JDA Bulldozer on New Sanganer Road: हाईकोर्ट के आदेश पर जयपुर में 210 मकान-दुकानों पर कार्रवाई शुरू — 6 अक्टूबर तक पालना रिपोर्ट, व्यापारियों का विरोध, मामला सुप्रीम कोर्ट तक

जयपुर के न्यू सांगानेर रोड पर सोमवार सुबह से बुलडोजर चलने लगे हैं। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है — दायरे में 210 से ज्यादा मकान, दुकानें और शोरूम हैं। दीपावली से ठीक पहले शुरू हुई कार्रवाई से सैकड़ों व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है, और मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने JDA को 6 अक्टूबर तक पालना रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था — इसी डेडलाइन के दबाव में कार्रवाई तेज हुई है।

एक नजर में: कार्रवाई के अहम तथ्य

बिंदु जानकारी
कार्रवाई की तारीख 5 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
विभाग JDA की प्रवर्तन शाखा
कानूनी आधार राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश
प्रभावित हिस्सा सोडाला तिराहा से गुर्जर की थड़ी (करीब 2.3–3 किमी)
मास्टर प्लान लक्ष्य सड़क की चौड़ाई 160 फीट
चिह्नित अतिक्रमण 210 से ज्यादा (मकान, दुकान, शोरूम, दीवार, रैंप)
पालना रिपोर्ट की डेडलाइन 6 अक्टूबर 2026
प्रवर्तन अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक इस्लाम खान

डिमार्केशन पर सबसे बड़ा सवाल: एक ही लाइन में 6 फीट से 29 फीट तक के नोटिस?

कार्रवाई के केंद्र में JDA का डिमार्केशन है, जिस पर सबसे तीखा विवाद है। न्यू सांगानेर रोड व्यापार मंडल के महामंत्री पंकज शर्मा का कहना है कि विरोध सिर्फ बुलडोजर पर नहीं, डिमार्केशन के आधार पर है — एक ही बिल्डिंग लाइन में खड़ी करीब 50 दुकानों में किसी को 6 फीट, किसी को 9 फीट और कहीं 29 फीट तक का नोटिस दिया गया है।

शर्मा ने मेट्रो की मौजूदगी को भी मुद्दा बनाया — पिलर पहले से हैं, जिनके एक तरफ चौड़ाई करीब 35–40 फीट और दूसरी तरफ 45–48 फीट है। “पिलर भविष्य में भी वहीं रहेंगे, तो एक तरफ 38 फीट और दूसरी तरफ 60–80 फीट सड़क का आधार क्या है?” — यह सवाल अब अदालत में भी उठाया जाएगा।

JDA के प्रवर्तन अधिकारी इस्लाम खान की सफाई है कि डिमार्केशन, नोटिस और पीटी सर्वे — सब हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ। सोमवार को पहले चरण में केवल सड़क सीमा में दिख रहे अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं; आपत्तियों की जांच के बाद ही आगे की चरणबद्ध कार्रवाई होगी।

त्योहारों से ठीक पहले बुलडोजर — व्यापारी नाराज, अधिकारी बोले ‘सतत प्रक्रिया’

समय को लेकर व्यापारियों की नाराजगी सबसे ज्यादा है। नवरात्रि और दीपावली से ठीक पहले हो रही कार्रवाई ने चिंता दोगुनी कर दी है — यह वही समय है जब बाजार में भीड़ और बिक्री दोनों चरम पर होती हैं। कई दुकानदारों ने कार्रवाई की आशंका देखते ही खुद सामान समेटना शुरू कर दिया ताकि मशीनरी पहुंचे तो नुकसान कम हो। व्यापारियों का कहना है कि इससे कारोबार प्रभावित होगा और रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा। वे उचित मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था मांग रहे हैं।

इस सवाल पर इस्लाम खान ने कहा कि यह सतत प्रक्रिया है — “12 महीने ही त्योहार रहते हैं”, और सड़क चौड़ी होगी तो कारोबार और बेहतर होगा।

