जयपुर में INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक: 1 नवंबर की दिल्ली रैली की तैयारी, 30 अक्टूबर को CEC के खिलाफ ‘जन महाभियोग’

एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महाजुटान से ठीक पहले विपक्षी गठबंधन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। INDIA गठबंधन 1 नवंबर रैली से पहले 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही होगी, और इस पूरी रणनीति को धरातल पर उतारने के लिए रविवार को जयपुर में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की एक अहम बैठक हुई। बैठक में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और संगठन के प्रभारी एक ही मेज पर बैठे — संदेश साफ था कि दिल्ली की रैली में राजस्थान की भागीदारी पूरी ताकत से होगी।

दिल्ली कूच से पहले जयपुर में बनी रणनीति

जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की। इसमें राजस्थान के वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और सह प्रभारी पूनम पासवान बैठक में मौजूद रहे।

बैठक का एजेंडा एक ही था — एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ के लिए राजस्थान से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना, और 30 अक्टूबर की सांकेतिक कार्यवाही का संदेश हर जिले तक पहुंचाना। बैठक में जिलावार जिम्मेदारियां तय की गईं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

INDIA गठबंधन 1 नवंबर रैली: 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक का पूरा कार्यक्रम

INDIA गठबंधन के इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा अब साफ हो गई है। हर तारीख का अपना मकसद है, और तीनों दिन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं:

तारीख कार्यक्रम जगह
30 अक्टूबर 2026 मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ — जनता की अदालत में हटाने का फैसला सुनाया जाएगा नई दिल्ली
31 अक्टूबर 2026 सांसदों और कार्यकर्ताओं का दिल्ली में जमावड़ा, रैली की अंतिम तैयारी नई दिल्ली
1 नवंबर 2026 ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली रामलीला मैदान, नई दिल्ली

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को ही पार्टी के सभी सांसदों को पत्र लिखकर 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली में मौजूद रहने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे आरोपों के मद्देनजर सांसदों की मौजूदगी जरूरी है। यानी यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि तीन दिन तक चलने वाला एक संगठित विरोध प्रदर्शन होगा।

SIR विवाद: आखिर झगड़ा किस बात पर है

इस पूरी मुहिम की जड़ में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। INDIA गठबंधन का आरोप है कि SIR की आड़ में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, और इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हो रहा है। गठबंधन की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लें और पद से हटें।

कांग्रेस ने इसे ‘वोट चोरी’ का नाम दिया है और कहा है कि यह सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं, बल्कि हर मतदाता के अधिकार का सवाल है। यही वजह है कि 30 अक्टूबर को होने वाली कार्यवाही को ‘जन महाभियोग’ कहा जा रहा है — यानी संसद की औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के सामने एक सांकेतिक सुनवाई, जिसमें गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का ‘जनता का फैसला’ सुनाया जाएगा।

राहुल गांधी की अपील: छात्रों से लेकर व्यापारियों तक सबको बुलावा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक नवंबर के कार्यक्रम के लिए छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों — सभी वर्गों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाना और नियमों का उल्लंघन हर नागरिक को प्रभावित करता है, इसलिए यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं है।

गांधी की इस अपील के बाद राज्यों में तैयारियां और तेज हो गई हैं। हिमाचल प्रदेश में INDIA गठबंधन के नेताओं ने शनिवार को ही अभियान तेज कर दिया और वहां से अकेले 20,000 लोगों के दिल्ली पहुंचने का लक्ष्य रखा है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्रवाई लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान अधिकार को कमजोर कर रही है।

राजस्थान के लिए इसका क्या मतलब है

राजस्थान में यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। गांव-गांव में चुनावी माहौल है और कांग्रेस संगठन पहले से ही सक्रिय है। गहलोत, डोटासरा, जूली और पायलट जैसे नेताओं का एक साथ एक मंच पर बैठना भी अपने आप में एक संदेश है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि INDIA गठबंधन 1 नवंबर रैली के लिए राजस्थान से कितने लोग रवाना होते हैं।

INDIA गठबंधन 1 नवंबर रैली के बाद आगे क्या होगा

अब सबकी निगाहें 30 अक्टूबर, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर पर टिकी हैं। 30 अक्टूबर को ‘जन महाभियोग’ की सांकेतिक कार्यवाही होगी, 31 अक्टूबर को दिल्ली में जमावड़ा होगा और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में महारैली। सरकार और चुनाव आयोग की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी देखने लायक होगा।

एक बात तय है — मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर छिड़ी यह बहस अब सिर्फ संसद या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रही। यह सड़कों पर उतर चुकी है, और एक नवंबर की रैली इसका सबसे बड़ा इम्तिहान होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. INDIA गठबंधन 1 नवंबर रैली कब और कहां होगी?
एक नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली होगी।

2. 30 अक्टूबर को ‘जन महाभियोग’ क्या है?
यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन की सांकेतिक कार्यवाही है, जिसमें जनता की अदालत में उन्हें हटाने का फैसला सुनाया जाएगा। यह संसद की औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं है।

3. जयपुर बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, सचिन पायलट, विनोद जाखड़, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूनम पासवान शामिल हुए।

4. SIR विवाद क्या है?
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं, जिससे मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।

स्रोत: ANI के हवाले से Latestly पर प्रकाशित खबर, 25 अक्टूबर 2026।

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