JDA का ₹575 करोड़ का मेगा प्लान: जयपुर विकास कार्यों को मंजूरी, गोपालपुरा एलिवेटेड रोड को ₹250.85 करोड़

जयपुर की सड़कों, नालियों और गलियों के लिए बड़ा दिन। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोमवार को अपनी 10वीं लोक निर्माण समिति (PWC) की बैठक में 575 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों को मंजूरी दे दी। आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गोपालपुरा बायपास पर एलिवेटेड रोड से लेकर मानसरोवर के शिप्रा पथ तक, और विद्याधरनगर के माइस (MICE) सेंटर से लेकर कलवाड़ रोड के स्टॉर्मवाटर ड्रेन तक — शहर के हर कोने को कुछ न कुछ मिला है। जेडीए अधिकारियों के मुताबिक, ये काम सड़कों, जल निकासी, पैदल यात्रियों की सुविधा, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े हैं।

यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब भारी बारिश के बाद जयपुर में जलभराव और सड़कों की हालत पर सवाल उठ रहे हैं। कागज पर शहर को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है — असली चुनौती अब इन कामों को समय पर और गुणवत्ता के साथ जमीन पर उतारने की है।

₹575 करोड़ की मंजूरी: किन कामों को हरी झंडी मिली

बैठक में कुल मिलाकर ₹575 करोड़ से ज्यादा की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं। सबसे बड़ा हिस्सा यानी लगभग आधी राशि गोपालपुरा बायपास के एलिवेटेड रोड के लिए रखी गई है।

पूरी सूची इस प्रकार है:

परियोजना स्वीकृत राशि (करोड़ ₹)
गोपालपुरा बायपास एलिवेटेड रोड (त्रिवेणी नगर ROB से गुर्जर की थड़ी तक) 250.85
कलवाड़ रोड और निवारु रोड क्षेत्र में स्टॉर्मवाटर ड्रेन (जोन-12, NH बायपास से बांडी नदी तक) 176.22
बेनाड़ रोड, मुरलीपुरा, झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र, निवारु रोड में ड्रेनेज कार्य 58.36
विद्याधरनगर (जोन-B1) में माइस सेंटर (MICE) का निर्माण 42.22
मानसरोवर में शिप्रा पथ का समग्र विकास 26.32
दुर्गापुरा रोड पर सेक्टर रोड (सीके बिड़ला के पास से संस्कृत विश्वविद्यालय, त्रिवेणी नगर तक) 8.53
रामनिवास बाग में फूड एरीना का विकास, निर्माण, संचालन और रखरखाव (EPC मॉडल) 6.37
जोन-C2 की प्रमुख सड़कों के किनारे फुटपाथ का निर्माण और विकास 6.33

बैठक में जेडीए सचिव गौरव सैनी, अतिरिक्त आयुक्त (भूमि) प्रतिभा पारीक, निदेशक (योजना) मृणाल जोशी, निदेशक (वित्त) सुरेश वर्मा, निदेशक (अभियांत्रिकी) देवेंद्र गुप्ता समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गोपालपुरा बायपास एलिवेटेड रोड: ₹250.85 करोड़ की सबसे बड़ी परियोजना

इस पैकेज की सबसे बड़ी परियोजना गोपालपुरा बायपास पर एलिवेटेड रोड है, जिसके लिए ₹250.85 करोड़ की संशोधित प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है। यह एलिवेटेड रोड त्रिवेणी नगर ROB से शुरू होकर गुर्जर की थड़ी के पास तक जाएगी। यह इलाका जयपुर के सबसे व्यस्त और जाम वाले मार्गों में गिना जाता है — ऑफिस के समय यहां लगने वाला जाम रोज़ हजारों लोगों का समय खाता है।

एलिवेटेड रोड का सीधा फायदा यह होगा कि लंबी दूरी का यातायात ऊपर से गुजरेगा, जिससे नीचे की सड़क स्थानीय आवागमन के लिए राहत पाएगी। हालांकि निर्माण कब शुरू होगा और कितने समय में पूरा होगा, इसकी विस्तृत टाइमलाइन जेडीए की ओर से अभी सामने नहीं आई है।

ड्रेनेज पर ₹234 करोड़ से ज्यादा: बारिश के बाद का सबसे बड़ा सबक

मानसून में जयपुर के कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें हर साल सामने आती हैं। इस बार की मंजूरियों में जल निकासी को विशेष जगह मिली है — अकेले ड्रेनेज और स्टॉर्मवाटर ड्रेन पर ₹234.58 करोड़ रखे गए हैं, जिसमें ₹176.22 करोड़ कलवाड़ रोड पर NH बायपास से बांडी नदी तक और निवारु रोड क्षेत्र के लिए है।

