भरतपुर में सोमवार को शहर का नक्शा बदलने वाली कार्रवाई हुई। भरतपुर विकास प्राधिकरण (BDA) की टीम आरबीएम अस्पताल से चांदपोल तक के मार्ग पर उतरी और भरतपुर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रहे अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए। मास्टर प्लान में इस सड़क की चौड़ाई 36 मीटर तय है — नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण ने सोमवार को मैदान में कार्रवाई की।
इस भरतपुर सड़क चौड़ीकरण अभियान की सबसे दिलचस्प घटना तब हुई, जब टीम सिंगल ऑयल मिल के पास पहुंची। अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू होते ही मिल मालिक ने खुद आगे बढ़कर अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। आयुक्त कनिष्क कटारिया के निर्देश पर तहसीलदार मनीष मीणा के साथ पहुंची टीम ने आरबीएम से चांदपोल के बीच अस्थायी और स्थायी — दोनों तरह के अतिक्रमण हटाए। प्राधिकरण ने साफ किया है कि भरतपुर सड़क चौड़ीकरण के दायरे में बचे अतिक्रमण के लिए सिर्फ तीन दिन की मोहलत है; तय समय में अतिक्रमण न हटा तो BDA खुद कार्रवाई करेगा।
भरतपुर सड़क चौड़ीकरण: 36 मीटर रोड का मास्टर प्लान
BDA ने मास्टर प्लान के अनुरूप आरबीएम अस्पताल से चांदपोल तक की सड़क को 36 मीटर चौड़ा करने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब है कि सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 18-18 मीटर का हिस्सा सड़क सीमा में आएगा। इस दायरे में आने वाले दुकानों के छज्जे, गोदामों की दीवारें, पत्थर की पट्टियां और अस्थायी ठेले-खोमचे — सब अतिक्रमण की श्रेणी में गिने जाएंगे।
मास्टर प्लान शहर के विस्तार की दिशा और जगह तय करता है। आरबीएम अस्पताल इस क्षेत्र का बड़ा चिकित्सा संस्थान है — यहां रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल तक जाने वाली सड़क का अतिक्रमण से घिरा होना सिर्फ जाम की समस्या नहीं, आपात स्थिति में एंबुलेंस की रफ्तार से जुड़ा सवाल भी है। इसी वजह से भरतपुर सड़क चौड़ीकरण को प्राधिकरण ने प्राथमिकता सूची में रखा।
इसी तरह की कार्रवाई जयपुर में भी हो चुकी है, जहां JDA ने न्यू सांगानेर रोड पर हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान चलाया था (https://rajnews.in/jda-bulldozer-new-sanganer-road-jaipur-hc-order-5-october-2026/)। वहां भी मास्टर प्लान के दायरे में आ रहे 210 से ज्यादा मकान-दुकानों पर कार्रवाई हुई थी। भरतपुर का ये कदम बताता है कि प्रदेश के विकास प्राधिकरण अब मास्टर प्लान को कागज से निकालकर जमीन पर उतारने की ठान चुके हैं।
भरतपुर सड़क चौड़ीकरण: सोमवार को कहां-कहां हुई कार्रवाई
12 अक्टूबर को आयुक्त कनिष्क कटारिया के नेतृत्व में तहसीलदार मनीष मीणा और BDA अमले ने आरबीएम से चांदपोल के बीच पूरे मार्ग का जायजा लिया और अतिक्रमण मौके पर हटवाए।
सिंगल ऑयल मिल के पास अतिक्रमण मिला तो कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई — तभी मिल मालिक ने स्वयं अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा सहयोग अभियान तेज करता है। काली बगीची से कोठारी स्टोन के बीच सड़क के दोनों ओर लगभग 150 फीट क्षेत्र के अतिक्रमण भी हटाए गए — यहां स्टोन व्यापारियों की पत्थर की पट्टियां चौड़ीकरण में बड़ी बाधा थीं।
कार्रवाई एक नजर में
| स्थान | क्या हुआ | ब्योरा |
|---|---|---|
| आरबीएम अस्पताल – चांदपोल मार्ग | अस्थायी व स्थायी अतिक्रमण हटाए | 36 मीटर चौड़ाई के मास्टर प्लान के दायरे में |