स्थानीय निवासी पूनम शर्मा का दर्द ज्यादा गहरा है — उनका घर और दुकान, दोनों सड़क के दायरे में हैं। 21 साल की बेटी के साथ परिवार के सामने सड़क पर बैठने की नौबत है, उनका कहना है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो महिलाएं परिवारों सहित सड़क पर उतरकर विरोध करेंगी।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

व्यापार मंडल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहा है। शिकायत है कि 27 सितंबर को नोटिस दिए गए और दो-तीन दिन बाद कोर्ट की छुट्टियां आ गईं — पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। कुछ प्रभावित पहले ही सर्वोच्च न्यायालय जा चुके हैं। मौके पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा भी पहुंचे, और बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात रहा।

पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी है न्यू सांगानेर रोड का चौड़ीकरण?

मास्टर प्लान के तहत न्यू सांगानेर रोड को 160 फीट चौड़ा करने की योजना लंबे समय से है। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी के बीच सड़क किनारे निर्माण और अवैध पार्किंग से यातायात लगातार प्रभावित होता है। JDA ने रोड सीमा में आने वाले निर्माणों को चिह्नित किया और नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने का समय भी दिया था। नोटिस अवधि पूरी होने के बाद विभाग अब मौके पर उतरा है।

यह पहली बार नहीं है — हाल ही में अदालत ने प्रतापनगर से अतिक्रमण हटाकर 16 नवंबर तक पालना रिपोर्ट मांगी थी, और 22 गोदाम से बी-टू बाईपास के 310 अतिक्रमण तीन माह में हटाने के निर्देश दिए थे।

प्रभावितों के लिए काम की जानकारी

  • आपत्ति का मौका: जिन नोटिसों पर आपत्तियां आई हैं, JDA उनकी जांच के बाद ही आगे की चरणबद्ध कार्रवाई करेगा।
  • खुद अतिक्रमण हटाना: मशीनरी से तोड़फोड़ से पहले खुद निर्माण हटाने से नुकसान कम होता है — कई लोगों ने यही किया है।
  • कानूनी राह: व्यापार मंडल सुप्रीम कोर्ट जा रहा है; कुछ प्रभावित पहले ही जा चुके हैं।
  • मुआवजे की मांग: उचित मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग पर फैसला प्रशासन-अदालत की प्रक्रिया के बाद होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: न्यू सांगानेर रोड पर JDA की कार्रवाई क्यों हो रही है?

जवाब: राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर JDA न्यू सांगानेर रोड का अतिक्रमण हटा रहा है। मास्टर प्लान के तहत इस सड़क को 160 फीट चौड़ा किया जाना है, और कार्रवाई 5 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है।

सवाल: कितने निर्माण कार्रवाई के दायरे में हैं?

जवाब: सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी के बीच करीब 2.3 से 3 किलोमीटर के हिस्से में 210 से ज्यादा मकान, दुकानें, शोरूम, दीवारें और रैंप चिह्नित किए गए हैं।

सवाल: हाईकोर्ट ने JDA को क्या निर्देश दिया है?

जवाब: हाईकोर्ट के निर्देश के तहत JDA को 6 अक्टूबर तक कार्रवाई की पालना रिपोर्ट पेश करनी है। इसी समय सीमा को देखते हुए विभाग ने कार्रवाई तेज की है।

सवाल: त्योहारों के समय कार्रवाई पर व्यापारियों की क्या प्रतिक्रिया है?

जवाब: व्यापारी नाराज हैं — नवरात्रि-दीपावली से ठीक पहले कार्रवाई से कारोबार प्रभावित होगा, उनका कहना है। वे उचित मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था मांग रहे हैं, और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं।

न्यू सांगानेर रोड का मामला अब सिर्फ सड़क चौड़ीकरण का नहीं रहा — यह विकास बनाम रोजी-रोटी की बहस है। 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश होने वाली पालना रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की याचिका — दोनों इसका अगला अध्याय तय करेंगी।

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