इसके अलावा ₹58.36 करोड़ बेनाड़ रोड, मुरलीपुरा, झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र और निवारु रोड तथा आसपास के इलाकों में ड्रेनेज कार्यों के लिए मंजूर किए गए हैं। अगर ये नालियां सही ढंग से बनती हैं तो अगले मानसून में इन इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

मानसरोवर, विद्याधरनगर, दुर्गापुरा: हर ज़ोन को विकास का हिस्सा

मानसरोवर के शिप्रा पथ के समग्र विकास के लिए ₹26.32 करोड़ मंजूर किए गए हैं। दुर्गापुरा रोड पर सीके बिड़ला अस्पताल के पास से संस्कृत विश्वविद्यालय तक सेक्टर रोड के लिए ₹8.53 करोड़ रखे गए हैं, जो त्रिवेणी नगर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

विद्याधरनगर के जोन-B1 में ₹42.22 करोड़ की लागत से माइस (MICE — मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एक्जीबिशन्स) सेंटर बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है। रामनिवास बाग में फूड एरीना के विकास, निर्माण, परामर्श, संचालन और रखरखाव के लिए ₹6.37 करोड़ की स्वीकृति EPC मॉडल पर दी गई है — यानी एक ही एजेंसी डिज़ाइन से लेकर संचालन तक की जिम्मेदारी संभालेगी।

जोन-C2 की प्रमुख सड़कों के किनारे फुटपाथों के निर्माण और विकास के लिए ₹6.33 करोड़ मंजूर किए गए हैं। शहर में फुटपाथ अक्सर अतिक्रमण या रखरखाव की कमी से बेकार हो जाते हैं, इसलिए यह काम कितना असरदार होगा यह क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

आम जयपुरवासी के लिए इसका मतलब क्या है

कागज पर यह एक बड़ा पैकेज है, लेकिन इसका असली मतलब जमीन पर दिखेगा। गोपालपुरा का एलिवेटेड रोड समय पर बने तो दक्षिणी जयपुर के लाखों यात्रियों का रोज़ का सफर आसान होगा, और ड्रेनेज परियोजनाएं अगले मानसून से पहले पूरी हों तो जलभराव वाले इलाकों को राहत मिलेगी। लेकिन सवाल वही पुराना है — घोषणा और मंजूरी के बाद क्रियान्वयन कितना समय लेगा? नागरिकों को चाहिए कि वे इन परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखें और संबंधित जोन कार्यालयों से जानकारी मांगते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: JDA की ₹575 करोड़ की मंजूरी में सबसे बड़ी परियोजना कौन सी है?

जवाब: गोपालपुरा बायपास पर त्रिवेणी नगर ROB से गुर्जर की थड़ी तक बनने वाला एलिवेटेड रोड — ₹250.85 करोड़ की संशोधित स्वीकृति, जो कुल पैकेज का लगभग 44 प्रतिशत है।

सवाल: जल निकासी के लिए कितनी राशि रखी गई है और किन इलाकों को फायदा होगा?

जवाब: ड्रेनेज पर कुल ₹234.58 करोड़ रखे गए हैं — ₹176.22 करोड़ कलवाड़ रोड (NH बायपास से बांडी नदी तक) और निवारु रोड क्षेत्र में स्टॉर्मवाटर ड्रेन के लिए, तथा ₹58.36 करोड़ बेनाड़ रोड, मुरलीपुरा, झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र और निवारु रोड इलाकों के लिए।

सवाल: यह स्वीकृति किस बैठक में और कब दी गई?

जवाब: JDA की 10वीं लोक निर्माण समिति (PWC) की बैठक में, जो सोमवार (29 सितंबर 2026) को आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें ₹575 करोड़ से ज्यादा की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां मंजूर की गईं।

सवाल: रामनिवास बाग का फूड एरीना क्या है और EPC मॉडल का मतलब क्या है?

जवाब: रामनिवास बाग में ₹6.37 करोड़ की लागत से फूड एरीना विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माण के साथ-साथ परामर्श, संचालन और रखरखाव भी शामिल है। EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) मॉडल में एक ही एजेंसी डिज़ाइन से लेकर संचालन तक की पूरी जिम्मेदारी निभाती है।

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