| सिंगल ऑयल मिल परिसर | अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई | मालिक ने स्वयं अतिक्रमण हटाना शुरू किया |
| काली बगीची – कोठारी स्टोन | दोनों ओर ~150 फीट क्षेत्र साफ | स्टोन व्यापारियों की पत्थर की पट्टियां हटवाई गईं |
| समस्त मार्ग | नोटिस की तामील | मध्य बिंदु से 18-18 मीटर दायरे में नोटिस जारी |
भरतपुर सड़क चौड़ीकरण: तीन दिन की मोहलत के बाद क्या होगा
BDA ने आगे का रास्ता भी साफ कर दिया है — शेष अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। ऑयल मिल मालिक को भी चेतावनी दी गई है कि तय अवधि में अतिक्रमण पूरी तरह न हटा तो प्राधिकरण नियमानुसार अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा — यानी फिर बुलडोजर ही अंतिम विकल्प होगा।
प्राधिकरण ने शहर के लोगों और व्यापारियों से अपील की है कि सड़क सीमा में किए गए अतिक्रमण स्वयं हटा लें, ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से पूरे हो सकें। अधिकारियों का कहना है कि स्वयं अतिक्रमण हटाने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद सख्त कदम उठाने में कोई हिचक नहीं होगी।
जयपुर में भी JDA हाल के महीनों में इसी तरह सख्त रहा है — 575 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी (https://rajnews.in/jda-575-crore-jaipur-development-projects-2026/) से लेकर टोंक रोड पर अवैध कॉलोनियां ध्वस्त करने (https://rajnews.in/jaipur-jda-19-bigha-avaidh-colony-dhvast-3-october-2026/) तक। भरतपुर सड़क चौड़ीकरण अभियान उसी सख्ती की अगली कड़ी है।
भरतपुर के लिए क्यों अहम है ये सड़क
भरतपुर पूर्वी राजस्थान का अहम शहर है। आरबीएम अस्पताल तक जाने वाला ये मार्ग व्यावसायिक इलाकों से भी जुड़ता है — स्टोन व्यवसाय और ऑयल मिल के चलते यहां रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। भरतपुर सड़क चौड़ीकरण पूरा होने के बाद 36 मीटर चौड़ी सड़क पर जाम और दुर्घटनाओं का खतरा घटेगा।
अतिक्रमण हटने के बाद खाली जगह पर नालियां, फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं भी व्यवस्थित तरीके से बन सकेंगी — यानी आज का अभियान कल की सुविधाओं की नींव है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: भरतपुर विकास प्राधिकरण (BDA) क्या है?
जवाब: BDA भरतपुर शहर के नियोजित विकास के लिए जिम्मेदार संस्था है। ये मास्टर प्लान बनाता है, सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं की योजनाएं लागू करता है और अतिक्रमण पर कार्रवाई करता है।
सवाल: 36 मीटर सड़क चौड़ीकरण का मतलब क्या है?
जवाब: भरतपुर सड़क चौड़ीकरण के तहत सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 18-18 मीटर तक का हिस्सा सड़क सीमा में रहेगा। इस दायरे के सभी निर्माण अतिक्रमण माने जाएंगे और हटाए जाएंगे।
सवाल: तीन दिन की मोहलत के बाद क्या होगा?
जवाब: तय समय में अतिक्रमण न हटाने पर BDA अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा — यानी जेसीबी से अतिक्रमण हटाया जाएगा, और इसका खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला भी जा सकता है।
सवाल: व्यापारी और निवासी अभी क्या करें?
जवाब: नोटिस पाने वाले तीन दिन के अंदर स्वयं अतिक्रमण हटा लें। स्वयं हटाने पर दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सकता है। जानकारी के लिए BDA कार्यालय से संपर्क करें।