राशि का भुगतान निर्धारित समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रश्न 4: डेंगू-स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए क्या कहा गया?
उत्तर: रोकथाम की प्रभावी गतिविधियां चलाने और चिकित्सा संस्थानों में जांच, उपचार व जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।

यह लेख राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग की 13 अक्टूबर 2026 की समीक्षा बैठक पर आधारित है। अधिक स्वास्थ्य समाचारों के लिए Raj News पर बने रहें।

Leave a Comment